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हिस्ट्रीशीटर ने किया अपराध तो नपेंगे थानेदार
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Sat, 06 Aug 2016 11:35 PM IST
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पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर पर फिर सख्ती शुरू कर दी है। 40 साल की उम्र वाले हिस्ट्रीशीटर पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद अगर कोई हिस्ट्रीशीटर अपराध में संलिप्त पाया गया तो संबंधित थानेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। एसपी ने इस बाबत सख्त निर्देश जारी किए हैं।
वैसे तो हिस्ट्रीशीटर की की निगहबानी के लिए पहले से ही थाना स्तर पर जिम्मेदारी तय है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो पाता। पिछले दिनों हुई चेकिंग में तत्कालीन एसपी अनिल सिंह को खामियां मिली थीं। अधिकांश सिपाही कागजों में तो हिस्ट्रीशीटर की निगहबानी कर रहे थे, लेकिन हकीकत में उनको पहचानते तक नहीं थे। अब एसपी मुनिराज की ओर से भी हिस्ट्रीशीटर को लेकर सख्त दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत समस्त थाना प्रभारियों को 40 की उम्र वाले हिस्ट्रीशीटर पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसकी सीओ से मॉनीटरिंग कराई जाएगी। इसके बाद अगर कोई हिस्ट्रीशीटर आपराधिक वारदात को अंजाम देता है, तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिले में हैं 1018 हिस्ट्रीशीटर
जिले के 14 थानों में 1018 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं। पहले यह संख्या 1058 थी। पिछले दिनों तत्कालीन एसपी अनिल सिंह के अभियान के दौरान सामने आया कि जहानाबाद पुलिस पांच हिस्ट्रीशीटर के मरने के बाद भी लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। इसके बाद बुजुर्ग और मर चुके हिस्ट्रीशीटरों के नाम हटा दिए गए थे।
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दावे कर भूल जाते हैं अफसर
हिस्ट्रीशीटर को लेकर कई बार सख्ती के दावे किए गए, लेकिन कार्रवाई को मुकाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। अफसर कहकर भूल गए या फिर राजनीतिक दवाब हावी रहा। लिहाजा हिस्ट्रीशीटर बदमाश केस दर्ज होने के बाद भी खुलेआम घूमते रहे।
एसपी से मिले निर्देशों का पालन कराया जाएगा। समस्त थाना प्रभारियों से क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ गुंडाएक्ट की कार्रवाई कराई जा रही है। हिस्ट्रीशीटर के अपराध करने पर सीधे थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।
निर्मल बिष्ट, सीओ सिटी
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वैसे तो हिस्ट्रीशीटर की की निगहबानी के लिए पहले से ही थाना स्तर पर जिम्मेदारी तय है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो पाता। पिछले दिनों हुई चेकिंग में तत्कालीन एसपी अनिल सिंह को खामियां मिली थीं। अधिकांश सिपाही कागजों में तो हिस्ट्रीशीटर की निगहबानी कर रहे थे, लेकिन हकीकत में उनको पहचानते तक नहीं थे। अब एसपी मुनिराज की ओर से भी हिस्ट्रीशीटर को लेकर सख्त दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत समस्त थाना प्रभारियों को 40 की उम्र वाले हिस्ट्रीशीटर पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसकी सीओ से मॉनीटरिंग कराई जाएगी। इसके बाद अगर कोई हिस्ट्रीशीटर आपराधिक वारदात को अंजाम देता है, तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में हैं 1018 हिस्ट्रीशीटर
जिले के 14 थानों में 1018 हिस्ट्रीशीटर दर्ज हैं। पहले यह संख्या 1058 थी। पिछले दिनों तत्कालीन एसपी अनिल सिंह के अभियान के दौरान सामने आया कि जहानाबाद पुलिस पांच हिस्ट्रीशीटर के मरने के बाद भी लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। इसके बाद बुजुर्ग और मर चुके हिस्ट्रीशीटरों के नाम हटा दिए गए थे।
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दावे कर भूल जाते हैं अफसर
हिस्ट्रीशीटर को लेकर कई बार सख्ती के दावे किए गए, लेकिन कार्रवाई को मुकाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। अफसर कहकर भूल गए या फिर राजनीतिक दवाब हावी रहा। लिहाजा हिस्ट्रीशीटर बदमाश केस दर्ज होने के बाद भी खुलेआम घूमते रहे।
एसपी से मिले निर्देशों का पालन कराया जाएगा। समस्त थाना प्रभारियों से क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ गुंडाएक्ट की कार्रवाई कराई जा रही है। हिस्ट्रीशीटर के अपराध करने पर सीधे थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।
निर्मल बिष्ट, सीओ सिटी