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वाहवाही लूटने के बाद साहब ने पलटकर नहीं देखी पोटाश
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पीलीभीत। बीज गोदाम में नकली पोटाश बनाने का खेल पकड़े जाने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने सख्ती का दावा कर खूब वाहवाही लूटी, लेकिन एफआईआर दर्ज कराकर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली गई है। इस खेल से जुड़े तमाम अनसुलझे सवालों का जवाब तलाशने के बजाय कार्रवाई को पूरी तरह से पुलिस पर टाल दिया है। इधर, कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस मामलेे में कार्रवाई को गति नहीं दे सकी है। वह भी संजीदा नहीं दिखाई दे रही है। नतीजतन नकली पोटाश का धंधा करने वालों पर नकेल कसती नहीं दिख रही। उधर, आरोपी बचाव के लिए सिफारिश कराने में जुटे हैं।
उप कृषि निदेशक यशराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने टीम के साथ 24 अगस्त को ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग पर गुरुद्वारे के समीप लखवीर सिंह के मकान के निचले हिस्से में बने बीज गोदाम पर छापा मारा था। यहां से टीम ने नकली पोटाश बनाने का खेल पकड़ा था। पूछने पर लखवीर सिंह ने गौरव जायसवाल नामक युवक के गोदाम किराए पर लेने की बात कही थी। खुद का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं बताया था। मौके से पंाच सेंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। काफी सामान भी बरामद किया गया था। दूसरे दिन कृषि अधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें लखवीर सिंह, गौरव जायसवाल को नामजद किया था। कृषि विभाग के अफसर यह पता लगा पाए थे कि यह खेल कब से चल रहा है और कितने लोग इसमें शामिल हैं। छह दिन बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। कृषि विभाग गंभीर मसले को पुलिस पर टाल रहा है। उसके स्तर से अब कोई छानबीन नहीं की जा रही है। पुलिस के स्तर से इसकी छानबीन होने की बात कही जा रही है। उधर, पुलिस भी मामले में अब तक कोई नया तथ्य नहीं जुटा सकी है। ऐसे में दो विभागों के बीच फंसकर मामला आरोपियों के लिए मददगार साबित हो रहा है।
गिरफ्तारी की धारा नहीं, विवेचना के बाद दाखिल होगी चार्जशीट
पुलिस के स्तर से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है, उसमें गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। विवेचना गहनता से कराई जा रही है। चूंकि मामला ईसी एक्ट का है, इसलिए डीएम से अनुमति लेकर नियमानुसार चार्जशीट किया जाएगा। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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हमारी तरफ से छापा मार कार्रवाई के बाद एफआईआर दर्ज करा दी गई है। नकली पोटाश बनाने में कितने लोग शामिल हैं। कितने समय से ये धंधा किया जा रहा था। इसके अलावा अन्य सवालों के जवाब पुलिस की विवेचना में सामने आएंगे। हमारे स्तर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- डॉ.विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी
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उप कृषि निदेशक यशराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने टीम के साथ 24 अगस्त को ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग पर गुरुद्वारे के समीप लखवीर सिंह के मकान के निचले हिस्से में बने बीज गोदाम पर छापा मारा था। यहां से टीम ने नकली पोटाश बनाने का खेल पकड़ा था। पूछने पर लखवीर सिंह ने गौरव जायसवाल नामक युवक के गोदाम किराए पर लेने की बात कही थी। खुद का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं बताया था। मौके से पंाच सेंपल लेकर जांच को भेजे गए थे। काफी सामान भी बरामद किया गया था। दूसरे दिन कृषि अधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें लखवीर सिंह, गौरव जायसवाल को नामजद किया था। कृषि विभाग के अफसर यह पता लगा पाए थे कि यह खेल कब से चल रहा है और कितने लोग इसमें शामिल हैं। छह दिन बीतने के बाद भी इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हो सकी है। कृषि विभाग गंभीर मसले को पुलिस पर टाल रहा है। उसके स्तर से अब कोई छानबीन नहीं की जा रही है। पुलिस के स्तर से इसकी छानबीन होने की बात कही जा रही है। उधर, पुलिस भी मामले में अब तक कोई नया तथ्य नहीं जुटा सकी है। ऐसे में दो विभागों के बीच फंसकर मामला आरोपियों के लिए मददगार साबित हो रहा है।
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गिरफ्तारी की धारा नहीं, विवेचना के बाद दाखिल होगी चार्जशीट
पुलिस के स्तर से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। जिन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है, उसमें गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। विवेचना गहनता से कराई जा रही है। चूंकि मामला ईसी एक्ट का है, इसलिए डीएम से अनुमति लेकर नियमानुसार चार्जशीट किया जाएगा। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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हमारी तरफ से छापा मार कार्रवाई के बाद एफआईआर दर्ज करा दी गई है। नकली पोटाश बनाने में कितने लोग शामिल हैं। कितने समय से ये धंधा किया जा रहा था। इसके अलावा अन्य सवालों के जवाब पुलिस की विवेचना में सामने आएंगे। हमारे स्तर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- डॉ.विनोद कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी