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पांच महीने बाद कब्र खुदवाकर निकलवाया तीन महीने के मासूम का शव
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कलीनगर। तीन महीने के जिस मासूम की हत्या का आरोप नाना, नानी, मामा और मां पर है, उसका शव मौत के 139 दिन बाद रविवार को कब्र से निकाला गया। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में खोदाई हुई मगर कंकाल ही निकल सका। इन हड्डियों को ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। संपत्ति के विवाद में बच्चे की हत्या कर साक्ष्य छुपाने की रिपोर्ट तीन मार्च को अदालत के आदेश पर मासूम के पिता ने माधोटांडा में दर्ज कराई थी। मासूम को 21 जनवरी को दफनाया गया था। खोदाई के वक्त नाना, मामा और पिता मौजूद रहे।
माधोटांडा निवासी संजय सिंह यादव का विवाह दिसंबर 2020 में गांव के ही मेहताब सिंह की पुत्री साधना के साथ हुआ था। संजय के मुताबिक उनकी संपत्ति को लेकर आए दिन ससुराल के लोग धमकी देते थे। ससुरालियों ने कई बार घर में आकर उनके साथ मारपीट भी की। पुत्र को ससुराल वाले जबरदस्ती घर ले गए। 21 जनवरी 2022 को पुत्र की मृत्यु की खबर मिलने पर वह ससुराल पहुंचे मगर लाश तक देखने को नहीं मिली। उन्हें पुत्र की हत्या कर शव छिपाने का शक हुआ था। तब उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मासूम की मौत के लगभग पांच माह बाद डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम की अनुमति दी गई। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामस्वरूप पुलिस के साथ गोमती उद्गम स्थल के निकट शमशान घाट पर पहुंचे। कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। शव कंकाल में परिवर्तित होने पर हड्डियां बरामद हुईं। इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र यादव ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
ये हैं आरोप
माधोटांडा निवासी संजय सिंह यादव ने कोर्ट के आदेश से तीन मार्च 2022 को माधोटांडा थाने में अपनी पत्नी, सास व ससुर समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कराया था। कहा था कि वह अपने माता पिता का इकलौता पुत्र है। संपत्ति के लालच में आकर पड़ोस के ही मेहताब सिंह ने अपनी पुत्री का विवाह उनके साथ कर दिया था। शादी के बाद से ही संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गए थे। पत्नी मायके चली गई। तीन माह का बेटा उन्हीं के पास था। कुछ दिन बाद ससुराल के लोग घर में आकर मासूम को जबरदस्ती अपने साथ ले गए थे। इसके बाद हत्या कर शव को छुपा दिया था।
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‘डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम के लिए मासूम के शव को कब्र से निकाला है पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।’
- रामस्वरूप, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट
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माधोटांडा निवासी संजय सिंह यादव का विवाह दिसंबर 2020 में गांव के ही मेहताब सिंह की पुत्री साधना के साथ हुआ था। संजय के मुताबिक उनकी संपत्ति को लेकर आए दिन ससुराल के लोग धमकी देते थे। ससुरालियों ने कई बार घर में आकर उनके साथ मारपीट भी की। पुत्र को ससुराल वाले जबरदस्ती घर ले गए। 21 जनवरी 2022 को पुत्र की मृत्यु की खबर मिलने पर वह ससुराल पहुंचे मगर लाश तक देखने को नहीं मिली। उन्हें पुत्र की हत्या कर शव छिपाने का शक हुआ था। तब उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मासूम की मौत के लगभग पांच माह बाद डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम की अनुमति दी गई। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामस्वरूप पुलिस के साथ गोमती उद्गम स्थल के निकट शमशान घाट पर पहुंचे। कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। शव कंकाल में परिवर्तित होने पर हड्डियां बरामद हुईं। इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र यादव ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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ये हैं आरोप
माधोटांडा निवासी संजय सिंह यादव ने कोर्ट के आदेश से तीन मार्च 2022 को माधोटांडा थाने में अपनी पत्नी, सास व ससुर समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कराया था। कहा था कि वह अपने माता पिता का इकलौता पुत्र है। संपत्ति के लालच में आकर पड़ोस के ही मेहताब सिंह ने अपनी पुत्री का विवाह उनके साथ कर दिया था। शादी के बाद से ही संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गए थे। पत्नी मायके चली गई। तीन माह का बेटा उन्हीं के पास था। कुछ दिन बाद ससुराल के लोग घर में आकर मासूम को जबरदस्ती अपने साथ ले गए थे। इसके बाद हत्या कर शव को छुपा दिया था।
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‘डीएम के आदेश पर पोस्टमार्टम के लिए मासूम के शव को कब्र से निकाला है पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।’
- रामस्वरूप, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट