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चार बजे ही बदली गई थी मजदूरों की शिफ्ट
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:02 PM IST
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हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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कुछ देर पहले होता विस्फोट तो और भयावह होती स्थिति
होनी बहुत बलवान होती है। हादसे से कुछ देर पहले ही मजदूरों की शिफ्ट बदली गई थी और शिफ्ट शुरू होने के आधा घंटा बाद ही हादसा हो गया। इसमें शिफ्ट बदलने पर घर जाने वाले खुशकिस्तम रहे जबकि घर से कुछ देर पहले ही आए लोग हादसे का शिकार हो गए।
शहर स्थित एलएच चीनी मिल में मजदूर वर्ग की तीन शिफ्ट होती हैं। सुबह आठ से शाम चार, शाम चार से रात 12 बजे और रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक। शनिवार को सुबह आठ बजे शुरू हुई शिफ्ट चार बजे खत्म हो गई और चार बजे से दूसरे मजदूर काम पर आ गए। दूसरी शिफ्ट में आए मजदूरों ने अभी काम संभाला ही था कि घटना हो गई। लोगों का कहना है कि यदि घटना कुछ देर पहले होती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी क्योंकि शिफ्ट बदलते समय दोनों शिफ्टों के मजदूर होतेे। हालांकि इसमें कुछ मजदूर ऐसे भी हैं जो दूसरी शिफ्ट में भी काम करते रहे।
शुभम ने लेट कर बचाई जान
नौगवां पकड़िया निवासी मटरू लाल का 16 वर्षीय पुत्र शुभम भी शुगर मिल में काम करता है। रात ही तरह वह सुबह आठ बजे काम पर आया था। शाम चार बजे शिफ्ट खत्म हुई लेकिन उनके स्थान पर काम करना मजदूर नहीं आया इसलिए वह डबल शिफ्ट करने लगा। शुभम के अनुसार लगभग 4.30 बजे पैकिंग रूम के निकट काम कर रहा था। अचानक जोर का धमका हुआ और ऊपर से मलवा गिरा। कुछ समझ में नहीं आया। वह किसी तरह वहां से कूदा और लेट गया। इस प्रयास में वह तो बच गया लेकिन उसके सिर के बाल और शर्ट जल गए। शुभम के अनुसार घटना के समय 16 लोग काम कर रहे थे।
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होनी बहुत बलवान होती है। हादसे से कुछ देर पहले ही मजदूरों की शिफ्ट बदली गई थी और शिफ्ट शुरू होने के आधा घंटा बाद ही हादसा हो गया। इसमें शिफ्ट बदलने पर घर जाने वाले खुशकिस्तम रहे जबकि घर से कुछ देर पहले ही आए लोग हादसे का शिकार हो गए।
शहर स्थित एलएच चीनी मिल में मजदूर वर्ग की तीन शिफ्ट होती हैं। सुबह आठ से शाम चार, शाम चार से रात 12 बजे और रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक। शनिवार को सुबह आठ बजे शुरू हुई शिफ्ट चार बजे खत्म हो गई और चार बजे से दूसरे मजदूर काम पर आ गए। दूसरी शिफ्ट में आए मजदूरों ने अभी काम संभाला ही था कि घटना हो गई। लोगों का कहना है कि यदि घटना कुछ देर पहले होती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी क्योंकि शिफ्ट बदलते समय दोनों शिफ्टों के मजदूर होतेे। हालांकि इसमें कुछ मजदूर ऐसे भी हैं जो दूसरी शिफ्ट में भी काम करते रहे।
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शुभम ने लेट कर बचाई जान
नौगवां पकड़िया निवासी मटरू लाल का 16 वर्षीय पुत्र शुभम भी शुगर मिल में काम करता है। रात ही तरह वह सुबह आठ बजे काम पर आया था। शाम चार बजे शिफ्ट खत्म हुई लेकिन उनके स्थान पर काम करना मजदूर नहीं आया इसलिए वह डबल शिफ्ट करने लगा। शुभम के अनुसार लगभग 4.30 बजे पैकिंग रूम के निकट काम कर रहा था। अचानक जोर का धमका हुआ और ऊपर से मलवा गिरा। कुछ समझ में नहीं आया। वह किसी तरह वहां से कूदा और लेट गया। इस प्रयास में वह तो बच गया लेकिन उसके सिर के बाल और शर्ट जल गए। शुभम के अनुसार घटना के समय 16 लोग काम कर रहे थे।
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