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28 घंटे बाद सफाईकर्मी के शव का अंतिम संस्कार
सार
बाग गुलशेर खां मोहल्ले में खिड़की के विवाद में शुक्रवार को 55 वर्षीय सफाई कर्मी रमा सैनी की उनके फुफेरे देवर ने पीटकर हत्या कर दी थी। उन्हें बताया कि नामजद आरोपी संतोष उनके बेटे विजय और अजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार को एक घर में अर्थी रखी थी तो दूसरे घर के लोग हवालात में थे।-- सिपाही ने किया आग में घी डालने का कामदरअसल मामूली विवाद पुलिस की जरा सी लापरवाही में बड़े हो जाते हैं।
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विस्तार
पीलीभीत। शहर के मोहल्ला बाग गुलेशर खां में महिला सफाईकर्मी रमा सैनी की हत्या के 28 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार सुबह सीओ सिटी सफाईकर्मी के घर गए। यहां परिजनों को बताया कि कोतवाली पुलिस ने हमलावर पिता व उसके दो पुत्रों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद परिजन माने। दिन में 11:30 बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्या शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे की गई थी।
बाग गुलशेर खां मोहल्ले में खिड़की के विवाद में शुक्रवार को 55 वर्षीय सफाई कर्मी रमा सैनी की उनके फुफेरे देवर ने पीटकर हत्या कर दी थी। रमा के लड़के भी मारपीट में घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले आए और यह कहकर अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया कि जब तक सारे हमलावर नहीं पकड़े जाते वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इतना सुनने के बाद पुलिस में खलबली मच गई। शाम गुजर गई लेकिन रमा के पति भरत सिंह ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। पूरी रात शव घर में ही रखा रहा। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे सीओ सिटी सुनील दत्त घर पर गए और परिजनों से बातचीत की। उन्हें बताया कि पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों को तलाशा जा रहा है। जल्द से जल्द उन्हें जेल भेजा जाएगा लेकिन भरत सैनी नहीं माने। कोतवाली पुलिस भी परिवार वालों से बात कर मनाने का प्रयास करती रही लेकिन बात नहीं बनी।
शनिवार सुबह करीब आठ बजे सीओ सिटी फिर भरत के घर पहुंचे। उन्हें बताया कि नामजद आरोपी संतोष उनके बेटे विजय और अजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि परिजन कुछ और आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की बात कह रहे थे। उन्हें समझाया गया कि हमले में अगर महिलाएं शामिल होंगी तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। तब कही जाकर परिजन माने। इसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। दिन के साढ़े ग्यारह बजे श्मशान भूमि पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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मामूली विवाद ने बर्बाद कर दिए दो परिवार
मोहल्ला बाग गुलशेर खां में रमा सैनी की हत्या मामूली विवाद में हुई। फुफेरा देवर संतोष उनकी तरफ खिड़की से कूड़ा फेंकता था, भरत खिड़की बंद कराने के लिए दीवार खड़ी कर रहे थे। कई बार आपस में इसको लेकर बातचीत हुई। मामूली विवाद प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया। बृहस्पतिवार को जब भरत ने दीवार खड़ी करना शुरू की तभी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और शुक्रवार को इस विवाद का अंत रमा की मौत के साथ हुआ। दूसरे पक्ष के भी संतोष व उनके लड़के जेल चले गए। उनकी पत्नियां घर से भागी हुई हैं। शनिवार को एक घर में अर्थी रखी थी तो दूसरे घर के लोग हवालात में थे।
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सिपाही ने किया आग में घी डालने का काम
दरअसल मामूली विवाद पुलिस की जरा सी लापरवाही में बड़े हो जाते हैं। इस विवाद में भी कोतवाली के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध है। बृहस्पतिवार को झगड़ेे के बाद दोनों पक्षों को चौकी बुलाया गया। भरत तो शाम को चौकी पहुंच गए लेकिन दूसरा पक्ष नहीं पहुंचा। चौकी पर भी कोई मौजूद नहीं था। उल्टा एक सिपाही जाकर संतोष का पक्ष लेते हुए भरत को हड़का आया कि दीवार बनवाना तो दूर हाथ तक मत लगा देना। सिपाही के इस कथन ने आग में घी डालने का काम किया और इतनी बढ़ी घटना हो गई।
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बाग गुलशेर खां मोहल्ले में खिड़की के विवाद में शुक्रवार को 55 वर्षीय सफाई कर्मी रमा सैनी की उनके फुफेरे देवर ने पीटकर हत्या कर दी थी। रमा के लड़के भी मारपीट में घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले आए और यह कहकर अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया कि जब तक सारे हमलावर नहीं पकड़े जाते वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इतना सुनने के बाद पुलिस में खलबली मच गई। शाम गुजर गई लेकिन रमा के पति भरत सिंह ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। पूरी रात शव घर में ही रखा रहा। शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे सीओ सिटी सुनील दत्त घर पर गए और परिजनों से बातचीत की। उन्हें बताया कि पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपियों को तलाशा जा रहा है। जल्द से जल्द उन्हें जेल भेजा जाएगा लेकिन भरत सैनी नहीं माने। कोतवाली पुलिस भी परिवार वालों से बात कर मनाने का प्रयास करती रही लेकिन बात नहीं बनी।
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शनिवार सुबह करीब आठ बजे सीओ सिटी फिर भरत के घर पहुंचे। उन्हें बताया कि नामजद आरोपी संतोष उनके बेटे विजय और अजय को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि परिजन कुछ और आरोपियों को भी गिरफ्तार करने की बात कह रहे थे। उन्हें समझाया गया कि हमले में अगर महिलाएं शामिल होंगी तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। तब कही जाकर परिजन माने। इसके बाद अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। दिन के साढ़े ग्यारह बजे श्मशान भूमि पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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मामूली विवाद ने बर्बाद कर दिए दो परिवार
मोहल्ला बाग गुलशेर खां में रमा सैनी की हत्या मामूली विवाद में हुई। फुफेरा देवर संतोष उनकी तरफ खिड़की से कूड़ा फेंकता था, भरत खिड़की बंद कराने के लिए दीवार खड़ी कर रहे थे। कई बार आपस में इसको लेकर बातचीत हुई। मामूली विवाद प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया। बृहस्पतिवार को जब भरत ने दीवार खड़ी करना शुरू की तभी दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और शुक्रवार को इस विवाद का अंत रमा की मौत के साथ हुआ। दूसरे पक्ष के भी संतोष व उनके लड़के जेल चले गए। उनकी पत्नियां घर से भागी हुई हैं। शनिवार को एक घर में अर्थी रखी थी तो दूसरे घर के लोग हवालात में थे।
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सिपाही ने किया आग में घी डालने का काम
दरअसल मामूली विवाद पुलिस की जरा सी लापरवाही में बड़े हो जाते हैं। इस विवाद में भी कोतवाली के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध है। बृहस्पतिवार को झगड़ेे के बाद दोनों पक्षों को चौकी बुलाया गया। भरत तो शाम को चौकी पहुंच गए लेकिन दूसरा पक्ष नहीं पहुंचा। चौकी पर भी कोई मौजूद नहीं था। उल्टा एक सिपाही जाकर संतोष का पक्ष लेते हुए भरत को हड़का आया कि दीवार बनवाना तो दूर हाथ तक मत लगा देना। सिपाही के इस कथन ने आग में घी डालने का काम किया और इतनी बढ़ी घटना हो गई।