फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Bala took again the son of Nepalese businessman

नेपाली बाला को फिर ले गया व्यापारी

Thu, 07 Jul 2016 11:11 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 07 Jul 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
 जब-जब प्यार पर पहरा हुआ है प्यार और भी गहरा हुआ है... फिल्मी गीत की यह पंक्तियां कस्बे के अंकुश और नेपाल की वंदना पर सटीक बैठती है। कुछ महीना पहले दोनों ने शादी कर ली थी। शादी के बाद अंकुश वंदना को यहां अपने घर ले आया था, लेकिन लड़की के परिवार वाले कुछ नेपालियों के सहयोग से दिनदहाड़े अंकुश के घर पर धावा बोल वंदना को उठा ले गए थे। इधर, अब दोनों फिर काठमांडू से गायब हो गए हैं। अनहोनी की आशंका के चलते अंकुश का परिवार पलिया से अपने पैतृक गांव आ गया है।
विज्ञापन

कस्बे के व्यापारी रामनिवास गुप्ता पलिया में रहकर कारोबार करते हैं। उनका पुत्र अंकुश गुप्ता कई वर्षों से नेपाल के धनगढ़ी में जनरल स्टोर की दुकान चलाता है। इसी बीच अंकुश को नेपाल की वंदना से प्रेम हो गया। तीन महीना पहले अंकुश वंदना को नेपाल से ले आया। दोनों ने लखनऊ में कोर्ट मैरिज का प्रयास किया, लेकिन वंदना की नागरिकता का मामला आड़े आ गया था। इस पर दोनों ने लखनऊ के आर्यसमाज मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से विवाह कर प्रमाणपत्र भी हासिल कर लिया और फिर दोनों कस्बे में आकर रहने लगे। इस बीच वंदना के परिवार वालों को उसके कस्बे में होने भनक लग गई। इसके बाद उन्होंने नेपालियों के साथ दिनदहाड़े शस्त्रों से लैस होकर अंकुश के घर धावा बोला और वंदना को जबरन उठा ले गए। कस्बे के लोगों को यह बात नागवार गुजरी। इसकी शिकायत पुलिस से लेकर केंद्रीय मंत्री तक से की गई।
विज्ञापन

इधर, इस घटना के बाद दोनों बिछड़ तो गए लेकिन एक दूसरे के संपर्क में रहे और फिर मिलने के लिए प्रयास करते रहे। बताते हैं कि वंदना को उसको परिवार वालों ने धनगढ़ी से काठमांडू भेज दिया। घटना केे बाद अंकुश बीमार हो गया था, लेकिन स्वस्थ होने पर उसने वंदना की तलाश शुरू की। बताते हैं कि इसी बीच एक दिन फोन से उसका वंदना से संपर्क हो गया। दोनों ने पुन: वहां से निकलने की योजना बना ली। कुछ दिन पहले अंकुश काठमांडू पहुंचा और वंदना को लेकर चला गया। हालांकि दोनों घर तो नहीं आए, लेकिन अंकुश के पिता रामनिवास को इतनी जानकारी अवश्य हुई कि दोनों वहां से चले आए हैं। इधर, रामनिवास अनहोनी की आशंका के चलते परिवार समेत पुन: कस्बे में आकर अपने पैतृक घर में रहने लगे हैं। रामनिवास का कहना है कि दोनों की शादी हो चुकी है। दोनों एक दूसरे के बगैर नहीं सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed