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कोरोना टीकाकरण: ग्रामीण तो टीकाकरण को लेकर जागरुक...मगर जिम्मेदारों को टीकाकरण करने का वक्त नहीं
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बीसलपुर। कोरोना संक्रमण से संरक्षित होने के लिए ग्रामीण तैयार हैं। मगर स्वास्थ्य विभाग के पास वक्त नहीं है। विभागीय उच्चाधिकारियों की लापरवाही के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दियोरिया से जुड़े 50 गांवों में पिछले 12 दिनों से कोरोना टीकाकरण का कार्य ठप पड़ा हुआ है। हालांकि इन गांवों के ग्रामीण टीकाकरण को लेकर जागरूक है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के लोग कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराना चाहते हैं, मगर सरकारी मशीनरी ही नहीं चाहती है कि जल्द टीकाकरण हो।
बता दें कि दियोरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े 50 गांवों की स्थिति देखे तो यहां पिछले 12 दिन से टीकाकरण ठप पड़ा हुआ है। इसके पीछे वजह यह है कि विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पीएचसी दियोरिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम जायसवाल को पहली जून से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा में संबंध कर दिया गया था। उससे पहले वह पीएचसी दियोरिया में मौजूद रहकर कोरोना टीकाकरण करा रहे थे। उनके जाते ही पीएचसी दियोरिया में टीकाकरण कार्य ठप हो गया, जो आज भी ठप पड़ा हुआ है।
दो हजार लोगों ने लगवाए थे टीके
पीएचसी से जुड़े 50 गांवों में 14 अप्रैल से 14 मई तक करीब 2000 लोगों का टीकाकरण किया गया था। कोरोना महामारी से बचाव को लेकर ग्रामीणों में तो टीकाकरण के प्रति खासी जागरूकता है, इसको लेकर कई गांवों के ग्रामीण पीएचसी पर टीकाकरण कराने को पहुंच भी रहे हैं, मगर लंबे इंतजार के बाद उन्हें बिना टीकाकरण कराए ही मायूस होकर घरों को लौटना पड़ रहा है। बताते हैं कि साधन संपन्न लोग तो अन्य टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगवा लेते हैं, मगर गरीबों को पीएचसी के टीकाकरण केंद्र का ही आसरा है।
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कई बार मांग के बाद भी शुरू नहीं हुआ टीकाकरण
टीकाकरण कार्य ठप होता देख कुछ जागरूक लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर पीएचसी दियोरिया में कोरोना टीकाकरण फिर से शुरू कराने की मांग की, मगर अधिकारियों ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इन जागरूक लोगों का कहना है कि सरकार लगातार शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने की बात पर जोर दे रही है, मगर जिले की सरकारी मशीनरी टीकाकरण करना ही नहीं चाहती है।
इन गांवों के ग्रामीणों का नहीं हो रहा टीकाकरण
दियोरिया, लमौआ, पकडिय़ा, पैनिया हिम्मत, कटैया, दियोहना, पट्टी, हिम्मतपुर, रामनगर, जगतपुर, बुहिता, चकशिवपुरी, बसई पुरैना, मधवापुर, कामघाट, बल्देवपुर, सुजनी, अजान, परसंडी, टेहरी, रंभोजा, बढ़ेपुरा, मीरपुर रतनपुर, रायपुर फाजिल, मुडिय़ा भगवंत, भगौतीपुर, आमडंडा, लक्ष्मनपुर, पैंतबोझी, उदराह, नौगवां नबीनगर, रामशाला, कुसुमा, मनकापुर, पिपरिया संजरपुर, बढ़ारा, जादौपुर पट्टी, मकरंदपुर, ख्ररदाह, खरदहाई, दियोराजपुर, रहमानगंज, गोपालपुर, जसाई नगर, अकोड़ा, और गुलड़िया राधे समेत करीब 50 गांव।
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बता दें कि दियोरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े 50 गांवों की स्थिति देखे तो यहां पिछले 12 दिन से टीकाकरण ठप पड़ा हुआ है। इसके पीछे वजह यह है कि विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पीएचसी दियोरिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनुपम जायसवाल को पहली जून से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा में संबंध कर दिया गया था। उससे पहले वह पीएचसी दियोरिया में मौजूद रहकर कोरोना टीकाकरण करा रहे थे। उनके जाते ही पीएचसी दियोरिया में टीकाकरण कार्य ठप हो गया, जो आज भी ठप पड़ा हुआ है।
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दो हजार लोगों ने लगवाए थे टीके
पीएचसी से जुड़े 50 गांवों में 14 अप्रैल से 14 मई तक करीब 2000 लोगों का टीकाकरण किया गया था। कोरोना महामारी से बचाव को लेकर ग्रामीणों में तो टीकाकरण के प्रति खासी जागरूकता है, इसको लेकर कई गांवों के ग्रामीण पीएचसी पर टीकाकरण कराने को पहुंच भी रहे हैं, मगर लंबे इंतजार के बाद उन्हें बिना टीकाकरण कराए ही मायूस होकर घरों को लौटना पड़ रहा है। बताते हैं कि साधन संपन्न लोग तो अन्य टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगवा लेते हैं, मगर गरीबों को पीएचसी के टीकाकरण केंद्र का ही आसरा है।
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कई बार मांग के बाद भी शुरू नहीं हुआ टीकाकरण
टीकाकरण कार्य ठप होता देख कुछ जागरूक लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर पीएचसी दियोरिया में कोरोना टीकाकरण फिर से शुरू कराने की मांग की, मगर अधिकारियों ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इन जागरूक लोगों का कहना है कि सरकार लगातार शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने की बात पर जोर दे रही है, मगर जिले की सरकारी मशीनरी टीकाकरण करना ही नहीं चाहती है।
इन गांवों के ग्रामीणों का नहीं हो रहा टीकाकरण
दियोरिया, लमौआ, पकडिय़ा, पैनिया हिम्मत, कटैया, दियोहना, पट्टी, हिम्मतपुर, रामनगर, जगतपुर, बुहिता, चकशिवपुरी, बसई पुरैना, मधवापुर, कामघाट, बल्देवपुर, सुजनी, अजान, परसंडी, टेहरी, रंभोजा, बढ़ेपुरा, मीरपुर रतनपुर, रायपुर फाजिल, मुडिय़ा भगवंत, भगौतीपुर, आमडंडा, लक्ष्मनपुर, पैंतबोझी, उदराह, नौगवां नबीनगर, रामशाला, कुसुमा, मनकापुर, पिपरिया संजरपुर, बढ़ारा, जादौपुर पट्टी, मकरंदपुर, ख्ररदाह, खरदहाई, दियोराजपुर, रहमानगंज, गोपालपुर, जसाई नगर, अकोड़ा, और गुलड़िया राधे समेत करीब 50 गांव।