{"_id":"8af33a0fe533ac826b3cc8c74f0c8665","slug":"rape-with-girls-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरिंदगी की आग में झुलस रहीं बेटियां ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दरिंदगी की आग में झुलस रहीं बेटियां
पीलीभीत।
Updated Sun, 08 Mar 2015 10:07 PM IST
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घर के बाहर ही नहीं अब अंदर भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हवस के भेड़िए कब उनकी अस्मत नोचने आ धमकें? यह डर अब मां-बाप को खाए जा रहा है। शहर से लेकर देहात तक हो रहीं घटनाएं और इन घटनाओं के प्रति पुलिस का रवैया आम लोगों के लिए डरावने से कम नहीं है।
कोतवाली दियोरिया के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी के साथ शनिवार की देर सायं कुछ ऐसा ही हुआ। उसे कतई आभास नहीं था कि बड़ी बहन के दूसरी मंजिल पर जाते ही दरिंदे उसे दबोच लेंगे तथा उसकी अस्मत लूटने के बाद उसे जहर देकर मौत की नींद सोने को मजबूर कर देंगे। इस घटना के बाद गांव में रोष है। खास बात यह है कि चोरी, लूट, डकैती व कभी-कभी हत्या तक की घटना को बिना जांच किए संदिग्ध बता देने वाली पुलिस का रवैया इस घटना में भी वैसा ही रहा। किशोरी का पिता सामूहिक रेप के बाद जहर देकर मारने की बात कहता रहा, लेकिन पुलिस ने पहले इस घटना को छेड़छाड़ व जहर देने का दर्ज किया। किशोरी के मरने पर उसने हत्या की धारा बढ़ाई। यही नहीं जांच बिना घटना को संदिग्ध बता दिया। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है।
इस मामले में भी संजीदा नहीं दिखी पुलिस
दियोरिया में किशोरी से गैंगरेप व पीड़िता की जहर देकर हत्या मामले में भी पुलिस गंभीर नहीं दिखी। घटना को लेकर पीड़ित परिवार में रोष का आलम यह था कि वह मृतका का शव लेकर थाने पहुंच गए थे। पुलिस कार्यप्रणाली पर अंगुली भी उठाई थी। खबर पर आला अधिकारी भी पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद भी पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदराना रहा। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग में खुदकुशी प्रथम दृष्ट्या मान रही है। जिसे लेकर परिवार वालों में रोष है। सवाल यह उठता है कि ऐसी दशा में पुलिस ने उसका पैनल से पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया? यही नहीं अधिकारियों ने देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा क्यों नहीं किया? यह सभी सवाल हैं जो पुलिस कार्यप्रणाली पर अंगुली उठा रहे हैं।
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बेपटरी हुई जिले की कानून व्यवस्था
जिले में वर्तमान समय में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। होली के दिन चार हत्याओं व रेप की घटनाओं ने जनसामान्य को हिलाकर रख दिया है। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में डबल मर्डर, किशोरी को अगवा कर रेप व हत्या, पूरनपुर इलाके में मूक-बधिर महिला का अपहरण कर गैंगरेप की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस घटनाओं को लेकर खास संजीदा नहीं दिखाई पड़ रही है।
सीओ बोले-पीड़िता नहीं करा रही मेडिकल
बीसलपुर। कोतवाली दियोरिया क्षेत्र के एक गांव की दुराचार की शिकार एक दलित विवाहिता का अभी तक तक मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ है। सीओ सुवेग सिंह ने बताया कि महिला ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। मेडिकल परीक्षण के लिए उससे कहा गया लेकिन उसने मेडिकल कराने से इंकार कर दिया। घटना की विवेचना जारी है।
मूक-बधिर महिला की बनाई स्लाइड
पीलीभीत। पूरनपुर कोतवाली के एक गांव में मूक-बधिर महिला के साथ गैंगरेप के मामले में मेडिकल परीक्षण पूर्ण नहीं हो सका है। इंस्पेक्टर धर्मपाल ने बताया कि महिला का रविवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल परीक्षण के दौरान महिला की स्लाइड डॉक्टर ने बनाई है। स्लाइड का परीक्षण होने के बाद ही रेप की पुष्टि हो सकेगी।
बिना जांच घटना को संदिग्ध बताना उचित नहीं
बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में पुलिस को सबसे पहले पीड़िता की सही रिपोर्ट दर्ज कर उसका जल्द से जल्द मेडिकल कराना चाहिए तथा उसके बाद न्यायालय में धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराना चाहिए। बिना जांच पूरी हुए घटना को संदिग्ध बताना किसी भी दशा में उचित नहीं है।
बीडी पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी
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कोतवाली दियोरिया के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी के साथ शनिवार की देर सायं कुछ ऐसा ही हुआ। उसे कतई आभास नहीं था कि बड़ी बहन के दूसरी मंजिल पर जाते ही दरिंदे उसे दबोच लेंगे तथा उसकी अस्मत लूटने के बाद उसे जहर देकर मौत की नींद सोने को मजबूर कर देंगे। इस घटना के बाद गांव में रोष है। खास बात यह है कि चोरी, लूट, डकैती व कभी-कभी हत्या तक की घटना को बिना जांच किए संदिग्ध बता देने वाली पुलिस का रवैया इस घटना में भी वैसा ही रहा। किशोरी का पिता सामूहिक रेप के बाद जहर देकर मारने की बात कहता रहा, लेकिन पुलिस ने पहले इस घटना को छेड़छाड़ व जहर देने का दर्ज किया। किशोरी के मरने पर उसने हत्या की धारा बढ़ाई। यही नहीं जांच बिना घटना को संदिग्ध बता दिया। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है।
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इस मामले में भी संजीदा नहीं दिखी पुलिस
दियोरिया में किशोरी से गैंगरेप व पीड़िता की जहर देकर हत्या मामले में भी पुलिस गंभीर नहीं दिखी। घटना को लेकर पीड़ित परिवार में रोष का आलम यह था कि वह मृतका का शव लेकर थाने पहुंच गए थे। पुलिस कार्यप्रणाली पर अंगुली भी उठाई थी। खबर पर आला अधिकारी भी पहुंचे थे, लेकिन इसके बाद भी पुलिस का रवैया बेहद गैर जिम्मेदराना रहा। पुलिस इसे प्रेम प्रसंग में खुदकुशी प्रथम दृष्ट्या मान रही है। जिसे लेकर परिवार वालों में रोष है। सवाल यह उठता है कि ऐसी दशा में पुलिस ने उसका पैनल से पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया? यही नहीं अधिकारियों ने देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा क्यों नहीं किया? यह सभी सवाल हैं जो पुलिस कार्यप्रणाली पर अंगुली उठा रहे हैं।
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बेपटरी हुई जिले की कानून व्यवस्था
जिले में वर्तमान समय में कानून व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। होली के दिन चार हत्याओं व रेप की घटनाओं ने जनसामान्य को हिलाकर रख दिया है। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में डबल मर्डर, किशोरी को अगवा कर रेप व हत्या, पूरनपुर इलाके में मूक-बधिर महिला का अपहरण कर गैंगरेप की घटनाएं हुईं, लेकिन पुलिस घटनाओं को लेकर खास संजीदा नहीं दिखाई पड़ रही है।
सीओ बोले-पीड़िता नहीं करा रही मेडिकल
बीसलपुर। कोतवाली दियोरिया क्षेत्र के एक गांव की दुराचार की शिकार एक दलित विवाहिता का अभी तक तक मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ है। सीओ सुवेग सिंह ने बताया कि महिला ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। मेडिकल परीक्षण के लिए उससे कहा गया लेकिन उसने मेडिकल कराने से इंकार कर दिया। घटना की विवेचना जारी है।
मूक-बधिर महिला की बनाई स्लाइड
पीलीभीत। पूरनपुर कोतवाली के एक गांव में मूक-बधिर महिला के साथ गैंगरेप के मामले में मेडिकल परीक्षण पूर्ण नहीं हो सका है। इंस्पेक्टर धर्मपाल ने बताया कि महिला का रविवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल परीक्षण के दौरान महिला की स्लाइड डॉक्टर ने बनाई है। स्लाइड का परीक्षण होने के बाद ही रेप की पुष्टि हो सकेगी।
बिना जांच घटना को संदिग्ध बताना उचित नहीं
बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में पुलिस को सबसे पहले पीड़िता की सही रिपोर्ट दर्ज कर उसका जल्द से जल्द मेडिकल कराना चाहिए तथा उसके बाद न्यायालय में धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराना चाहिए। बिना जांच पूरी हुए घटना को संदिग्ध बताना किसी भी दशा में उचित नहीं है।
बीडी पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी