HPCL Officers Murder: हर्षित के माता-पिता ने प्लांट के अफसरों पर लगाए गंभीर आरोप, सीबीआई जांच की मांग
पीलीभीत के डीएम और एसपी ने शनिवार को पूरनपुर जाकर हर्षित मिश्रा के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान हर्षित के माता-पिता ने घटनास्थल से भागे अफसरों के नाम एफआईआर में शामिल कराने, सीबीआई जांच कराने और दर्ज रिपोर्ट में उनकी तहरीर को शामिल कराने की मांग की।
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हर्षित के पिता सुशील मिश्रा और मां रानी देवी ने पुत्र हर्षित की साजिशन हत्या का आरोप लगाया। कहा कि घटना के समय चल रही बैठक में उनके पुत्र सहित पांच अफसर थे। तीन अफसर मौके से भाग गए। अगर तीनों अफसर नहीं भागते और उनके पुत्र और घायल दूसरे अधिकारी को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता। तब शायद पुत्र की जान बच सकती थी। इसके अलावा एफआईआर ऐसे अफसर की ओर से दर्ज कराई गई, जिसने घटना के कुछ देर बाद ही उनको घटनास्थल पर मौजूद न होने की जानकारी दी। रिपोर्ट बैठक में शामिल रहे और घटना के चश्मदीद अफसरों की ओर से दर्ज कराई जानी चाहिए थी। वादी पर उनका विश्वास ही नहीं है।
रिपोर्ट में जुड़े उनकी तहरीर, सीबीआई जांच हो
हर्षित के माता-पिता ने कहा कि दर्ज रिपोर्ट में उनकी ओर से दी गई तहरीर को जुड़वाया जाए। पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। बदायूं जाने पर उनको सुरक्षा दी जाए। परिजन ने कहा कि घटना के बाद बैठक में शामिल मुख्य अफसर ने तो अपना मोबाइल ही बंद कर लिया है। तब से उससे बात तक नहीं हो पा रही है। अफसरों ने अपनी रिपोर्ट में उनकी बताई बातों को शामिल करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि घटना को मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लिया है। प्रमुख सचिव खुद इसकी मानिटरिंग कर रहे हैं।
पत्नी रोकती रही, जरूरी बैठक की बात कहकर गए थे हर्षित
हर्षित के माता पिता ने अफसरों को बताया कि बैठक में कौन अफसर शामिल हो रहे हैं, इसकी जानकारी पुत्र ने एक दिन पहले ही मोबाइल पर हुई बातचीत में दी थी। बैठक में शामिल होने को बरेली स्थित आवास से निकलने पर उनकी पत्नी रोकती भी रही थी, लेकिन हर्षित बैठक जरूरी होना बताकर घर से निकले थे।
पिछले कई दिनों से रास्ते में रोक रहा था मुख्य आरोपी
हर्षित मिश्रा की मां रानी मिश्रा ने बताया कि उनका पुत्र और उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता एक ही गाड़ी से प्लांट पर अक्सर जाते थे। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह अक्सर रास्ते में गाड़ी के आगे बाइक लगाकर अभद्रता करता और धमकाता था। चार फरवरी को सुधीर गुप्ता ने उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। फिर भी पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। घटना से पहले तो लगातार कई दिनों से रास्ते में रोककर धमका रहा था। इसकी जानकारी पुत्र ने कई बार देने के साथ घटना से एक दिन पहले शाम को दी थी। कई बार वहां के डीएम-एसपी से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी। सुरक्षा न मिलने से पुत्र की हत्या हुई है।
पोस्टमॉर्टम के बाद हर्षित के पास नहीं मिले अंगूठी-घड़ी और पर्स
हर्षित के माता-पिता ने हर्षित की अंगूठी-घड़ी और पर्स गायब करने का आरोप लगाया। डीएम और एसपी को बताया कि पुत्र का मोबाइल और लैपटॉप तो शायद बैठक कक्ष में छूट गया। हर्षित के हाथ में सोने की अंगूठी, घड़ी और जेब में पर्स था। पोस्टमॉर्टम के बाद यह सामान नहीं मिला। अफसरों से हर्षित की अंगूठी, घड़ी, पर्स, लैपटॉप आदि सामान दिलाने की मांग की।
घटना के समय प्लांट के मुख्य गेट पर तैनात था आरोपी का सगा भाई
हर्षित के पिता सुशील मिश्रा ने अफसरों को बताया कि मुख्य आरोपी को राजनीतिक संरक्षण था। पुलिस और उच्च अफसरों से कई बार शिकायत के बाद भी उन लोगों की नहीं सुनी गई। दबंग मुख्य आरोपी, कुछ अफसर व राजनीतिक नेता कर्मचारियों की हाजिरी का दबाव बनाते थे। एक उच्च अफसर के इशारे पर ही मुख्य आरोपी को नौकरी से हटाया गया था। अफसर मुख्य आरोपी को अक्सर दोबारा रखवाने का आश्वासन देते थे। इसको लेकर हर्षित और सुधीर गुप्ता की रंजिश मुख्य आरोपी से बढ़ती गई।
बताया कि मुख्य आरोपी के सगे भाई के शस्त्र लाइसेंस धारी न होने के बाद भी उसे सुरक्षा गार्ड पद पर रखवाया गया था। वह अपने पिता का लाइसेंसी शस्त्र लेकर ड्यूटी करता था। घटना के समय मुख्य आरोपी का सगा भाई गेट पर तैनात था, जिसने मुख्य आरोपी को परिसर में आने की मदद की थी।
अलंकार अग्निहोत्री ने हत्यारोपी को बचाने के षडयंत्र का लगाया आरोप
शुक्रवार की रात करीब 10 बजे को हर्षित मिश्रा के घर पहुंचे बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने परिजन से घटना की जानकारी ली। कहा कि एफआईआर घटना के समय मौजूद रहने वाले अफसर की ओर से होनी चाहिए। अफसर घटना के समय भाग कर बरेली से मुंबई चले गए। एचसीपीएल के कोई उच्च अफसर हर्षित के घर नहीं पहुंचा। एचसीपीएल के एडी ने हर्षित के भाई को बरेली आने को कहा। उन्होंने कहा कि वादी बाद में पलट जाएगा। हत्यारोपी को बचाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जातिवादी है। पुलिस और प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए।