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सट्टा कारोबारियों की धरपकड़ को पुलिस की दबिश
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:24 PM IST
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पुलिस की ओर से एक बार फिर सटोरियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे किए गए है। सीओ सिटी के निर्देशन में एक विशेष अभियान की शुरुआत सट्टा कारोबारियों के खिलाफ की गई है। इसके तहत पहले दिन कई स्थानों दबिश दी गई, जिसमें दो सटोरियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा शहर के सटोरियों की सूची बनाई जा रही है।
बता दें कि खाकी और खादी की सह पर जिले में सट्टे का अवैध कारोबार दिनो दिन पनपता जा रहा है। गली मोहल्ले से लेकर पाश कालोनियों के बाद अब सट्टे की जड़े ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गई है। अमर उजाला ने 23 जुलाई के अंक में अवैध कारोबार को दिए जा रहे संरक्षण को लेकर एक समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद पुलिस अफसरों ने इसका संज्ञान लिया है। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने औपचारिक ही सही, लेकिन शुरुआत सख्त दावों के साथ की है। शनिवार को सट्टा कारोबारियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया। जिसमें कोतवाली पुलिस ने दो सटोरियों मोहल्ला पकड़िया निवासी मोहम्मद हसन, देशनगर निवासी शरीफ को 990 रुपये और सट्टे की पर्चियों के साथ पकड़ा है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब सीओ सिटी के निर्देश पर नये सिरे से सटोरियों की सूची बन रही है। कोतवाल हरगोविंद सिंह, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर अतुल प्रधान को इसमें लगाया गया है।
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पनाह देने वालों पर नजरें नहीं
नतीजा चाहे कुछ भी रहे, लेकिन शुरुआती कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सट्टेबाजों पर सख्ती करने का दावा किया है। सवाल यह है कि सटोरियों के अलावा उनको संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों से नजरें फेर ली गई हैं। उन पर कार्रवाई को लेकर कोई जवाब खाकी नहीं दे सकी है।
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सूची तक न सिमट जाए कार्रवाई
वैसे तो सूची कई बार बनाई जा चुकी है। लेकिन इस बार सीओ सिटी की ओर से दावे खुलकर किए जा रहे है। अब तक तैयार की गई सूची में मदीनाशाह के नामचीन सट्टेबाज और एक फीलखाने के सट्टेबाज का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि, पहले भी अफसरों की सूची में बड़े धंधेबाजों के तौर पर इनका नाम रहा है। पुलिस की कार्रवाई और दावे की परीक्षा इन्हीं सटोरियों से गिरफ्तारी से तय हो सकेगी।
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सट्टे पर रोकथाम करने के लिए एक अभियान शुरू किया जा रहा है। कोतवाली में दो पकड़े भी गए है। सूची बनाई जा रही है। किसी तरह की ढील नहीं होगी।
- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी
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बता दें कि खाकी और खादी की सह पर जिले में सट्टे का अवैध कारोबार दिनो दिन पनपता जा रहा है। गली मोहल्ले से लेकर पाश कालोनियों के बाद अब सट्टे की जड़े ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गई है। अमर उजाला ने 23 जुलाई के अंक में अवैध कारोबार को दिए जा रहे संरक्षण को लेकर एक समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद पुलिस अफसरों ने इसका संज्ञान लिया है। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने औपचारिक ही सही, लेकिन शुरुआत सख्त दावों के साथ की है। शनिवार को सट्टा कारोबारियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया। जिसमें कोतवाली पुलिस ने दो सटोरियों मोहल्ला पकड़िया निवासी मोहम्मद हसन, देशनगर निवासी शरीफ को 990 रुपये और सट्टे की पर्चियों के साथ पकड़ा है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अब सीओ सिटी के निर्देश पर नये सिरे से सटोरियों की सूची बन रही है। कोतवाल हरगोविंद सिंह, सुनगढ़ी इंस्पेक्टर अतुल प्रधान को इसमें लगाया गया है।
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पनाह देने वालों पर नजरें नहीं
नतीजा चाहे कुछ भी रहे, लेकिन शुरुआती कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सट्टेबाजों पर सख्ती करने का दावा किया है। सवाल यह है कि सटोरियों के अलावा उनको संरक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों से नजरें फेर ली गई हैं। उन पर कार्रवाई को लेकर कोई जवाब खाकी नहीं दे सकी है।
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सूची तक न सिमट जाए कार्रवाई
वैसे तो सूची कई बार बनाई जा चुकी है। लेकिन इस बार सीओ सिटी की ओर से दावे खुलकर किए जा रहे है। अब तक तैयार की गई सूची में मदीनाशाह के नामचीन सट्टेबाज और एक फीलखाने के सट्टेबाज का नाम सबसे ऊपर है। हालांकि, पहले भी अफसरों की सूची में बड़े धंधेबाजों के तौर पर इनका नाम रहा है। पुलिस की कार्रवाई और दावे की परीक्षा इन्हीं सटोरियों से गिरफ्तारी से तय हो सकेगी।
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सट्टे पर रोकथाम करने के लिए एक अभियान शुरू किया जा रहा है। कोतवाली में दो पकड़े भी गए है। सूची बनाई जा रही है। किसी तरह की ढील नहीं होगी।
- निर्मल कुमार विष्ट, सीओ सिटी