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बीडीओ ने दिए रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश
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पूरनपुर। आंगनबाड़ी केंद्र भवन न बनाकर 6,84,280 रुपये का गबन करने के मामले में बीडीओ ने एडीओ पंचायत को पूर्व प्रधान, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव और अन्य पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए है। धनराशि की वसूली की संस्तुति कर डीपीआरओ को पत्र भेजा जाएगा।
ग्राम पंचायत शहबाजपुर में पहले से बने दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन थे। वर्ष 2018-19 में 79 आंगनबाड़ी भवन निर्माण का जिले को लक्ष्य मिला था। इसमें से ग्राम पंचायत शहबाजपुर में भी एक आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण होना था। मगर ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण न कराकर स्वीकृत 484280 रुपये और मनरेगा से खर्च होने वाली दो लाख रुपये का गबन कर लिया गया। मनरेगा मजदूर न चलने के बाद मस्टररोल भरा गया। मौके पर बगैर पहुंचे ही तकनीकी सहायक ने मेजरमेंट बुक तैयार कर दी। शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच की और छह सदस्यीय टीम ने बारीकी से जांच कराई। जांच में पुराने आंगनबाड़ी केंद्र भवन को ही नया बनाया हुआ दर्शाना पाया गया। इस मामले में एडीओ (पंचायत) को पूरी पत्रावली भेजकर पूर्व प्रधान, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश बीडीओ ने दिए है। गबन की धनराशि वसूली को संस्तुति सहित डीपीआरओ को पत्र भेजा जाएगा।
बगैर आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए धनराशि का गबन करने के मामले में एडीओ पंचायत को पत्रावली भेजकर गबन करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए है। गबन की धनराशि को संस्तुति सहित डीपीआरओ को शीघ्र पत्र लिखा जाएगा। आरोपी अब गांव में घटिया निर्माण सामग्री से आंगनबाड़ी केंद्र भवन बना रहे है। इसका कोई औचित्य ही नहीं है। - सुनील जायसवाल, खंड विकास अधिकारी
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ग्राम पंचायत शहबाजपुर में पहले से बने दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन थे। वर्ष 2018-19 में 79 आंगनबाड़ी भवन निर्माण का जिले को लक्ष्य मिला था। इसमें से ग्राम पंचायत शहबाजपुर में भी एक आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण होना था। मगर ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण न कराकर स्वीकृत 484280 रुपये और मनरेगा से खर्च होने वाली दो लाख रुपये का गबन कर लिया गया। मनरेगा मजदूर न चलने के बाद मस्टररोल भरा गया। मौके पर बगैर पहुंचे ही तकनीकी सहायक ने मेजरमेंट बुक तैयार कर दी। शिकायत पर खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच की और छह सदस्यीय टीम ने बारीकी से जांच कराई। जांच में पुराने आंगनबाड़ी केंद्र भवन को ही नया बनाया हुआ दर्शाना पाया गया। इस मामले में एडीओ (पंचायत) को पूरी पत्रावली भेजकर पूर्व प्रधान, पूर्व में तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश बीडीओ ने दिए है। गबन की धनराशि वसूली को संस्तुति सहित डीपीआरओ को पत्र भेजा जाएगा।
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बगैर आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाए धनराशि का गबन करने के मामले में एडीओ पंचायत को पत्रावली भेजकर गबन करने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए है। गबन की धनराशि को संस्तुति सहित डीपीआरओ को शीघ्र पत्र लिखा जाएगा। आरोपी अब गांव में घटिया निर्माण सामग्री से आंगनबाड़ी केंद्र भवन बना रहे है। इसका कोई औचित्य ही नहीं है। - सुनील जायसवाल, खंड विकास अधिकारी
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