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अवैध खनन और कटान मामले में जांच शुरू
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:29 PM IST
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जंगल के हरेभरे पेड़ों का ठेकेदारों से साठगांठ कर कटान कराने और अवैध खनन करने वालों से वसूली करने के आरोपी वन विभाग के डिप्टी रेंजर की विभागीय जांच शुरू हो गई है। वन संरक्षक बरेली के निर्देश पर पहुंची एक टीम ने मौके पर जाकर स्थलीय जांच की और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए।
पूरनपुर क्षेत्र के गोरा गांव निवासी नूर मोहम्मद और क्षेत्र के ग्राम धरमंगतपुर के रहने वाले सरताज खां ने तीस जून को वन संरक्षक बरेली को एक शिकायत की थी। जिसमें वन विभाग के डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल पर ठेकेदारों से मिलकर बिना परमिट पेड़ों का कटान कराने, हरियाली नष्ट करने और खारजा नहर पर अवैध खनन करने वालों से उगाही करने के आरोप लगाए गए थे। बृहस्पतिवार को मामले की जांच करने के लिए वन संरक्षक बरेली की ओर से एक टीम भेजी गई। जिसने शिकायत में बताए गए सभी स्थानों पर जाकर सत्यता की जांच की। इसके अलावा खनन को लेकर भी पड़ताल की गई। जिसके बाद शिकायतकर्ता और डिप्टी रेंजर से भी उनका पक्ष जाना गया। कुछ स्थानों पर कटे हुए पेड़ों की जड़े भी मिलीं। जिनको भी जांच दल ने बारीकी से चेक किया। इस दौरान आरोपी डिप्टी रेंजर ने लगाए गए आरोपों को गलत बताया। यह भी कहा कि अगर मामला पुराना है तो उसके संज्ञान में नहीं है। हालांकि, टीम दोनों पक्षों को सुनकर बरेली रवाना हो गई। टीम में शामिल अफसरों ने बताया कि वह वन संरक्षक के निर्देश पर जांच करने आए है। इसकी रिपेार्ट बनाकर वन संरक्षक को सौंपेंगे।
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पूरनपुर क्षेत्र के गोरा गांव निवासी नूर मोहम्मद और क्षेत्र के ग्राम धरमंगतपुर के रहने वाले सरताज खां ने तीस जून को वन संरक्षक बरेली को एक शिकायत की थी। जिसमें वन विभाग के डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल पर ठेकेदारों से मिलकर बिना परमिट पेड़ों का कटान कराने, हरियाली नष्ट करने और खारजा नहर पर अवैध खनन करने वालों से उगाही करने के आरोप लगाए गए थे। बृहस्पतिवार को मामले की जांच करने के लिए वन संरक्षक बरेली की ओर से एक टीम भेजी गई। जिसने शिकायत में बताए गए सभी स्थानों पर जाकर सत्यता की जांच की। इसके अलावा खनन को लेकर भी पड़ताल की गई। जिसके बाद शिकायतकर्ता और डिप्टी रेंजर से भी उनका पक्ष जाना गया। कुछ स्थानों पर कटे हुए पेड़ों की जड़े भी मिलीं। जिनको भी जांच दल ने बारीकी से चेक किया। इस दौरान आरोपी डिप्टी रेंजर ने लगाए गए आरोपों को गलत बताया। यह भी कहा कि अगर मामला पुराना है तो उसके संज्ञान में नहीं है। हालांकि, टीम दोनों पक्षों को सुनकर बरेली रवाना हो गई। टीम में शामिल अफसरों ने बताया कि वह वन संरक्षक के निर्देश पर जांच करने आए है। इसकी रिपेार्ट बनाकर वन संरक्षक को सौंपेंगे।
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