{"_id":"5a3b93224f1c1b8b688b9dd0","slug":"61513853730-pilibhit-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सगे भाई ने साथियों संग की थी मोतीराम की हत्या, दो धरे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सगे भाई ने साथियों संग की थी मोतीराम की हत्या, दो धरे
Updated Thu, 21 Dec 2017 07:07 PM IST
विज्ञापन
हत्या कांड का खुलासा करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। जहानाबाद क्षेत्र के ग्राम हुसैन नगर निवासी साठ वर्षीय किसान मोतीराम की 13 नवंबर की रात गोली मारकर हत्या करने के मामले का जहानाबाद पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से बृहस्पतिवार को खुलासा किया। मुख्य हत्यारोपी कोई और नहीं, बल्कि हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कराने वाला मृतक का सगा भाई छोटेलाल निकला। जिसने 50 हजार रुपये देकर अपने दो साथियों की मदद से घटना को अंजाम दिया था। एसपी ने दोपहर 12 बजे पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर घटना का खुलासा करते हुए टीम के गुडवर्क को सराहा और पांच हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
लखनऊ में भर्ती अपने दोस्त को देखने जाने के लिए 13 नवंबर की शाम छह बजे घर से निकले किसान मोतीराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दूसरे दिन मकान से कुछ दूरी पर गांव के बाहर उसका शव पड़ा मिला था। मृतक के भाई छोटेलाल ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के प्यारेलाल, महेंद्रपाल समेत पांच के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। 14 नवंबर को मृतक का मोबाइल सिम दूसरे मोबाइल पर चलने और नामजद किए गए आरोपियों की लोकेशन कानपुर निकलने पर पुलिस ने गहनता से छानबीन शुरू कर दी थी। इसमें काफी छानबीन करने पर पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने वाले मृतक के भाई छोटेलाल पर शक गहराया। इसके बाद सीओ सदर योगेंद्र कुमार के निर्देशन में साइबर सेल प्रभारी संदीप तोमर, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां टीम के साथ सुरागरसी में लग गए। जिसके बाद सुराग जुटाए और छोटेलाल को धर दबोचा। उससे पूछताछ करने के बाद पुलिस के सामने आया कि हत्या उसी ने 50 हजार में रुपये देकर सरदार नगर जहानाबाद निवासी अकील शाह और फूल सिंह संग भाई मोतीराम की हत्या कर डाली। घटना के दिन घर से निकलने के बाद पहले से हत्याकांड की रुपरेखा रच चुके तीनों युवकों ने मोतीराम को रोक लिया। इसके बाद अकील ने किसान का हाथ पकड़ा और छोटेलाल ने 12 बोर के तमंचे से गोली मार दी। बुधवार को पकड़े गए आरोपी छोटेलाल व अकील शाह को मीडिया के सामने पेश कर एसपी ने हत्याकांड का खुलासा किया। इनके पास से पुलिस ने मृतक किसान मोतीराम का मोबाइल फोन और 12 बोर का तमंचा भी बरामद किया है।
000
हत्या के मुकदमे से बचने को कर दी भाई की हत्या
पकड़े गए हत्यारोपी छोटेलाल ने बताया कि 1990 में गांव के डोरीलाल की हत्या के मामले में वह व उसका भाई मोतीराम आरोपी हैं। दोनों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वर्तमान समय में दोनों अपील पर रिहा थे। इस मुकदमे से खुद को बचाने के लिए उसने भाई मोतीराम की हत्या का प्लान बनाकर घटना को अंजाम दे डाला और डोरीलाल के परिवार वालों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके अलावा भाई की आर्थिक स्थिति में लगातार हो रहा सुधार भी उसको नहीं भा रहा था।
विज्ञापन
000
जेल जाने से बच गए बेगुनाह: एसपी
नामजद किए गए पांचों युवक बेगुनाह थे, पुलिस टीम की सही तरीके से जांच ने उनको जेल जाने से बचा लिया। एक आरोपी फूूल सिंह अभी फरार है, उसकी धरपकड़ के लिए टीमें लगी हुई हैं। खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार का इनाम दिया गया है।
कलानिधि नैथानी, एसपी
----------
विज्ञापन
लखनऊ में भर्ती अपने दोस्त को देखने जाने के लिए 13 नवंबर की शाम छह बजे घर से निकले किसान मोतीराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दूसरे दिन मकान से कुछ दूरी पर गांव के बाहर उसका शव पड़ा मिला था। मृतक के भाई छोटेलाल ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के प्यारेलाल, महेंद्रपाल समेत पांच के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। 14 नवंबर को मृतक का मोबाइल सिम दूसरे मोबाइल पर चलने और नामजद किए गए आरोपियों की लोकेशन कानपुर निकलने पर पुलिस ने गहनता से छानबीन शुरू कर दी थी। इसमें काफी छानबीन करने पर पुलिस को मुकदमा दर्ज कराने वाले मृतक के भाई छोटेलाल पर शक गहराया। इसके बाद सीओ सदर योगेंद्र कुमार के निर्देशन में साइबर सेल प्रभारी संदीप तोमर, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां टीम के साथ सुरागरसी में लग गए। जिसके बाद सुराग जुटाए और छोटेलाल को धर दबोचा। उससे पूछताछ करने के बाद पुलिस के सामने आया कि हत्या उसी ने 50 हजार में रुपये देकर सरदार नगर जहानाबाद निवासी अकील शाह और फूल सिंह संग भाई मोतीराम की हत्या कर डाली। घटना के दिन घर से निकलने के बाद पहले से हत्याकांड की रुपरेखा रच चुके तीनों युवकों ने मोतीराम को रोक लिया। इसके बाद अकील ने किसान का हाथ पकड़ा और छोटेलाल ने 12 बोर के तमंचे से गोली मार दी। बुधवार को पकड़े गए आरोपी छोटेलाल व अकील शाह को मीडिया के सामने पेश कर एसपी ने हत्याकांड का खुलासा किया। इनके पास से पुलिस ने मृतक किसान मोतीराम का मोबाइल फोन और 12 बोर का तमंचा भी बरामद किया है।
विज्ञापन
000
हत्या के मुकदमे से बचने को कर दी भाई की हत्या
पकड़े गए हत्यारोपी छोटेलाल ने बताया कि 1990 में गांव के डोरीलाल की हत्या के मामले में वह व उसका भाई मोतीराम आरोपी हैं। दोनों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वर्तमान समय में दोनों अपील पर रिहा थे। इस मुकदमे से खुद को बचाने के लिए उसने भाई मोतीराम की हत्या का प्लान बनाकर घटना को अंजाम दे डाला और डोरीलाल के परिवार वालों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके अलावा भाई की आर्थिक स्थिति में लगातार हो रहा सुधार भी उसको नहीं भा रहा था।
विज्ञापन
000
जेल जाने से बच गए बेगुनाह: एसपी
नामजद किए गए पांचों युवक बेगुनाह थे, पुलिस टीम की सही तरीके से जांच ने उनको जेल जाने से बचा लिया। एक आरोपी फूूल सिंह अभी फरार है, उसकी धरपकड़ के लिए टीमें लगी हुई हैं। खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार का इनाम दिया गया है।
कलानिधि नैथानी, एसपी
----------