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बेहोश बाघ को ले जाने से रोकने व हंगामा करने पर आठ लोग नामजद
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sun, 12 Feb 2017 10:54 PM IST
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खूनी बाघ के बेहोश होने से बाद उसे ले जाने से रोकने और वन विभाग की गाड़ी के टायरों की हवा निकाल देने के मामले में वन विभाग ने आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। वनदरोगा की ओर से पिपरिया संतोष के आठ लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। कलीनगर कस्बे में गंगाराम के रूप में अपना छठा शिकार करने वाले खूनी बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने नवदिया सुखदासपुर के निकट गन्ने के खेत में घेर लिया था। काफी मशक्कत के बाद उसे लखनऊ से आए डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने ट्रैंक्युलाइज किया था। बाघ के बेहोश होते ही भीड़ उसपर टूट पड़ी। वन विभाग की टीम जब उसे ले जाने लगी तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। इतना ही नहीं बाघ को ले जाने को आए पिंजरा युक्त वाहन के टायरों की हवा भी निकाल दी गई। वन विभाग ने बड़ी मुश्किल से उसे सुरक्षित निकाला। इस मामले में रविवार को सामाजिक वानिकी पूरनपुर रेंज के वनदरोगा अर्जुन सिंह ने माधोटांडा थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। इसमें कहा गया है कि ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग की टीम बाघ को ले जाने का प्रयास कर रही थी इस दौरान भीड़ ने लाठी डंडों से हमला कर मारपीट शुरू कर दी। इसमें वन विभाग का सहयोग कर रहे मुमताज के सिर में चोट लगी तो नीरज का हाथ टूट गया। किसी तरह उन लोगों ने अपनी जान बचाई। भीड़ ने बाघ को जान से मारने की नीयत से उसकर लाठी डंडों से हमला किया। बाद में उसे ले जाने वाले वाहन के टायरों की हवा निकालकर चाबी छीन ली। इन लोगों में आठ लोगों को वह पहचानते हैं। पुलिस ने वन दरोगा की तहरीर पर नामजद पिपरिया संतोष निवासी सियाराम पुत्र जीवन राठौर, सियाराम पुत्र रामसहाय, अकील, रहमान शाह, जगदीश, दन्नूलाल, इरशाद अली व तेजराम के खिलाफ मारपीट, बलवा, सरकारी काम में बाधा, आचार संहिता उल्लंघन, क्रिमिनल लॉ-7 और वन्यजीव अधिनियम की धारा नौ व 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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