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अफसर की शह पर कब्जाई करोड़ों की जमीन, डीएम ने की सख्ती तो छोड़ा कब्जा

Sun, 19 May 2019 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2019 01:46 AM IST
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अफसर की शह पर कब्जाई करोड़ों की जमीन, डीएम ने की सख्ती तो छोड़ा कब्जा
पीलीभीत। एक बड़े प्रशासनिक अफसर की साठगांठ से टनकपुर हाईवे पर डीएम आवास के पास ग्रीन बेल्ट में करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिया गया। कब्जेदारों ने नजूल की इस भूमि को हथियाने के लिए विनायक सेवा ट्रस्ट बनाकर वहां ध्यान योग केंद्र बनवा दिया। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को जमीन खाली कराने के निर्देश दिए। डीएम का कड़ा रुख देखते हुए भूखंड पर काबिज लोगों ने खुद कब्जा छोड़ दिया, लेकिन अब प्रशासन इसके लिए खुद अपनी पीठ तो थपथपा रहा है, लेकिन करोड़ों की जमीन पर, वह भी डीएम आवास के बराबर में कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है। मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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टनकपुर हाईवे पर डीएम आवास से लेकर आफिसर कॉलोनी के मोड़ तक के भूभाग को विनियमित क्षेत्र ने ग्रीन बेल्ट घोषित कर रखा है। इसका बाकायदा डीएम आवास रोड पर बोर्ड भी लगा है। बावजूद इसके एक बड़े प्रशासनिक अफसर ने जिले में अपनी तैनाती के दौरान इस जमीन पर शहर के बड़े कारोबारियों को कब्जा करा दिया। करोड़ों की इस बेशकीमती जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की प्लानिंग भी कर ली गई। नजूल की इस भूमि के ग्रीन बेल्ट में आने पर कब्जेदारों ने आस्था की आड़ में खेल रचा और कब्जाई गई जमीन को विनायक सेवा ट्रस्ट के लिए दान करना दिखा दिया। विनायक सेवा ट्रस्ट में जो पदाधिकारी हैं, दरअसल वही जमीन कब्जाने वाले भी हैं। ट्रस्ट की ओर से आननफानन में जमीन पर ध्यान योग केंद्र बना दिया गया। चूंकि जमीन पर कब्जे में एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी का सहयोग था सो कब्जेदारों ने जमीन पर खड़े करीब डेढ़ सौ पेड़ भी कटवा डाले और उनकी लकड़ी गायब कर दी। इतना ही नहीं कब्जेदारों ने ध्यान केंद्र के लिए डीएम आवास की चहारदीवारी के बराबर से पक्की सड़क का निर्माण भी करा दिया। करीब दो माह पूर्व इस खेल का पता चलने पर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने विनियमित क्षेत्र के जेई ओपी कुशवाहा को बुलाकर इसकी जानकारी ली। सारी तिकड़म समझ में आने पर डीएम ने न सिर्फ जेई को हड़काया बल्कि ग्रीन बेल्ट से अवैध कब्जा हटवाने की बात कही। इसके कुछ दिन बाद चुनाव में डीएम के व्यस्त होने पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस बीच एक बार फिर मामला सुर्खियों में आने पर पिछले दिनों सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया को डीएम ने जांच सौंप दी। सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से अवैध कब्जेदारों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई। इसके बाद आननफानन में रातों रात कब्जेदारों ने जमीन से ध्यान योग केंद्र का बोर्ड और वहां कराया गया निर्माण खुद ध्वस्त करा दिया। करोड़ों की इस बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों का पता चलने के बाद भी प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
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डीएम आवास के पीछे पड़ी खाली जमीन भी चर्चा में
सूत्र बताते हैं कि ध्यान योग केंद्र की आड़ में ट्रस्ट से जुड़े जमीन कारोबारी डीएम आवास के पीछे पड़ी अपनी जमीन तक ग्रीन बेल्ट से होकर रास्ते की व्यवस्था करना चाहते थे कि ताकि उनकी प्रस्तावित कॉलोनी के प्लाट महंगे दामों पर बिक सकें। इसी को लेकर समाज सेवा के हित का ढिंढोरा पीटकर ध्यान योग केंद्र बनाए जाने की स्क्रिप्ट लिखी गई। ताकि जमीन कारोबारियों के इस खेल का आने वाले अफसरों और शहरवासियों को पता नहीं चल सके।
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विनायक ट्रस्ट में यह लोग हैं शामिल
ध्यान योग केंद्र से चर्चा में आए विनायक सेवा ट्रस्ट में शराब कारोबारी रहे सतीश जायसवाल, बुक सेलर संघ के अध्यक्ष देवेश बंसल, बेनहर कॉलेज के संस्थापक परविंदर सिंह सैहमी, पुष्प इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर सतविंदर पाल सिंह संधू, सेवानिवृत्त कलक्ट्रेट कर्मचारी दुगार्दास राजानी आदि शामिल हैं।
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तत्कालीन डीएम ने किया था भव्य शुभारंभ
करीब चार माह पूर्व जब विनायक ट्रस्ट ने कब्जाई गई जमीन पर ध्यान योग केंद्र खोला तो उसका शुभारंभ तत्कालीन डीएम डॉ. अखिलेश मिश्रा ने किया था। जमीन कारोबारियों ने इस आयोजन पर लाखों रुपये खर्च किए थे। बाहर से भजन गायकों को बुलाया गया था। दो दिन तक ध्यान योग केंद्र पर भंडारा भी चला था। हालांकि इसके बाद कभी कोई आम आदमी वहां ध्यान करने नहीं पहुंचा।
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ग्रीन बेल्ट की जमीन से पेड़ काटने की होगी जांच
ध्यान योग केंद्र स्थापित करने के लिए इस भूखंड पर खड़े अर्जुन, शीशम आदि के करीब डेढ़ सौ पेड़ काटकर उनकी लकड़ी रातोंरात गायब कर दी गई, लेकिन उस वक्त वन विभाग के अफसरों ने भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब वन विभाग के अफसरों का कहना है कि उनकी ओर से पेड़ों को कटाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इधर, डीएम की सख्ती के बाद अब जब ध्यान योग केंद्र से अवैध कब्जा हट गया है तो सामाजिक वानिकी के अफसर भी गंभीर हो गए हैं। बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान का मामला संज्ञान में आने पर प्रभागीय निदेशक संजीव कुमार अब इसकी विभागीय जांच कराने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद विभागीय स्तर से अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
डीएम आवास के पास ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर कुछ लोगों ने ध्यान योग केंद्र की स्थापना की थी। मामला संज्ञान में आने पर सिटी मजिस्ट्रेट से इसकी जांच कराई गई। जांच में मामला सही मिलने पर अवैध कब्जा करने वालों को बुलाकर चेतावनी दी गई। इसके बाद कब्जेदारों ने स्वयं ही कब्जा हटा लिया है। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम

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तत्कालीन डीएम के समय ट्रस्ट का अनुबंध हुआ था। इसमें यह शर्त थी कि भूखंड पर कोई स्थायी पक्का निर्माण नहीं किया जाएगा। इसका उपयोग केवल ध्यान और योग के लिए ही होगा। इससे संबंधित दस्तावेज भी हमारे पास है। पिछले दिनों नोटिस दिया गया था। इस पर जमीन से कब्जा छोड़ दिया गया है।
- सतीश जायसवाल, ट्रस्टी, विनायक सेवा ट्रस्ट
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