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हत्यारों का पता लग जाए तो आकर बताना
Pilibhit
Updated Wed, 30 Sep 2015 10:57 PM IST
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राजेंद्र हत्याकांड को हुए 10 दिन बीत गए, लेकिन पुलिस अभी तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। खास बात यह है कि जब मृतक के परिवार वाले पुलिस के पास जाकर कातिलों का पता लगाकर पकड़ने की मिन्नतें करते हैं तो पुलिस उन्हें यह कहकर वापस लौटा देती कि हत्यारों का पता लगाओ, पता लग जाए तो आकर बताना। पुलिस की इस कार्यशैली से परिवार वाले काफी परेशान हैं।
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बता दें कि कसबा कलीनगर निवासी श्यामाचरन यादव का छोटा पुत्र राजेंद्र दिमागी रूप से कमजोर था। वह 20 सितंबर की शाम करीब छह बजे शौच के लिए घर से अपने खेतों की ओर गया था, जहां उसकी किसी ने धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी थी। काफी देर कर जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने तलाश के दौरान उसका शव चकरोड के किनारे खून से लथपथ पाया था। पुलिस ने मृतक के पिता की ओर से अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस हत्याकांड को हुए 10 दिन बीत गए, लेकिन हत्यारों को पकड़ना तो आखिर उसकी हत्या क्यों हुई? पुलिस ने यह जानने की भी कोशिश भी नहीं की। उधर, पुलिस का व्यवहार मृतक के घर वालों के प्रति ठीक नहीं है। मृतक के पिता श्यामाचरण ने बताया कि वह बुधवार को थाने गए और मामले में अब तक क्या हुआ? इसकी जानकारी चाही। इस पर पुलिस ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया और बोली, जाओ पता लगाओ, हत्यारों का पता चल जाए तो थाने पर आकर बताना। एसओ विवेक त्रिवेदी ने बताया कि परिवार वाले पुलिस पर गलत आरोप लगा रहे हैं। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस काम कर रही है।
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