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पर्ची सिस्टम से एक माह में निपटे 2228 मामले
Updated Fri, 16 Jun 2017 06:07 PM IST
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पीलीभीत। फरियादी को न्याय दिलाने के लिए एसपी देवरंजन वर्मा की ओर से शुरू की गई पीलीभीत मॉडल ऑफ पर्ची सिस्टम योजना को एक माह पूरा हो चुका है। एक माह में हुई कार्रवाई को प्रेसवार्ता कर एसपी ने मीडिया के समक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने अब तक हुई कार्रवाई को बताते हुए इसको और बेहतर करने के लिए सुझाव मांगे।
शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने बताया कि 13 मई को पर्ची सिस्टम की शुरुआत जिले में की गई थी। इसके दौरान एक माह में थाना स्तर पर 2491 शिकायतें दर्ज की गई। जिनमें से 2228 का समाधान कराया जा चुका है। मात्र 263 शिकायतें निस्तारण होना बाकी है। सीओ कार्यालय से 198 फरियादियों को पर्ची दी गई। इसमें 149 का समाधान कराया जा चुका है। एएसपी और एसपी कार्यालय से सफेद पर्ची प्राप्त करने वाले 72 मामलों में 44 का निस्तारण हो चुका है। उन्होंने बताया कि पर्ची न देने का दबाव बनाने पर थाना प्रभारी व दरोगाओं पर कार्रवाई तय है। उन्होनें बताया कि जिन शिकायतों के निस्तारण में दरोगा, थानाध्यक्ष और सर्किल अफसर तीनों फेल हो जाएंगे। उनका निस्तारण विशेष तौर पर एएसपी को जांच देकर कराया जाएगा। इसके अलावा पीलीभीत मॉडल ऑफ समाधान दिवस को लेकर बताया कि अब तक हुए दो समाधान दिवसों में कुल 333 शिकायतें प्राप्त हुई। जबकि सुधार से पहले आंकड़ा 40-50 के बीच रहता था। इन शिकायतों में से 193 का निस्तारण हो चुका है। लंबित पड़ी 140 शिकायतों के निस्तारण के लिए 104 टीमें काम कर रही हैं। काफी सुधार के बाद शुरू हुए पीलीभीत मॉडल ऑफ परिवार परामर्श केंद्र की तीन सुनवाई के बाद 179 मामले सुने गए। इसमें टूटने की कगार पर पहुंच चुके 41 दंपतियों का दोबारा मिलन कराने में पुलिस कामयाब रही। दस मामले निरस्त किए गए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई पुलिसकर्मी इसको लेकर लापरवाही करता पाया जाता है, तो उसको सीधे निलंबित कर दिया जाएगा। इस मौके पर एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ सिटी निशांक शर्मा, सीओ सदर धर्म सिंह मार्छाल मौजूद रहे।
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शुक्रवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने बताया कि 13 मई को पर्ची सिस्टम की शुरुआत जिले में की गई थी। इसके दौरान एक माह में थाना स्तर पर 2491 शिकायतें दर्ज की गई। जिनमें से 2228 का समाधान कराया जा चुका है। मात्र 263 शिकायतें निस्तारण होना बाकी है। सीओ कार्यालय से 198 फरियादियों को पर्ची दी गई। इसमें 149 का समाधान कराया जा चुका है। एएसपी और एसपी कार्यालय से सफेद पर्ची प्राप्त करने वाले 72 मामलों में 44 का निस्तारण हो चुका है। उन्होंने बताया कि पर्ची न देने का दबाव बनाने पर थाना प्रभारी व दरोगाओं पर कार्रवाई तय है। उन्होनें बताया कि जिन शिकायतों के निस्तारण में दरोगा, थानाध्यक्ष और सर्किल अफसर तीनों फेल हो जाएंगे। उनका निस्तारण विशेष तौर पर एएसपी को जांच देकर कराया जाएगा। इसके अलावा पीलीभीत मॉडल ऑफ समाधान दिवस को लेकर बताया कि अब तक हुए दो समाधान दिवसों में कुल 333 शिकायतें प्राप्त हुई। जबकि सुधार से पहले आंकड़ा 40-50 के बीच रहता था। इन शिकायतों में से 193 का निस्तारण हो चुका है। लंबित पड़ी 140 शिकायतों के निस्तारण के लिए 104 टीमें काम कर रही हैं। काफी सुधार के बाद शुरू हुए पीलीभीत मॉडल ऑफ परिवार परामर्श केंद्र की तीन सुनवाई के बाद 179 मामले सुने गए। इसमें टूटने की कगार पर पहुंच चुके 41 दंपतियों का दोबारा मिलन कराने में पुलिस कामयाब रही। दस मामले निरस्त किए गए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई पुलिसकर्मी इसको लेकर लापरवाही करता पाया जाता है, तो उसको सीधे निलंबित कर दिया जाएगा। इस मौके पर एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ सिटी निशांक शर्मा, सीओ सदर धर्म सिंह मार्छाल मौजूद रहे।
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