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डेंगू से बालिका की मौत
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:53 PM IST
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जिले में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। डेंगू की चपेट में आकर बीसलपुर के गांव गुलैंदा में एक छात्रा की शनिवार को मौत हो गई। इसी के साथ जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़ कर चार हो गई है। इसके अलावा तेज बुखार की चपेट में आए कई लोग अस्पतालों में भती है। शनिवार को डेंगू की आशंका के चलते शहर के दो सगे भाइयों को बरेली रेफर किया गया है।
इस सबके बावजूद सेहत महकमा सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। तमाम लोग बुखार की चपेट में आकर बरेली समेत अन्य महानगरों के अस्पतालों में भर्ती हैं। शहर के प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना ही मरीज भर्ती हो रहे है। डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर जांच कराने वालों का तांता लग रहा है। हाल ही में शहर निवासी युवक फिरोज की मौत भी डेंगू से हो चुकी है। डेंगू की आशंका के चलते शहर के मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी इरशाद अहमद के पुत्र सलीम और फुरकान को बरेली रैफर किया गया है। घरवालों के मुताबिक डॉक्टरों ने डेंगू होने की बात कही है।
बीसलपुर के गांव गलैंदा निवासी रामकुमार वर्मा ने बताया कि उनकी 12 वर्षीया पुत्री अलका शुक्रवार शाम तेज बुखार की चपेट में आ गई थी। शुक्रवार रात में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। शनिवार सुबह अलका को इलाज के लिए बीसलपुर ले जाया जा रहा था। तभी रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अलका प्राथमिक विद्यालय सफौरा में कक्षा पांच की छात्रा थी। डॉक्टरों ने अलका के डेंगू से पीड़ित होने की आशंका जताई है।
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अब तक नहीं आई जांच रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग डेंगू जैसी गंभीर बीमारी के प्रति कितना सजग है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब पखवाड़ा भर के भीतर विभाग डेंगू की आशंका वाले 27 रोगियों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, लेकिन आज तक इनकी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।
खुद ही बीमारियां बांट रहा स्वास्थ्य विभाग
डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियां मच्छरों व साफ सफाई आदि न होने से फैल रही है। इन सबके बावजूद सीएमओ कार्यालय के सामने दूर दूर तक जलभराव है। जिला अस्पताल का संक्रामक वार्ड भी इसके समीप है। इसको लेकर जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आए एनएचएम के महाप्रबंधक अनिल मिश्रा ने सीएमओ को जलभराव व आसपास फैली गदंगी समाप्त कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन जीएम के इस आदेश को हवा में उड़ा दिया गया।
यह हैं डेंगू के लक्षण
पूरे शरीर और जोड़ों में दर्द।
तेज ठंड लगकर बुखार आना।
पेट दर्द के साथ नाक, आंख से खून बहना।
शरीर पर लाल चकत्ते होना।
वर्जन:
डेंगू को लेकर तमाम भ्रांतियां फैल रही हैं। बुखार आने पर भी प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इसेे ही डेंगू मान लेते हैं। जिले से अब तक 27 डेंगू आशंकित मरीजों के ब्लड सैंपल जांच को भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिल सकी है। विभाग लगातार इन मरीजों से संपर्क रख रहा है।
- डॉ. प्रशांत कुमार, नोडल अधिकारी संक्रामक रोग
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इस सबके बावजूद सेहत महकमा सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहा है। जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। तमाम लोग बुखार की चपेट में आकर बरेली समेत अन्य महानगरों के अस्पतालों में भर्ती हैं। शहर के प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना ही मरीज भर्ती हो रहे है। डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर जांच कराने वालों का तांता लग रहा है। हाल ही में शहर निवासी युवक फिरोज की मौत भी डेंगू से हो चुकी है। डेंगू की आशंका के चलते शहर के मोहल्ला मोहम्मद वासिल निवासी इरशाद अहमद के पुत्र सलीम और फुरकान को बरेली रैफर किया गया है। घरवालों के मुताबिक डॉक्टरों ने डेंगू होने की बात कही है।
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बीसलपुर के गांव गलैंदा निवासी रामकुमार वर्मा ने बताया कि उनकी 12 वर्षीया पुत्री अलका शुक्रवार शाम तेज बुखार की चपेट में आ गई थी। शुक्रवार रात में उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। शनिवार सुबह अलका को इलाज के लिए बीसलपुर ले जाया जा रहा था। तभी रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। अलका प्राथमिक विद्यालय सफौरा में कक्षा पांच की छात्रा थी। डॉक्टरों ने अलका के डेंगू से पीड़ित होने की आशंका जताई है।
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अब तक नहीं आई जांच रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग डेंगू जैसी गंभीर बीमारी के प्रति कितना सजग है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब पखवाड़ा भर के भीतर विभाग डेंगू की आशंका वाले 27 रोगियों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, लेकिन आज तक इनकी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।
खुद ही बीमारियां बांट रहा स्वास्थ्य विभाग
डेंगू व अन्य संक्रामक बीमारियां मच्छरों व साफ सफाई आदि न होने से फैल रही है। इन सबके बावजूद सीएमओ कार्यालय के सामने दूर दूर तक जलभराव है। जिला अस्पताल का संक्रामक वार्ड भी इसके समीप है। इसको लेकर जिला अस्पताल का निरीक्षण करने आए एनएचएम के महाप्रबंधक अनिल मिश्रा ने सीएमओ को जलभराव व आसपास फैली गदंगी समाप्त कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन जीएम के इस आदेश को हवा में उड़ा दिया गया।
यह हैं डेंगू के लक्षण
पूरे शरीर और जोड़ों में दर्द।
तेज ठंड लगकर बुखार आना।
पेट दर्द के साथ नाक, आंख से खून बहना।
शरीर पर लाल चकत्ते होना।
वर्जन:
डेंगू को लेकर तमाम भ्रांतियां फैल रही हैं। बुखार आने पर भी प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग इसेे ही डेंगू मान लेते हैं। जिले से अब तक 27 डेंगू आशंकित मरीजों के ब्लड सैंपल जांच को भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिल सकी है। विभाग लगातार इन मरीजों से संपर्क रख रहा है।
- डॉ. प्रशांत कुमार, नोडल अधिकारी संक्रामक रोग