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एसटीएफ में रहे शाहजहांपुर एसपी को खुलासे के लिए जुटाया
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पीलीभीत। शाहजहांपुर एसपी पहले एसटीएफ में तैनात थे। इसके बाद उन्हें शाहजहांपुर का एसपी बनाया गया। बरखेड़ा कांड के खुलासे के लिए एडीजी ने मुख्य रूप से उन्हें जिम्मेदारी दी है। एसटीएफ में तैनात होने के कारण आपराधिक घटना खोलने में एक्सपर्ट होने के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
बिटिया से दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एडीजी के निर्देश पर आईजी बरखेड़ा थाने में कई दिनों से कैंप किए हुए हैं। एसटीएफ में काम कर चुके एसपी शाहजहांपुर, बरेली के एसएसपी, पीलीभीत के एसपी सहित तीन आईपीएस, एएसपी पीलीभीत समेत दो सीओ और सात एसएसओ खुलासे में जुटे हुए हैं। इसके अलावा जिले के थानों में तैनात सात एसएचओ लगाए गए हैं। बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर की एसओजी टीम, सर्विलांस टीमों को लगाया गया है। इसके बाद भी असली गुनाहगार पुलिस के हाथ नहीं लग सके। सिर्फ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ करने में जुटी है। असली गुनाहगार पुलिस के हत्थे कब चढ़ेंगे। इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरिंदें अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे, इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग गया है।
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बिटिया से दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एडीजी के निर्देश पर आईजी बरखेड़ा थाने में कई दिनों से कैंप किए हुए हैं। एसटीएफ में काम कर चुके एसपी शाहजहांपुर, बरेली के एसएसपी, पीलीभीत के एसपी सहित तीन आईपीएस, एएसपी पीलीभीत समेत दो सीओ और सात एसएसओ खुलासे में जुटे हुए हैं। इसके अलावा जिले के थानों में तैनात सात एसएचओ लगाए गए हैं। बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर की एसओजी टीम, सर्विलांस टीमों को लगाया गया है। इसके बाद भी असली गुनाहगार पुलिस के हाथ नहीं लग सके। सिर्फ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ करने में जुटी है। असली गुनाहगार पुलिस के हत्थे कब चढ़ेंगे। इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरिंदें अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे, इसको लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग गया है।
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