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मुकेशा धीमर गिरोह ने डाली थी मैनीगुलड़िया में डकैती
Madotanda
Updated Sat, 18 Jul 2015 11:23 PM IST
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मैनीगुलड़िया में आठ जुलाई को हुई डकैती को मुकेशा धीमर गिरोह ने अंजाम दिया था। पुलिस ने डकैती का खुलासा का गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है जबकि सरगना फरार हो गया। पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस ने लूटे गए आभूषण नकदी के अलावा एक तमंचा व चाकू बरामद किया है।
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थाना क्षेत्र के गांव मैनीगुलड़िया निवासी कटेश्वर सिंह के घर आठ जुलाई की रात सशस्त्र बदमाशों ने धावा बोलकर घर वालों को बंधक बना लिया साथ ही दो वर्षीय पुत्र सोहन का एक पैर पकड़कर हाथ से उलटा लटका दिया और उसके गर्दन पर बांका रखकर जान से मार देने की धमकी देकर 1.53 लाख रुपये समेत करीब पांच लाख रुपये के जेवर लूट लिए थे। घटना केे बाद से ही पुलिस को इस डकैती में मुकेशा धीमर गिरोह का हाथ होने की आशंका थी। खुलासे में जुटी पुलिस ने शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव भगवंतापुर निवासी वेदराम और माधोटांडा थाना क्षेत्र के कटकवारा निवासी ध्यान सिंह को बराही जंगल के भारामल से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दबिश के समय गैंग का सरगना मुकेश फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों ने 10-10 हजार की नकदी, सोने के टॉप्स, कुछ अन्य आभूषण साथ वेदराम के पास तमंचा और ध्यान सिंह के पास से चाकू बरामद किया है। एसओ राजेंद्र सिंह ने बताया दोनों का चालान की जेल भेज दिया है।
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कार से पहुंचकर अंजाम दी घटना
डकैती के मामले में पकड़े गए वेदराम और ध्यान सिंह ने बताया कि मुकेश के साथ मिलकर उन लोगों ने घटना को अंजाम दिया। मुकेश अक्सर कटकवारा आकर रुकता है। आठ जुलाई को वह वेदराम को लेकर कार से भगवंतापुर पहुंचा और वहां से ध्यान सिंह को साथ लेकर मैनीगुलड़िया पहुंचे। गांव के बाहर गाड़ी खड़ी कर तीनों पैदल गांव में दाखिल हुए और घटना को अंजाम देकर कार से फरार हो गए। घर पहुंचने पर मुकेश ने दोनों को 10-10 हजार रुपये की नकदी और कुछ आभूषण दिए। बाकी माल उसने अपने पास रख लिया।
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