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लेजर ड्रोन कैमरे से भी नहीं मिली बाघ की लोकेशन

Sat, 09 Sep 2017 07:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत। Updated Sat, 09 Sep 2017 07:43 PM IST
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Laser drone camera not found even tiger location
टाइगर रिजर्व की सुरक्षा
पड्डे सुरक्षित, नीलगाय को बनाया निवाला 
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खूनी बाघ की तलाश में लगाए गए लेजर ड्रोन कैमरे से भी सफलता मिलती नहीं दिख रही है। दो रातों में चले ऑपरेशन के दौरान बाघ की लोकेशन नहीं मिली है। उधर, शुक्रवार की रात बाघ ने पड्डों को न मारकर एक नीलगाय का शिकार किया है।
अमरिया के हिमकरनपुर और बेहरी गांव के आसपास खेतों और देवहा नदी के खादर में घूम रहे खूनी बाघ को पकड़ने की कवायद में वन विभाग ने मुंबई से लेजर ड्रोन कैमरा टीम बुलाई थी। टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात वन विभाग एवं विशेषज्ञों की टीम के साथ सर्च अभियान चलाया। ड्रोन कैमरा टीम ने क्षेत्र में बाघ को तलाशने की काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। शनिवार को सुबह सर्च टीमों ने अपने-अपने निर्धारित प्वाइंटों एवं इसके ईद-गिर्द बाघ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन बाघ के कहीं कोई पदचिह्न नहीं मिले। अलबत्ता नदी के पास की झाड़ियों के निकट एक नीलगाय का शव बरामद हुआ है, जिसे रात को बाघ ने मारा था। शव के आसपास बाघ के पदचिह्न भी मिले हैं। अभियान से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बाघ की तलाश जारी है। लेजर ड्रोन कैमरे के साथ पड्डे, भेड़ आदि बांधकर भी बाघ को आकर्षित कर बाहर लाने की कोशिश की जा रही है। 
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कोहरा बना लेजर में अचड़न
मुंबई से आई दो सदस्यीय टीम ने लेजर ड्रोन से बाघ की तलाशी के लिए रात में अभियान चलाया, लेकिन कोहरे के चलते ड्रोन के लेजर ने काम नहीं किया। इसके चलते कुछ देर चलाने के बाद अभियान रोकना पड़ा। 
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एक क्षेत्र में स्थिर है बाघ 
लगभग एक माह से चल रहे सर्च अभियान में भले ही वनविभाग एवं विशेषज्ञों की टीम को कामयाबी नहीं मिल पा रही हो, लेकिन उसकी लगातार निगरानी और पड्डे, भेड़ आदि के रूप में भोजन उपलब्ध कराकर बाघ को एक क्षेत्र में रोकने में कामयाबी मिली है। उम्मीद की जा रही है यदि बाघ ने अपना क्षेत्र नहीं छोड़ा तो जल्द पकड़ा जाएगा। 


बाघ को पकड़ने की कवायद चल रही है। रात को कोहरे के चलते लेजर ड्रोन के अभियान में कामयाबी नहीं मिली। बाघ ने नीलगाय को मारा है। इससे उम्मीद है कि वह नीलगाय के शव पर दोबारा आएगा। टीमें अपने अपने स्थान पर लगी हुई हैं। 
- आदर्श कुमार, डीएफओ सामाजिक वानिकी
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