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शहर में स्वकर निर्धारण व्यवस्था लागू

Sat, 30 Apr 2016 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत Updated Sat, 30 Apr 2016 11:46 PM IST
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Determine the assessment system implemented
अपना वेतन दोगुना करने वाले विधायकों को सरकार शिमला में रहने के लिए शानदार निवास भी मुहैया कराती है।
अब शहरवासी अपने गृहकर और जलकर का निर्धारण खुद ही करेंगे। नगरपालिका परिषद ने चार साल पहले आए आदेश को अमलीजामा पहनाते हुए करों की वसूली स्वकर निर्धारण प्रक्रिया के तहत करने का फैसला किया है। शहर में इसे एक अप्रैल, 2016 से लागू कर दिया गया है। शासन ने नगर पालिका परिषद की टैक्स प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने को सितंबर, 2011 में स्वकर निर्धारण प्रक्रिया का शासनादेश जारी किया था। इस प्रक्रिया के तहत शहर के 25 हजार उपभोक्ताओं द्वारा ही गृहकर और जलकर का निर्धारण किया जाना था, लेकिन हीला हवाली के चलते शासनादेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 
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साल भर पहले दरें कम होने पर फंसा था पेच
करीब साल भर पहले इसे अमली जामा पहनाने को बोर्ड में प्रस्ताव रखकर एक कमेटी का गठन किया था। इसके बाद विज्ञप्ति जारी कर आपत्तियां मांगी गई थी। चूंकि उस दौरान दरें इतनी कम था कि टैक्स विभाग के लिए लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन था। इस पर टैक्स विभाग ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद पुन: कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया अधर में लटकी गई थी। 
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स्वीकृति मिलने पर एक अप्रैल से लागू हुई प्रक्रिया
नगर पालिका परिषद ने करीब दो माह पहले स्वकर प्रणाली लागू करने को पुन: बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा गया। दरें तय होने के बाद पुन: आपत्तियां मांगी गईं। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद बायलॉज तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद गजट कराया गया। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इसे एक अप्रैल से लागू कर दिया गया।
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निर्धारित प्रपत्र 15 दिन के भीतर जमा करना होगा
स्वकर निर्धारण प्रणाली के तहत कर वसूली को लेकर नगर पालिका परिषद ने एक प्रपत्र जारी किया है। यह प्रपत्र सभी उपभोक्ताओं को नगर पालिका परिषद के टैक्स अनुभाग से लेना होगा। प्रपत्र जारी होने के 15 दिन के भीतर इसमें संपूर्ण विवरण भरकर जमा करना होगा। इस प्रपत्र में भवन स्वामी को समस्त विवरण मसलन समस्त कमरों, आच्छादित बरामदें, बालकनी, कॉरीडोर, रसोई, भंडारगृह आदि का आंतरिक आयाम (वर्गफुट में) भरना होगा।

टैक्स विभाग करेगा निरीक्षण
स्वकर प्रणाली के तहत जारी प्रारूप में उपभोक्ता जो सूचनाएं भरेंगे, उनकी टैक्स अनुभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर जांच करेंगे। गलत सूचना पाए जाने पर दो हजार रुपये अर्थदंड देना होगा। समयावधि के भीतर प्रपत्र जमा न करने पर एक हजार रुपये का जुर्माना देना होगा।


नगरपालिका परिषद द्वारा अब उपभोक्ताओं से स्वकर निर्धारण प्रणाली के तहत करों की वसूली जाएगी। इसे एक अप्रैल से लागू भी किया जा रहा है। 
- वीपी सिंह, अधिशासी अधिकारी

कर मामले में पारदर्शिता लाने के लिए स्वकर निर्धारण प्रणाली अपनाई गई है। उपभोक्ता जारी प्रपत्र पर मांगी गई सभी सूचनाओं को ठीक तरह से भरकर कर विभाग में ही जमा कर रसीद प्राप्त करें।
 -नर सिंह राणा, कर निर्धारण अधिकारी
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