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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगने से मौत की पुष्टि

Sat, 20 Dec 2014 08:21 PM IST
पीलीभीत/चुर्रासकतपुर
पीलीभीत/चुर्रासकतपुर Updated Sat, 20 Dec 2014 08:21 PM IST
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ladaki ki maut
कोतवाली बीसलपुर के गांव रिछोला घासी में पेड़ से लटकते मिले दलित नन्हीदेवी के शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच तीन डॉक्टरों की टीम ने शनिवार को किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों ने मौत ‘हैगिंग’ से होने की पुष्टि की है।
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19 दिसंबर को गांव रिछोला घासी निवासी दलित बालकृष्ण की 18 वर्षीय पुत्री नन्ही देवी का शव गांव के बाहर स्थित बाग में कटहल के पेड़ पर लटका मिला था। वह 18 दिसंबर की शाम पांच बजे घर से गायब हुई थी।
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शनिवार को पुलिस ने तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत हैगिंग से होने की पुष्टि की गई है। डॉक्टरों ने बताया कि पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया रेप आदि की संभावनाओं की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद स्लाइड को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।
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एसपी ने देखा मौका मुआयना
एसपी सोनिया सिंह ने गांव पहुंचकर मृतका के घर वालों और ग्रामीणों से घटना के बाबत वार्ता की। उसके बाद वह बाग में पहुंची। जहां जिस पेड़ पर युवती का शव लटका मिला था, उसका निरीक्षण किया। एसपी ने मौजूद प्रभारी कोतवाल को भी मौत के कारणों का खुलासा करने के  निर्देश दिए।

ऐसी क्या नाराजगी थी की दे दी जान
टीएन अवस्थी
पीलीभीत।सभी के साथ हंसी खुशी घर में रहने वाली गांव रिछौला घासी निवासी नन्हीदेवी के  साथ ऐसी कौन सी अचानक बात हो गई कि उसे अपनी जान देनी पड़ी। इस सवाल का जवाब उसके घर वाले भी नहीं दे पा रहे हैं।
गांव रिछौला घासी निवासी बालकृष्ण मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनके तीन पुत्र और पांच पुत्रियां हैं। बड़ा पुत्र संजीव भी मजदूरी कर पिता का हाथ बटाता था। पांच बहनों में मृतक नन्हीदेवी तीसरे नंबर की थी। उससे बड़ी दो बहनों के  हाथ पीले भी हो चुके हैं।
मृतका की शादी के लिए पिता ने शाहजहांपुर में वर भी ढूंढ लिया था। फरवरी में उसकी गोद भराई होने वाली थी। घर वालों की माने तो नन्ही देवी काफी चंचल और हंसमुख स्वभाव की थी। घर में भी कोई ऐसी बात नहीं हुई कि उसे किसी ने डांटा हो। अब सवाल यह उठता है कि आखिर उसके सामने ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई, जिससे उसको अपनी खुदकुशी कर जान देनी पड़ी। इस सवाल का जवाब घर वालों के  पास भी नहीं है।


कॉल डिटेल ख्ांगाल रही पुलिस  
प्रभारी कोतवाल तपेश्वर सागर ने बताया कि मृतका की मां रामदेवी ने नन्हीं देवी का सेलफोन पुलिस को दिया है। मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल के सहारे उसकी मौत की गुत्थी सुलझाने का प्रयास करेगी।
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