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Pilibhit News: पूर्व में नियुक्त सचिवों को पद से हटाने की मांग
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पीलीभीत। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2019 से अब तक नियुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को हटाए जाने की मांग की है। इसको लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।
कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 17 अगस्त को सरकार की ओर से ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डेप्युटी डायरेक्टर पद के लिए 45 नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसपर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 19 अगस्त को नियुक्तियों को पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को मिले आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी।
उनकी इस मांग के बाद दूसरे दिन सरकार ने जारी विज्ञापन को आरक्षण का प्रावधान न होने का हवाला देते हुए वापस लेने का निर्णय लिया था। ज्ञापन में कहा गया वर्ष 2019 से अब तक जिन 63 लोगों को बिना परीक्षा के ही सचिव और इस स्तर के पदों पर नियुक्त किया गया उन्हें क्यों नहीं हटाया गया। जब यह योजना गैर संवैधानिक पाए जाने के कारण ही रद्द की गई तो तार्किक तौर पर पूर्व में इस असंवैधानिक योजना से नौकरी पाए लोगों की नियुक्ति भी स्वतः अवैध हो जाती है।
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इस दौरान अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अनवर अनीस, पीसीसी सदस्य यूसुफ मलिक, इश्तियाक अहमद अंसारी, सिद्दीक अहमद उस्मानी, जाकिर नूर तहसीनी सहित कई लोग मौजूद थे।
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कलक्ट्रेट में प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 17 अगस्त को सरकार की ओर से ज्वाइंट सेक्रेटरी, डायरेक्टर और डेप्युटी डायरेक्टर पद के लिए 45 नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसपर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 19 अगस्त को नियुक्तियों को पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को मिले आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की थी।
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उनकी इस मांग के बाद दूसरे दिन सरकार ने जारी विज्ञापन को आरक्षण का प्रावधान न होने का हवाला देते हुए वापस लेने का निर्णय लिया था। ज्ञापन में कहा गया वर्ष 2019 से अब तक जिन 63 लोगों को बिना परीक्षा के ही सचिव और इस स्तर के पदों पर नियुक्त किया गया उन्हें क्यों नहीं हटाया गया। जब यह योजना गैर संवैधानिक पाए जाने के कारण ही रद्द की गई तो तार्किक तौर पर पूर्व में इस असंवैधानिक योजना से नौकरी पाए लोगों की नियुक्ति भी स्वतः अवैध हो जाती है।
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इस दौरान अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अनवर अनीस, पीसीसी सदस्य यूसुफ मलिक, इश्तियाक अहमद अंसारी, सिद्दीक अहमद उस्मानी, जाकिर नूर तहसीनी सहित कई लोग मौजूद थे।