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तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत
गजरौला/बीसलपुर (पीलीभीत)।
Updated Tue, 23 Jun 2015 12:09 AM IST
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घर पर मां-बाप की गैरमौजूदगी में सोमवार दोपहर तालाब में नहाने निकले तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इनमें दो सगे भाई थे और तीसरी उनकी चचेरी बहन। करीब तीन घंटे बाद मां-बाप घर लौटे तो बच्चों की तलाश शुरू की गई। शाम को तीनों के शव तालाब से निकाल लिए गए।
दियोरिया थाना क्षेत्र के गांव रामनगर जगतपुर में रहने वाले राकेश बाल्मीकि सोमवार सुबह पत्नी डॉली के साथ दवा लेने न्यूरिया के कस्बे मझोला गए थे। उनकी गैरमौजूदगी में दोपहर करीब 12 बजे उनके बेटे 11 वर्षीय अमित, आठ वर्षीय भोला और छोटे भाई नरेश कुमार की नौ वर्षीय बेटी सपना गांव के ही तालाब पर नहाने निकल गए।
करीब तीन बजे राकेश मझोला से दवा लेकर लौटे तो बच्चे घर में नहीं मिले। उन्होंने उनकी तलाश शुरू की तो कुछ लोगों ने बताया कि दोपहर के वक्त उन्होंने बच्चों को तालाब में नहाते हुए देखा था। राकेश गांव वालों के साथ तालाब पर पहुंचे तो तालाब किनारे बच्चों के कपड़े रखे मिले।
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इसके बाद आनन-फानन में लोग बच्चों की तलाश करने तालाब में घुस गए। करीब आधे घंटे बाद तीनों के शव तालाब से बाहर निकाल लिए गए। प्रभारी कोतवाल शेर सिंह तोमर ने बताया कि बच्चों के डूबने की सूचना मिलने पर पुलिस को गांव भेजा गया था। घर वालों ने किसी कार्रवाई से इंकार कर दिया है।
परिवार पर आई आफत, शोक में डूबा गांव
बीसलपुर। एक ही परिवार के तीन बच्चों के एक साथ खत्म हो जाने से परिवार में तो कोहराम मचा ही, गांव भी शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल पर जमा हो गए। इधर बच्चों के मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
रामनगर निवासी राकेश वाल्मीकि और उसका भाई नरेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोनों भाई मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दोनों में बड़े राकेश के तीन बच्चे क्रमश: अमित, भोला और बेटी भूपी है। वहीं नरेश के तीन बेटे क्रमश: कपिल, संजय, अनूप और बेटी सपना है। प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले तीनों बच्चे सोमवार को दोपहर में गर्मी की वजह से घरवालों से नजरें छिपाकर तालाब में नहाने चले गए, जहां लौट न पाए।
राकेश और नरेश का परिवार एक साथ रहता है। राकेश के दो बेटे और एक बेटी में दो बेटे अब नहीं रहे। वहीं नरेश के तीन बेटे और एक बेटी में बेटी अब नहीं रही। लोगों के अनुसार भाई-बहनों में काफी प्यार था।
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दियोरिया थाना क्षेत्र के गांव रामनगर जगतपुर में रहने वाले राकेश बाल्मीकि सोमवार सुबह पत्नी डॉली के साथ दवा लेने न्यूरिया के कस्बे मझोला गए थे। उनकी गैरमौजूदगी में दोपहर करीब 12 बजे उनके बेटे 11 वर्षीय अमित, आठ वर्षीय भोला और छोटे भाई नरेश कुमार की नौ वर्षीय बेटी सपना गांव के ही तालाब पर नहाने निकल गए।
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करीब तीन बजे राकेश मझोला से दवा लेकर लौटे तो बच्चे घर में नहीं मिले। उन्होंने उनकी तलाश शुरू की तो कुछ लोगों ने बताया कि दोपहर के वक्त उन्होंने बच्चों को तालाब में नहाते हुए देखा था। राकेश गांव वालों के साथ तालाब पर पहुंचे तो तालाब किनारे बच्चों के कपड़े रखे मिले।
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इसके बाद आनन-फानन में लोग बच्चों की तलाश करने तालाब में घुस गए। करीब आधे घंटे बाद तीनों के शव तालाब से बाहर निकाल लिए गए। प्रभारी कोतवाल शेर सिंह तोमर ने बताया कि बच्चों के डूबने की सूचना मिलने पर पुलिस को गांव भेजा गया था। घर वालों ने किसी कार्रवाई से इंकार कर दिया है।
परिवार पर आई आफत, शोक में डूबा गांव
बीसलपुर। एक ही परिवार के तीन बच्चों के एक साथ खत्म हो जाने से परिवार में तो कोहराम मचा ही, गांव भी शोक में डूब गया। बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल पर जमा हो गए। इधर बच्चों के मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
रामनगर निवासी राकेश वाल्मीकि और उसका भाई नरेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोनों भाई मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दोनों में बड़े राकेश के तीन बच्चे क्रमश: अमित, भोला और बेटी भूपी है। वहीं नरेश के तीन बेटे क्रमश: कपिल, संजय, अनूप और बेटी सपना है। प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले तीनों बच्चे सोमवार को दोपहर में गर्मी की वजह से घरवालों से नजरें छिपाकर तालाब में नहाने चले गए, जहां लौट न पाए।
राकेश और नरेश का परिवार एक साथ रहता है। राकेश के दो बेटे और एक बेटी में दो बेटे अब नहीं रहे। वहीं नरेश के तीन बेटे और एक बेटी में बेटी अब नहीं रही। लोगों के अनुसार भाई-बहनों में काफी प्यार था।