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हरदोई ब्रांच नहर पर दोबारा शुरू हुआ कार्य
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:14 PM IST
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हरदोई ब्रांच नहर पर दोबारा शुरू हुआ कार्य
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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हरदोई ब्रांच नहर पर मशीन से नहर की पटरी की मजबूत मिट्टी की खुदाई कर डौलों पर डालने का कार्य एक सप्ताह रुकने के बाद पुन: शुरू हो गया है। चर्चा है कि इसके लिए किसी बड़े अधिकारी की हरी झंडी मिलने के बाद कार्य शुरू किया गया है।
बाइफरकेशन से निकलने वाली हरदोई ब्रांच इससे जनपद समेत शाहजहांपुर हरदोई, लखनऊ, उन्नाव व रायबरेली तक लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है। नहर में पहले पानी की क्षमता बढ़ाने को चार माह पूर्व दस करोड़ की लागत से सिल्ट सफाई कराई गई थी। जिससे नहर के दोनों किनारों के डौले मशीन से मिट्टी खोदने के चलते क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिस पर हेड वकर्स खंड के अभियंता ने डौलों की मरम्मत को साढ़े चार करोड़ रुपये स्वीकृत किया था, लेकिन यह कार्य सत्ता के एक निजी ठेकेदार को अधीक्षण अभियंता द्वारा दिया गया। जिसका नतीजा यह निकला कि मशीन से नहर के दोनों ओर की जो मजबूत पीली मिट्टी थी, ठेेकेदार ने उसी दोनों किनारों की मिट्टी को खुदवाकर डौलों के ऊपर डलवाना शुरू कर दिया। खोदे गए स्थान पर मशीन से निकाली गई सिल्ट को डलवा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर सहायक अभियंता बलवीर सिंह ने डिप्लोमा इंजीनियर की हड़ताल के चलते कार्य रुकवा दिया था और गलत ढंग से मिट्टी खोदने की सूचना आला अफसरों को दे दी। इधर सप्ताह भर की खामोशी के बाद अब ठेकेदार द्वारा पुन: उसी मिट्टी को खुदवाकर डलवाया जा रहा है। गड्ढों वाले स्थान पर रेत डलवाकर नहर के किनारों को कमजोर किया जा रहा है। कई स्थानों पर तो नहर के भीतरी हिस्से से मिट्टी खोदकर डाली जा रही है अैर कई स्थानों पर रेत से ही डौले बनाए जा रहे हैं।
बाइफरकेशन से निकलने वाली हरदोई ब्रांच इससे जनपद समेत शाहजहांपुर हरदोई, लखनऊ, उन्नाव व रायबरेली तक लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है। नहर में पहले पानी की क्षमता बढ़ाने को चार माह पूर्व दस करोड़ की लागत से सिल्ट सफाई कराई गई थी। जिससे नहर के दोनों किनारों के डौले मशीन से मिट्टी खोदने के चलते क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिस पर हेड वकर्स खंड के अभियंता ने डौलों की मरम्मत को साढ़े चार करोड़ रुपये स्वीकृत किया था, लेकिन यह कार्य सत्ता के एक निजी ठेकेदार को अधीक्षण अभियंता द्वारा दिया गया। जिसका नतीजा यह निकला कि मशीन से नहर के दोनों ओर की जो मजबूत पीली मिट्टी थी, ठेेकेदार ने उसी दोनों किनारों की मिट्टी को खुदवाकर डौलों के ऊपर डलवाना शुरू कर दिया। खोदे गए स्थान पर मशीन से निकाली गई सिल्ट को डलवा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर सहायक अभियंता बलवीर सिंह ने डिप्लोमा इंजीनियर की हड़ताल के चलते कार्य रुकवा दिया था और गलत ढंग से मिट्टी खोदने की सूचना आला अफसरों को दे दी। इधर सप्ताह भर की खामोशी के बाद अब ठेकेदार द्वारा पुन: उसी मिट्टी को खुदवाकर डलवाया जा रहा है। गड्ढों वाले स्थान पर रेत डलवाकर नहर के किनारों को कमजोर किया जा रहा है। कई स्थानों पर तो नहर के भीतरी हिस्से से मिट्टी खोदकर डाली जा रही है अैर कई स्थानों पर रेत से ही डौले बनाए जा रहे हैं।
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