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चार दिन में झगड़े की वजह नहीं तलाश पाई पुलिस, पिटने वाले सिपाही भी अंडर ग्राउंड
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पूरनपुर। चार दिन पहले विधायक को मौसा बताकर सिपाहियों को पीटने वाले आवारा युवकों को पुलिस चार दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। न ही पुलिस अब तक यह जान सकी है कि सिपाहियों की मारपीट की वजह क्या थी। आवारा युवक से पिटने वाले सिपाही भी शर्म की वजह से अंडर ग्राउंड हो गए हैं। इधर, आवारा युवक पुलिस की मार से बचने के लिए नेताओं की शरण में पहुंच गए हैं।
22 अक्टूबर की रात नगर की पंकज कॉलोनी निवासी आकाश, विकास, प्रवीण, प्रद्युम्न समेत छह-सात अज्ञात युवकों ने विधायक बाबूराम पासवान को अपना मौसा बताकर सिपाही राजन तोमर और अक्षय तोमर को सड़क पर बेरहमी से पीटा था। बीच बचाव करने पहुुंचे सिपाही मलिक को भी पीटा गया था। आवारा युवक सिपाही राजन तोमर को मारते-घसीटते हुए विधायक के आवास पर भी ले गए थे। बताते हैं कि वहां कॉलोनी की महिलाओं ने भी सिपाही को पीटा था। यह सिपाही वर्दी में नहीं थे, इसलिए और भी ज्यादा पिटे। विधायक ने पुलिस को सूचना दी। तब युवक उनके घर के गेट के सामने से भागे। पुलिस ने सिपाही राजन की तहरीर पर मामले की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। मगर, चार दिन बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि पुलिस अपनी इज्जत बचाने के लिए कुतर्कों का सहारा ले रही है। यह कहकर बचाव किया जा रहा है कि युवकों के घर पर दबिश दी जा रही है। वह मकान में ताला डालकर फरार हो गए हैं। मगर, सिपाही और युवकों के बीच झगड़ा किस बात पर हुआ, यह भी नहीं पता चला।
सिपाही के टोकने पर उल्टे सीधे दिए थे जवाब
सूत्रों का कहना है कि दोनों सिपाही भी रात में सिविल ड्रेस में थे। युवकों से कहासुनी होने के बाद उल्टे सीधे बोलने पर दोनों के बीच झगड़ा बढ़ा। केस के विवेचक चौकी इंचार्ज निर्देश सिंह चौहान ने बताया कि सिपाहियों से मारपीट करने वाले युवकों में कुछ शराबी हैं। एक युवक को जेल भी भेजा जा चुका है। वह कुछ दिन पहले ही छूटकर आया है। सिपाहियों के टोकने पर वह उल्टा जबाव देकर उनसे भिड़ गए थे और पीटने लगे। हालांकि पिटने के बाद सिपाही भी अंडर ग्राउंड हो गए हैं। कुछ पुलिस कर्मियों का कहना है कि युवकों से पिटने वाले सिपाही अपना तबादला कराने की जुगाड़ में लग गए हैं। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि सिपाहियों से मारपीट करने वाले युवकों की तलाश की जा रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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22 अक्टूबर की रात नगर की पंकज कॉलोनी निवासी आकाश, विकास, प्रवीण, प्रद्युम्न समेत छह-सात अज्ञात युवकों ने विधायक बाबूराम पासवान को अपना मौसा बताकर सिपाही राजन तोमर और अक्षय तोमर को सड़क पर बेरहमी से पीटा था। बीच बचाव करने पहुुंचे सिपाही मलिक को भी पीटा गया था। आवारा युवक सिपाही राजन तोमर को मारते-घसीटते हुए विधायक के आवास पर भी ले गए थे। बताते हैं कि वहां कॉलोनी की महिलाओं ने भी सिपाही को पीटा था। यह सिपाही वर्दी में नहीं थे, इसलिए और भी ज्यादा पिटे। विधायक ने पुलिस को सूचना दी। तब युवक उनके घर के गेट के सामने से भागे। पुलिस ने सिपाही राजन की तहरीर पर मामले की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। मगर, चार दिन बाद भी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि पुलिस अपनी इज्जत बचाने के लिए कुतर्कों का सहारा ले रही है। यह कहकर बचाव किया जा रहा है कि युवकों के घर पर दबिश दी जा रही है। वह मकान में ताला डालकर फरार हो गए हैं। मगर, सिपाही और युवकों के बीच झगड़ा किस बात पर हुआ, यह भी नहीं पता चला।
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सिपाही के टोकने पर उल्टे सीधे दिए थे जवाब
सूत्रों का कहना है कि दोनों सिपाही भी रात में सिविल ड्रेस में थे। युवकों से कहासुनी होने के बाद उल्टे सीधे बोलने पर दोनों के बीच झगड़ा बढ़ा। केस के विवेचक चौकी इंचार्ज निर्देश सिंह चौहान ने बताया कि सिपाहियों से मारपीट करने वाले युवकों में कुछ शराबी हैं। एक युवक को जेल भी भेजा जा चुका है। वह कुछ दिन पहले ही छूटकर आया है। सिपाहियों के टोकने पर वह उल्टा जबाव देकर उनसे भिड़ गए थे और पीटने लगे। हालांकि पिटने के बाद सिपाही भी अंडर ग्राउंड हो गए हैं। कुछ पुलिस कर्मियों का कहना है कि युवकों से पिटने वाले सिपाही अपना तबादला कराने की जुगाड़ में लग गए हैं। कोतवाल एसके सिंह ने बताया कि सिपाहियों से मारपीट करने वाले युवकों की तलाश की जा रही है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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