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जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर बढ़ा तनाव
Updated Thu, 30 Nov 2017 11:28 PM IST
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जुलूस की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
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पुराने रास्ते से निकाले जाने की मांगी गई अनुमति
सूचना मिलने पर पहुंचे अफसर, घंटों हुई बातचीत
पीलीभीत। एक दिसंबर की रात को हशमत नगर से ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर तनाव के हालात बन गए हैं। पहले से ही चल रहे दो पक्षों के विवाद को लेकर मामला शांत नहीं हो सका था कि मदीनाशाह के कुछ लोगों ने तीन साल पुराने रास्ते पर जुलूस ले जाए जाने की मांग शुरू कर दी है। इसकी अनुमति मांगे जाने पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
शुक्रवार रात शहर में निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर शहर में बुधवार देर रात आस्ताने हशमतिया दरगाह पर सज्जादानशीं मौलाना जरताब रजा खां से इसी मांग को लेकर मदीनाशाह के कई लोग पहुंचे। उनसे बातचीत कर जुलूस को तीन साल पहले विवाद को लेकर अलग कर दिए गए पुराने रास्ते पर लाने की अपील की गई। दोनों के बीच हो रही बातचीत की जानकारी लगने पर प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। मामले की जानकारी करने के लिए सीओ एलआईयू सर्वेंद्र सिंह को मौके पर भेजा गया। कुछ ही देर में अफसरों से मिले निर्देश पर कोतवाल एसके सिंह और एसएचओ सुनगढ़ी मुहम्मद कासिम भी मौके पर आ गए। पुराने रूट पर जुलूस निकालने की मांग कर रहे लोगों से बातचीत की गई। अधिकारियों ने लोगों की ओर से की जा रही मांग को चंद घंटे पहले अचानक रूट बदलकर पूरा करने से साफ इंकार कर दिया। उनको अचानक यह सब मुनासिब न होने की बात समझाई। दो घंटे से अधिक चली बातचीत के बाद सभी को आश्वस्त किया जा सका। ऐसे में अब विवाद की स्थिति न बन जाए, अफसरों ने सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
दूसरे पक्ष को मिली जलसे की अनुमति
आस्ताने उस्मानिया के सज्जादानशीं मौलाना हसन मियां कदीरी की ओर से भी ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी। इसको अफसरों ने परंपरागत न होने पर रद्द कर दिया है। उनको हर साल की भांति जलसा करने की अनुमति दी गई है।
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अब कराई जा रही मुचलका पाबंद कार्रवाई
जुलूस का समय नजदीक आ चुका है, अब विवाद की स्थिति सामने आने पर अफसर सख्ती का ढोल पीटने में जुट गए है। मात्र 24 घंटे पहले दोनों पक्षों के लोगों को चिह्नित कर मुचलका पाबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि यह कार्य सुरक्षा के लिहाज से पहले कर लिया जाना था, लेकिन अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं थे।
हमारा जुलूस परंपरागत तरीके से निकाला जाएगा। प्रशासन से जिस रूट की अनुमति मिली है, उसी रास्ते पर जुलूस निकलेगा। इसको लेकर अफसरों से बातचीत लगातार की जा रही है।
- मौलाना जरताब रजा खां, सज्जादानशीं (आस्ताने हशमतिया दरगाह)
एसपी बोले, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त
परंपरागत तरीके से जुलूस को सकुशल संपन्न कराया जाएगा। हशमत नगर से निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। चिह्नीकरण कर कुछ स्थानों पर बेरीकेडिंग भी कराई जाएगी। दूसरे पक्ष को जुलूस की अनुमति नहीं है।
कलानिधि नैथानी, एसपी
हमने परंपरा के तहत प्रशासन से जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। जिसे प्रशासन ने नई परंपरा का हवाला देकर खारिज कर दिया है। प्रशासन ने ऐसा कर कई लोगों के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का हनन किया है। पहले प्रशासन इसकी अनुमति देता भी रहा है। नई परंपरा हम नहीं प्रशासन जुलूस को नए रास्ते से निकालकर डाल रहा है। प्रशासन के आदेश के मुताबिक हम जुलूस निकालने की कोशिश नहीं करेंगे। जलसा करेंगे।
- मौलाना हसन मियां कदीरी, सज्जानशीन, आस्ताने उस्मानियां
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सूचना मिलने पर पहुंचे अफसर, घंटों हुई बातचीत
पीलीभीत। एक दिसंबर की रात को हशमत नगर से ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर तनाव के हालात बन गए हैं। पहले से ही चल रहे दो पक्षों के विवाद को लेकर मामला शांत नहीं हो सका था कि मदीनाशाह के कुछ लोगों ने तीन साल पुराने रास्ते पर जुलूस ले जाए जाने की मांग शुरू कर दी है। इसकी अनुमति मांगे जाने पर प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
शुक्रवार रात शहर में निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर शहर में बुधवार देर रात आस्ताने हशमतिया दरगाह पर सज्जादानशीं मौलाना जरताब रजा खां से इसी मांग को लेकर मदीनाशाह के कई लोग पहुंचे। उनसे बातचीत कर जुलूस को तीन साल पहले विवाद को लेकर अलग कर दिए गए पुराने रास्ते पर लाने की अपील की गई। दोनों के बीच हो रही बातचीत की जानकारी लगने पर प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। मामले की जानकारी करने के लिए सीओ एलआईयू सर्वेंद्र सिंह को मौके पर भेजा गया। कुछ ही देर में अफसरों से मिले निर्देश पर कोतवाल एसके सिंह और एसएचओ सुनगढ़ी मुहम्मद कासिम भी मौके पर आ गए। पुराने रूट पर जुलूस निकालने की मांग कर रहे लोगों से बातचीत की गई। अधिकारियों ने लोगों की ओर से की जा रही मांग को चंद घंटे पहले अचानक रूट बदलकर पूरा करने से साफ इंकार कर दिया। उनको अचानक यह सब मुनासिब न होने की बात समझाई। दो घंटे से अधिक चली बातचीत के बाद सभी को आश्वस्त किया जा सका। ऐसे में अब विवाद की स्थिति न बन जाए, अफसरों ने सुरक्षा बंदोबस्त को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
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दूसरे पक्ष को मिली जलसे की अनुमति
आस्ताने उस्मानिया के सज्जादानशीं मौलाना हसन मियां कदीरी की ओर से भी ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी। इसको अफसरों ने परंपरागत न होने पर रद्द कर दिया है। उनको हर साल की भांति जलसा करने की अनुमति दी गई है।
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अब कराई जा रही मुचलका पाबंद कार्रवाई
जुलूस का समय नजदीक आ चुका है, अब विवाद की स्थिति सामने आने पर अफसर सख्ती का ढोल पीटने में जुट गए है। मात्र 24 घंटे पहले दोनों पक्षों के लोगों को चिह्नित कर मुचलका पाबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि यह कार्य सुरक्षा के लिहाज से पहले कर लिया जाना था, लेकिन अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं थे।
हमारा जुलूस परंपरागत तरीके से निकाला जाएगा। प्रशासन से जिस रूट की अनुमति मिली है, उसी रास्ते पर जुलूस निकलेगा। इसको लेकर अफसरों से बातचीत लगातार की जा रही है।
- मौलाना जरताब रजा खां, सज्जादानशीं (आस्ताने हशमतिया दरगाह)
एसपी बोले, सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त
परंपरागत तरीके से जुलूस को सकुशल संपन्न कराया जाएगा। हशमत नगर से निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। चिह्नीकरण कर कुछ स्थानों पर बेरीकेडिंग भी कराई जाएगी। दूसरे पक्ष को जुलूस की अनुमति नहीं है।
कलानिधि नैथानी, एसपी
हमने परंपरा के तहत प्रशासन से जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। जिसे प्रशासन ने नई परंपरा का हवाला देकर खारिज कर दिया है। प्रशासन ने ऐसा कर कई लोगों के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का हनन किया है। पहले प्रशासन इसकी अनुमति देता भी रहा है। नई परंपरा हम नहीं प्रशासन जुलूस को नए रास्ते से निकालकर डाल रहा है। प्रशासन के आदेश के मुताबिक हम जुलूस निकालने की कोशिश नहीं करेंगे। जलसा करेंगे।
- मौलाना हसन मियां कदीरी, सज्जानशीन, आस्ताने उस्मानियां