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सहालग में लॉकडाउन से इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार बेजार, 25 करोड़ का नुकसान
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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की वजह से लगे कोरोना कर्फ्यू के चलते इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार बर्बाद हो गया। पिछले 20 दिनों से दुकानों के शटर नहीं उठे हैं। कोरोना की वजह से इलेक्ट्रानिक बाजार को 25 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। कारोबारियों का कहना है कि इस नुकसान की भरपाई पूरे साल में नहीं हो सकेगी।
कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल भी इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार को करोड़ों का नुकसान हुआ था। दिवाली और होली पर कारोबार कुछ आगे बढ़ा था। सहालग शुरू होने पर कारोबारियों को पिछले नुकसान की कुछ भरपाई होने की उम्मीद थी। सहालग के लिए ज्यादातर कारोबारियों ने माल मंगा लिया था। मगर कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने पर लोग शादियां टालने लगे। शासन की ओर से पहले साप्ताहिक बंदी लागू की गई। फिर एक मई से कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। पिछले 20 दिन से दुकानों के शटर ही नहीं उठे है। पूरा सहालग कोरोना कर्फ्यू में बीत गया। कारोबारियों की मानें तो कोरोना कर्फ्यू की वजह से अब तक करीब 25 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
मुख्य सहालग के दौरान लगे कोरोना कर्फ्यू से करोड़ों का नुकसान हो गया। इसकी भरपाई अब नहीं हो सकेगी। कोरोना कर्फ्यू के बीच शराब की दुकानें खोल दी गई। प्रशासन को चाहिए कि बाकी कारोबारियों को शर्तों के साथ कुछ घंटे के लिए दुकानें खोलने की अनुमति दे देना चाहिए। - आफरोज जिलानी, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
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कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ा है। संक्रमण बढ़ने से पहले ही बाजार में मंदी छा गई थी। कुछ बिक्री हो रही थी उसे कोरोना कर्फ्यू ने चौपट कर दिया। अब तो नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी। कारोबार जिंदा रखने के लिए दुकानें खुलना जरूरी है। - विजय राठौर, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
पिछले साल की तरह इस बार भी साल की शुरूआत में कोरोना ने बाजार को खत्म कर दिया। पुराने नुकसान की भरपाई हो नहीं पाई। इस बार फिर बिक्री ठप पड़ी है। ऐसे हालात में कारोबार बनाए रखना मुश्किल है। इसके लिए शासन-प्रशासन की मदद जरूरी है। - रचित अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
सीजन में कोरोना कर्फ्यू लगने से बड़ा नुकसान हुआ है। संक्रमण से बचाव जरूरी था। मगर दुकानों को शर्तों पर कुछ घंटे के लिए ही खोला जाता तो कारोबारियों को कुछ राहत मिलती। लगातार दुकानें बंद रहने से राहत तो छोड़िए कारोबार बचाना मुश्किल है। - राजीव सक्सेना, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
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कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल भी इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार को करोड़ों का नुकसान हुआ था। दिवाली और होली पर कारोबार कुछ आगे बढ़ा था। सहालग शुरू होने पर कारोबारियों को पिछले नुकसान की कुछ भरपाई होने की उम्मीद थी। सहालग के लिए ज्यादातर कारोबारियों ने माल मंगा लिया था। मगर कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने पर लोग शादियां टालने लगे। शासन की ओर से पहले साप्ताहिक बंदी लागू की गई। फिर एक मई से कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। पिछले 20 दिन से दुकानों के शटर ही नहीं उठे है। पूरा सहालग कोरोना कर्फ्यू में बीत गया। कारोबारियों की मानें तो कोरोना कर्फ्यू की वजह से अब तक करीब 25 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
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मुख्य सहालग के दौरान लगे कोरोना कर्फ्यू से करोड़ों का नुकसान हो गया। इसकी भरपाई अब नहीं हो सकेगी। कोरोना कर्फ्यू के बीच शराब की दुकानें खोल दी गई। प्रशासन को चाहिए कि बाकी कारोबारियों को शर्तों के साथ कुछ घंटे के लिए दुकानें खोलने की अनुमति दे देना चाहिए। - आफरोज जिलानी, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
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कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ा है। संक्रमण बढ़ने से पहले ही बाजार में मंदी छा गई थी। कुछ बिक्री हो रही थी उसे कोरोना कर्फ्यू ने चौपट कर दिया। अब तो नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी। कारोबार जिंदा रखने के लिए दुकानें खुलना जरूरी है। - विजय राठौर, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
पिछले साल की तरह इस बार भी साल की शुरूआत में कोरोना ने बाजार को खत्म कर दिया। पुराने नुकसान की भरपाई हो नहीं पाई। इस बार फिर बिक्री ठप पड़ी है। ऐसे हालात में कारोबार बनाए रखना मुश्किल है। इसके लिए शासन-प्रशासन की मदद जरूरी है। - रचित अग्रवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी
सीजन में कोरोना कर्फ्यू लगने से बड़ा नुकसान हुआ है। संक्रमण से बचाव जरूरी था। मगर दुकानों को शर्तों पर कुछ घंटे के लिए ही खोला जाता तो कारोबारियों को कुछ राहत मिलती। लगातार दुकानें बंद रहने से राहत तो छोड़िए कारोबार बचाना मुश्किल है। - राजीव सक्सेना, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी