एक और युवक बना बाघ का शिकार
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बाघ के हमलों में इंसानों के मारे जाने का सिलसिला जिले में थमने का नाम नहीं ले रहा है। माला रेंज की गढ़ा बीट-2 में शुक्रवार को बाघ ने एक और युवक को मार डाला। युवक का शव जंगल से निकालने की कोशिश कर रहे उसके साथियों पर भी बाघ ने हमला कर दिया जिसमें 55 वर्षीय एक और व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया। काफी गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे बरेली रेफर कर दिया गया। नौ महीनों के अंदर पीलीभीत के सिविल लाइंस साउथ निवासी 35 वर्षीय रामचंद्र बाघ का 19वां शिकार बन गए। शुक्रवार की दोपहर रामचंद्र कई और लोगों के साथ माला रेंज की गढ़ा बीट-2 में लकड़ी बीनने गए थे जहां जमुनियाई पुल के पास बाघ ने हमला कर उन्हें मार डाला। उनके साथ लकड़ी बीन रहे अन्य लोग शोर मचाते हुए भाग निकले। जंगल से बाहर निकलकर उन्होंने वहां स्थित वाच टॉवर पर तैनात वन कर्मियों को घटना की जानकारी दी। इस पर फॉरेस्ट वाचर नन्हेलाल और राममूर्ति ने आसपास से कुछ और लोगों को इकट्ठा किया और रामचंद्र का शव निकालने जंगल में पहुंचे। जंगल के अंदर रामचंद्र के शव के पास बैठे बाघ को इन लोगों ने शोर मचाकर भगाने की कोशिश की तो बाघ ने उन पर दोबारा हमला कर दिया। इस हमले में गांव बांग्लामित्रसेनपुर निवासी 55 वर्षीय नेतराम भी बुरी तरह घायल हो गए। साथ गए अन्य लोग किसी तरह नेतराम को बचाकर बाहर लाए। वन कर्मियों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। इस बीच घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन कर्मियों से मारपीट भी कर दी। घटना की सूचना पर एसडीएम कलीनगर सूरज यादव, टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी निदेशक आदर्श कुमार, सीओ पूरनपुर अनुराग दर्शन पुलिस फोर्स और पीएसी लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद जंगल से रामचंद्र का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजपाया गया। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि बाघ ने जंगल में डेढ़ किमी अंदर हमला किया है। यह घटनास्थल अमरिया व जहानाबाद जहां बाघ पिछले दिनों हमले कर चुका है, वहां से लगभग 60 किमी दूर है। उधर, घायल नेतराम की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। डीएफओ ने उसे विभाग की ओर से हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है।