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सेल्समैन ने हाथ खींच लिए तो बच गया विधायक का भतीजा
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पीलीभीत। शराब की दुकान पर विधायक के भतीजे द्वारा तोड़फोड़ करने के मामले में लिखित शिकायत न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस ने भी जांच के नाम पर औपचारिकता निभाई और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
जहानाबाद कस्बे में रिछा तिराहा पर अंग्रेजी शराब की दुकान है। यहां एक विधायक का भतीजा शुक्रवार दोपहर शराब उधार लेने पहुंच गया था। सेल्समैन ने उसे उधार में शराब देने से मना कर दिया। उसके इनकार करने पर विधायक के भतीजे ने हंगामा करते हुए दुकान में तोड़फोड़ की थी। कुछ दूरी पर ड्यूटी कर रही महिला सिपाही के टोकने पर विधायक के भतीजे ने उससे भी अभद्रता की। हंगामा करने वाले के बारे में सेल्समैन को पहले पता नहीं चला कि वह कौन है। तब वह आक्रामक भी रहा और कार्रवाई की बात कहता रहा। मगर, जब सेल्समैन को यह पता चला कि हंगामा करने वाला विधायक का भतीजा है तो उसने कार्रवाई से कदम पीछे खींच लिए। सेल्समैन की तरफ से थाने में तहरीर नहीं दी गई। उधर, इस मामले में पहले दिन पुलिस छानबीन करने की बात कहती रही। मगर दूसरे दिन पूरे मामले को शिकायत न मिलने की बात कहकर दबा दिया गया। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि शराब की दुकान पर हंगामे की मौखिक सूचना मिलने पर जांच की गई। मगर, थाने में कोई भी शिकायत करने नहीं आया है। ऐसे में हंगामा करने वाले विधायक के भतीजे पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
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जहानाबाद कस्बे में रिछा तिराहा पर अंग्रेजी शराब की दुकान है। यहां एक विधायक का भतीजा शुक्रवार दोपहर शराब उधार लेने पहुंच गया था। सेल्समैन ने उसे उधार में शराब देने से मना कर दिया। उसके इनकार करने पर विधायक के भतीजे ने हंगामा करते हुए दुकान में तोड़फोड़ की थी। कुछ दूरी पर ड्यूटी कर रही महिला सिपाही के टोकने पर विधायक के भतीजे ने उससे भी अभद्रता की। हंगामा करने वाले के बारे में सेल्समैन को पहले पता नहीं चला कि वह कौन है। तब वह आक्रामक भी रहा और कार्रवाई की बात कहता रहा। मगर, जब सेल्समैन को यह पता चला कि हंगामा करने वाला विधायक का भतीजा है तो उसने कार्रवाई से कदम पीछे खींच लिए। सेल्समैन की तरफ से थाने में तहरीर नहीं दी गई। उधर, इस मामले में पहले दिन पुलिस छानबीन करने की बात कहती रही। मगर दूसरे दिन पूरे मामले को शिकायत न मिलने की बात कहकर दबा दिया गया। इंस्पेक्टर हरीश वर्धन सिंह ने बताया कि शराब की दुकान पर हंगामे की मौखिक सूचना मिलने पर जांच की गई। मगर, थाने में कोई भी शिकायत करने नहीं आया है। ऐसे में हंगामा करने वाले विधायक के भतीजे पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
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