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बाग में पेड़ से फंदे पर लटका मिला मजदूर का शव
Updated Sun, 01 Oct 2017 10:03 AM IST
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पिपरिया संतोष गांव निवासी 35 वर्षीय मजदूर नरेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रात भर लापता रहने के बाद शनिवार सुबह उसका शव मकान से 500 मीटर की दूर एक बाग में आम की टहनी पर फंदे से लटका मिला। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। परिवार वाले और ग्रामीण मजदूर को शराब का आदी बताकर आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। घटना को लेकर गांव में हड़कंप मचा रहा।
माधोटांडा थाना क्षेत्र के पिपरिया संतोष गांव निवासी नरेश कुमार पुत्र खंचन मौर्य मजूदरी करते थे। शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह खाना खाकर घर से निकल गया। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। शनिवार सुबह मकान से पांच सौ मीटर की दूरी पर राजकुमार यादव के बाग में नरेश का शव आम के पेड़ की टहनी से फंदे पर लटका मिला। सफेद गमछे से फंदा बना हुआ था। बाग के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने शव लटका देख शोर मचाया। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में मैनाकोट चौकी प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। परिवारीजनों और ग्रामीणों से बातचीत की गई। इसमें सभी ने मृतक को शराब पीने का आदी बताते हुए आत्महत्या की बात कही। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
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इंसेट...
पैरों का टहनी से सटा होना आत्महत्या पर खड़े कर रहा सवाल
पीलीभीत। मजदूर नरेश कुमार की फंदे पर लाश मिलने के बाद परिवार वाले और ग्रामीण उसके आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। उसको शराब का आदी बताया जा रहा है। जबकि घटनास्थल के हालात देखने पर पुलिस को भी घटना कुछ हटकर होने का शक है। दरअसल जिस पेड़ पर नरेश का शव मिला है, वहां की स्थिति देखते हुए आत्महत्या की बात कह तो बहुत लोग रहे हैं, लेकिन शव के दोनों पैर दूसरी टहनी पर टिके हुए हैं। ऐसे में उसके आत्महत्या करने की बात पर सवाल खड़ा हो गया है। काफी पूछने के बाद भी परिवारीजन आत्महत्या करने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बता सके। पुलिस के पूछने पर बताया गया कि उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। कोई रंजिश या कोई मानसिक तनाव की स्थिति भी नहीं थी, फिर उसने आत्महत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। नरेश दो भाईयों में छोटा और अविवाहित था। उसका बड़ा भाई सुंदरलाल है। सभी एक साथ रहते हैं। परिवार की तीन बीघा जमीन पिता के नाम है। अभी दो दिन पहले ही नेपाल से मजदूरी कर वह घर लौटा था। गांव के लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात दोनों भाईयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने भाई से काफी पूछा, लेकिन उसने विवाद न होने की बात कही। किसी तरह की कोई तहरीर कार्रवाई के लिए पुलिस को नहीं दी गई है। मजदूर नरेश की मौत की अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए अब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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कोट...
मजदूर के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही गई है। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी। कानूनी कार्रवाई के लिए कोई तहरीर अभी पुलिस को नहीं मिली है।
-इंद्र सिंह, एसएचओ माधोटांडा
माधोटांडा थाना क्षेत्र के पिपरिया संतोष गांव निवासी नरेश कुमार पुत्र खंचन मौर्य मजूदरी करते थे। शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह खाना खाकर घर से निकल गया। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। शनिवार सुबह मकान से पांच सौ मीटर की दूरी पर राजकुमार यादव के बाग में नरेश का शव आम के पेड़ की टहनी से फंदे पर लटका मिला। सफेद गमछे से फंदा बना हुआ था। बाग के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने शव लटका देख शोर मचाया। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में मैनाकोट चौकी प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। परिवारीजनों और ग्रामीणों से बातचीत की गई। इसमें सभी ने मृतक को शराब पीने का आदी बताते हुए आत्महत्या की बात कही। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
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पैरों का टहनी से सटा होना आत्महत्या पर खड़े कर रहा सवाल
पीलीभीत। मजदूर नरेश कुमार की फंदे पर लाश मिलने के बाद परिवार वाले और ग्रामीण उसके आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं। उसको शराब का आदी बताया जा रहा है। जबकि घटनास्थल के हालात देखने पर पुलिस को भी घटना कुछ हटकर होने का शक है। दरअसल जिस पेड़ पर नरेश का शव मिला है, वहां की स्थिति देखते हुए आत्महत्या की बात कह तो बहुत लोग रहे हैं, लेकिन शव के दोनों पैर दूसरी टहनी पर टिके हुए हैं। ऐसे में उसके आत्महत्या करने की बात पर सवाल खड़ा हो गया है। काफी पूछने के बाद भी परिवारीजन आत्महत्या करने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बता सके। पुलिस के पूछने पर बताया गया कि उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ। कोई रंजिश या कोई मानसिक तनाव की स्थिति भी नहीं थी, फिर उसने आत्महत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। नरेश दो भाईयों में छोटा और अविवाहित था। उसका बड़ा भाई सुंदरलाल है। सभी एक साथ रहते हैं। परिवार की तीन बीघा जमीन पिता के नाम है। अभी दो दिन पहले ही नेपाल से मजदूरी कर वह घर लौटा था। गांव के लोगों ने बताया कि शुक्रवार रात दोनों भाईयों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने भाई से काफी पूछा, लेकिन उसने विवाद न होने की बात कही। किसी तरह की कोई तहरीर कार्रवाई के लिए पुलिस को नहीं दी गई है। मजदूर नरेश की मौत की अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने के लिए अब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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मजदूर के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही गई है। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी। कानूनी कार्रवाई के लिए कोई तहरीर अभी पुलिस को नहीं मिली है।
-इंद्र सिंह, एसएचओ माधोटांडा