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दहशत में फिर बंद हो गया चंदिया हजारा का बाजार
पूरनपुर।
Updated Fri, 30 Oct 2015 08:21 PM IST
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चंदिया हजारा में पुलिस चौकी में आगजनी, फायरिंग के मामले में चुनाव निपटते ही गिरफ्तारी का भय गांव के लोगों को सताने लगा है। तमाम युवक इसके भय से गांव छोड़ कर चले गए हैं। दहशत के चलते शुक्रवार को फिर चंदिया हजारा बंगाली कालोनी का बाजार बंद हो गया।
गांव चंदिया हजारा बंगाली कॉलोनी में नवरात्र के उपलक्ष्य में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर 23 अक्तूबर को पुलिस कर्मियों के मंच पर चढ़ने पर पुलिस और पब्लिक में बवाल हो गया था। इस दौरान कथित तौर पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से युवक छोटू घायल हो गया था। आरोप है कि इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल पथराव किया तथा आगजनी की थी। मारपीट में प्रभारी चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबिल भी घायल हुए थे। प्रभारी चौकी इंचार्ज उस्मान की ओर से पंद्रह लोगों को नामजद करते हुए दो सौ पैंसठ के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दहशत के चलते गांव का बाजार 24 अक्तूबर को बंद रहा था। हालांकि अगले दिन बाजार की दुकानें खुल गई थीं। पुलिस ने 27 अक्तूबर को गांव निवासी मधुसूदन, ढक्काचांट निवासी मित्तल अधिकारी को गिरफ्तार कर चालान किया था। उक्त लोगों की गिरफ्तारी को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश था। लोगों का कहना था कि जिन लोगों को गिरफ्तार कर चालान किया गया है, उनका घटना से कोई मतलब नहीं है। गिरफ्तारी के विरोध में गांव के लोगों ने राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद से भी इसकी शिकायत की थी। राज्यमंत्री ने मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब लोग शांत हो गए थे। उधर, चुनाव निपटते ही गिरफ्तारी को लेकर गांव के लोग फिर दहशत में आ गए। इसको लेकर शुक्रवार को चंदिया हजारा बंगाली कालोनी का बाजार बंद रहा। गांव के अधिकांश युवक गिरफ्तारी के भय से गांव छोड़कर चले गए। उन्हें भय है कि अज्ञात के नाम पर पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है। गांव का बाजार बंद होने से बाजार में खरीददारी करने आए गांव के अलावा आसपास गांव के लोगों को भी बैरंग होना पड़ा।
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गांव चंदिया हजारा बंगाली कॉलोनी में नवरात्र के उपलक्ष्य में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर 23 अक्तूबर को पुलिस कर्मियों के मंच पर चढ़ने पर पुलिस और पब्लिक में बवाल हो गया था। इस दौरान कथित तौर पर पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से युवक छोटू घायल हो गया था। आरोप है कि इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल पथराव किया तथा आगजनी की थी। मारपीट में प्रभारी चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबिल भी घायल हुए थे। प्रभारी चौकी इंचार्ज उस्मान की ओर से पंद्रह लोगों को नामजद करते हुए दो सौ पैंसठ के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दहशत के चलते गांव का बाजार 24 अक्तूबर को बंद रहा था। हालांकि अगले दिन बाजार की दुकानें खुल गई थीं। पुलिस ने 27 अक्तूबर को गांव निवासी मधुसूदन, ढक्काचांट निवासी मित्तल अधिकारी को गिरफ्तार कर चालान किया था। उक्त लोगों की गिरफ्तारी को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश था। लोगों का कहना था कि जिन लोगों को गिरफ्तार कर चालान किया गया है, उनका घटना से कोई मतलब नहीं है। गिरफ्तारी के विरोध में गांव के लोगों ने राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद से भी इसकी शिकायत की थी। राज्यमंत्री ने मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई का आश्वासन दिया था। तब लोग शांत हो गए थे। उधर, चुनाव निपटते ही गिरफ्तारी को लेकर गांव के लोग फिर दहशत में आ गए। इसको लेकर शुक्रवार को चंदिया हजारा बंगाली कालोनी का बाजार बंद रहा। गांव के अधिकांश युवक गिरफ्तारी के भय से गांव छोड़कर चले गए। उन्हें भय है कि अज्ञात के नाम पर पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार कर सकती है। गांव का बाजार बंद होने से बाजार में खरीददारी करने आए गांव के अलावा आसपास गांव के लोगों को भी बैरंग होना पड़ा।
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