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जिला जेल में निरुद्ध बंदी की मौत

Fri, 04 Sep 2015 11:47 PM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Fri, 04 Sep 2015 11:47 PM IST
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Death of prisoner detained in the district prison

जिला जेल में बंद पशु क्रूरता अधिनियम के आरोपी शाहजहांपुर जिले के थाना सदर बाजार निवासी 48 वर्षीय महेंद्र कुमार के सीने में गुरुवार की आधी रात तेज दर्द हुआ। जेल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने बंदी को मृत घोषित कर दिया। पता गलत लिखे होने से जेल प्रशासन को उसके घर वालों को खोजने में पसीने छूट गए। जेल प्रशासन की सूचना पर बंदी के घर वाले शुक्रवार की दोपहर जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से बंदी का पोस्टमार्टम कराया है।

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जेल अधीक्षक विजय सिंह ने बताया कि जहॉनाबाद पुलिस ने 31 अगस्त 15 को बंदी महेंद्र कुमार पुत्र बनवारी को पशु क्रूरता अधिनियम के तहत जेल भेजा था। उसके वारंट पर निवास करने का पता सदर कोतवाली पीलीभीत के मोहल्ला अजीजगंज लिखा था। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदी नशे का आदी था। इस पर उसे जिला अस्पताल में रखा गया था। गुरुवार की आधी रात के बाद उसके सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। जिला कारागार के डॉक्टर नीरज वर्मा ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टर ने बंदी को फार्मेसिस्ट गोपाल सिंह राणा के साथ एंबुलेंस से लेकर रात करीब 1.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टर ने बंदी को मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन ने जब उसके घर वालों के घर सूचना देने के लिए पते की तस्दीक की तो पता लगा की सदर कोतवाली क्षेत्र में अजीजगंज मोहल्ला ही नहीं है। इस पर एसपी जेके शाही को मामले की जानकारी दी। एसपी ने जानकारी की तो जिले में अजीजगंज मोहल्ला नहीं मिला। शाहजहांपुर में अजीजगंज होने की बात प्रकाश में आने पर जेल अधीक्षक ने एसपी शाहजहांपुर से संपर्क किया और उन्हें जानकारी दी। शाहजहांपुर पुलिस ने जब तलाश की तो वह मोहल्ला चमकनी करबला थाना सदर बाजार का निवासी निकला। पुलिस ने उसके घर वालों को मौत की सूचना दी। सूचना पर उसका भाई धर्मेंद्र सिंह सहित परिवार के कई अन्य सदस्य शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे जिला अस्पताल पहुंच गए। बंदी का शव देख पत्नी रानी विलख पड़ी। मृतक के एक पुत्र आठ वर्षीय प्रिंस, तीन पुत्रियां 11 वर्षीय वर्षीय खुशी, सात वर्षीय प्रिया, चार वर्षीय विभा है।
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