{"_id":"628bbea14428ed683b2f8e37","slug":"court-sentenced-life-imprisonment-for-kidnapping-and-murder-of-young-man-in-barkheda-town-of-pilibhit","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलीभीत: अपहरण और हत्या के आरोपी को आवीजन कारावास की सजा, रुपये के लेनदेन में उतारा था मौत के घाट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलीभीत: अपहरण और हत्या के आरोपी को आवीजन कारावास की सजा, रुपये के लेनदेन में उतारा था मौत के घाट
Mon, 23 May 2022 10:35 PM IST
आकाश दुबे
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: आकाश दुबे
Updated Mon, 23 May 2022 10:35 PM IST
सार
रुपये की लेनदेन में हुए विवाद में आरोपी ने बरखेड़ा कस्बे के रहने वाले मुकेश का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। पीड़ित पक्ष ने मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीलीभीत के बरखेड़ा में अपहरण कर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार पंचम की अदालत ने सजा का फैसला सुनाया। आरोपी को आजीवन कारावास के साथ 35 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया गया है।
विज्ञापन
बरखेड़ा थाने में वादी राकेश कुमार शर्मा ने 15 अप्रैल 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि उनका छोटा भाई मुकेश बाबू शर्मा 14 अप्रैल 2019 को शाम छह बजे अपने बच्चों को कसबा बरखेड़ा में मेला दिखाने ले गया था। इसी दौरान कसबा के वार्ड तीन निवासी समीर उर्फ लल्ला मिस्त्री उर्फ तसलीम रजा मिला। मुकेश को बाइक से लेकर आरोपी कहीं चला गया था। इसके बाद मुकेश का कहीं पता नहीं चला। रुपये के लेनदेन को लेकर पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसी के चलते आरोपी मुकेश से रंजिश मानता था।
विज्ञापन
आरोपी ने मुकेश का अपहरण किया और उसके बाद हत्या कर दी। हत्या के साक्ष्य मिटाए। विवेचक ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। जिला जज ने दोनों पक्षों को सुना। साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद समीर उर्फ लल्ला मिस्त्री उर्फ तसलीम रजा को हत्या और हत्या के साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया। इस मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को आजीवन करावास और ३५ हजार के अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मुकेश दीक्षित ने पैरवी की।
विज्ञापन