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नवाबगंज चेयरमैन शहला की जमानत खारिज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Wed, 24 Jan 2018 06:55 PM IST
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धोखाधड़ी के मामले में आरोपी नगरपालिका नवाबगंज की चेयरमैन शहला ताहिर की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास नागर ने खारिज कर दी है।
नगरपालिका परिषद पीलीभीत के तत्कालीन अध्यक्ष राजीव अग्रवाल टीटी ने नौ अगस्त 2003 को सुनगढ़ी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार बरेली के कस्बा नवाबगंज निवासी डॉ. ताहिर ने स्वयं को नगरपालिका चांदपुर का ईओ बताया था। पत्नी शहला के साथ पीलीभीत आकर ईओ के पद पर कार्यभार ग्रहण कराने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार 28 जुलाई 2003 को दंपति पुन: पीलीभीत आए और चांदपुर नगरपालिका का अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया। जिसके आधार पर ईओ के पद पर ताहिर को ज्वाइन कराया गया। इस बीच डीएम के पत्र से पता लगा कि शासन ने यहां वीके श्रीवास्तव को तैनात किया है। छानबीन से पता चला कि दंपति ने धोखाधड़ी से फर्जी कागजात बनाए हैं। ताहिर को पुलिस ने 27 सितंबर 2004 को गिरफ्तार कर जेल भेज था। जहां उन्हें 19 अक्तूबर 2004 को जमानत मिल गई थी। शहला के खिलाफ फरारी में चार्जशीट दाखिल हुई थी। दोनों आरोपी गैर हाजिर रहे। 25 जून 2008 को शहला व ताहिर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए। 17 जनवरी 2018 को बरेली पुलिस ने शहला को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने शहला को कोर्ट में पेश किया। उन्हें पांच फरवरी तक जेल भेजा गया। आरोपी डा. ताहिर इस समय भी फरार हैं। बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। वादी के अधिवक्ता सेंट्रल बार के अध्यक्ष संतराम राठौर ने बताया कि नगरपालिका अध्यक्ष शहला ताहिर की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास नागर ने खारिज कर दी है।
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नगरपालिका परिषद पीलीभीत के तत्कालीन अध्यक्ष राजीव अग्रवाल टीटी ने नौ अगस्त 2003 को सुनगढ़ी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार बरेली के कस्बा नवाबगंज निवासी डॉ. ताहिर ने स्वयं को नगरपालिका चांदपुर का ईओ बताया था। पत्नी शहला के साथ पीलीभीत आकर ईओ के पद पर कार्यभार ग्रहण कराने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार 28 जुलाई 2003 को दंपति पुन: पीलीभीत आए और चांदपुर नगरपालिका का अनापत्ति प्रमाणपत्र दिया। जिसके आधार पर ईओ के पद पर ताहिर को ज्वाइन कराया गया। इस बीच डीएम के पत्र से पता लगा कि शासन ने यहां वीके श्रीवास्तव को तैनात किया है। छानबीन से पता चला कि दंपति ने धोखाधड़ी से फर्जी कागजात बनाए हैं। ताहिर को पुलिस ने 27 सितंबर 2004 को गिरफ्तार कर जेल भेज था। जहां उन्हें 19 अक्तूबर 2004 को जमानत मिल गई थी। शहला के खिलाफ फरारी में चार्जशीट दाखिल हुई थी। दोनों आरोपी गैर हाजिर रहे। 25 जून 2008 को शहला व ताहिर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए। 17 जनवरी 2018 को बरेली पुलिस ने शहला को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने शहला को कोर्ट में पेश किया। उन्हें पांच फरवरी तक जेल भेजा गया। आरोपी डा. ताहिर इस समय भी फरार हैं। बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। वादी के अधिवक्ता सेंट्रल बार के अध्यक्ष संतराम राठौर ने बताया कि नगरपालिका अध्यक्ष शहला ताहिर की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद मामला गंभीर पाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास नागर ने खारिज कर दी है।
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