पीलीभीत। बिलसंडा के पगार गांव में नौ साल पहले हुए सोनपाल हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश राजीव सिंह ने तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व दस- दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। पांच आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उन्हें दोष मुक्त करार दिया ।
पगार गांव के वेद प्रकाश ने 11 नवंबर 2013 को बिलसंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि उसका भाई सोनपाल खेत में गेहूं की बुआई कर शाम को घर आया था। तभी गांव के मलखान, राम किशोर, सुनील कुमार, राम किशन, श्याम बिहारी, अशोक कुमार, बादशाह, गांव नौगवा के पातीराम हथियारों से लैस होकर घर में घुस आए और हमला बोल दिया। इसमें भाई सोनपाल की मौके पर ही मौत हो गई। भीड़ इकट्ठा होने पर हमलावर भाग गए। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की। विवेचना में सुनील कुमार, श्याम विहारी व अशोक कुमार को दोषी पाते हुए चार्जशीट अदालत में दाखिल की। बाकी लोगों को पुलिस द्वारा निकालने पर वेदप्रकाश ने मलखान, बादशाह, पातीराम, रामकिशोर, रामकिशन को तलब करने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने सुनवाई कर सभी आरोपियों को तलब किया। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपित सुनील कुमार, श्याम बिहारी, अशोक कुमार को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपित पातीराम, राम किशोर, राम किशन, बादशाह, मलखान के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें दोष मुक्त कर दिया गया। राज्य सरकार की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र कुमार ने की।