फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   corona alert

अभी कम न मानें कोरोना का खतरा, 20 लाख की आबादी में हुए सिर्फ एक लाख सैंपल

Wed, 30 Sep 2020 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 01:44 AM IST
विज्ञापन
corona alert
पीलीभीत। कोरोना संक्रमण की गति देेख शासन-प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। मगर अभी भी स्वास्थ्य विभाग जनपद की एक तिहाई आबादी का सैंपल नहीं ले सका है। 20 लाख की आबादी पर सात माह में सिर्फ एक लाख लोगों की सैंपलिंग की जा सकी है।
विज्ञापन

जनपद की आबादी 20 लाख से अधिक है। कोरोना संक्रमण शुरुआत में थमा रहा, मगर समय बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी। अब तक 3500 से अधिक मरीज निकल चुके हैं, जबकि 62 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। कोरोना की रोकथाम के लिए सैंपलिंग बढ़ाने पर जोर दिया गया। जुलाई में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हुई। आरटीपीसीआर के साथ ट्रूनेट मशीन और एंटीजन किट से भी मुख्यालय के अलावा सीएचसी, पीएचसी पर व्यवस्था कराई गई। शासन से निर्देश दिए गए थे कि 1500 लोगों की प्रतिदिन जांच हो। एंटीजन किट से 1000 और आरटीपीसीआर से 500 सैंपल कराने को कहा गया। कुछ दिन तो शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन कराया गया, मगर समय बढ़ने के साथ ही लापरवाह रवैया अपना लिया। वर्तमान में अधिकांश सीएचसी-पीएचसी पर जांच नहीं की जा रही। जाचों में भी आंकड़ों का खेल किया जा रहा है। शायद यही वजह है कि सात माह के कोरोना संकट काल में अभी भी सिर्फ एक लाख लोगों की सैंपलिंग हो सकी है। 19 लाख से अधिक जनपदवासी बिना कोरोना जांच कराए घूम रहे हैं।
विज्ञापन

संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का भी नहीं कराते सैंपल
लापरवाही की हद यहीं नहीं थमी। कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद संक्रमित को लेकर तो जानकारी की जा रही है। मगर संक्रमण का स्त्रोत तलाशने और संक्रमित के संपर्क में आने वालों पर कोई संजीदगी नहीं। अधिकांश मामलों में संक्रमितों के संपर्क वालों का सैंपल नहीं लिया जा रहा। ऐसे में संक्रमण कभी भी तेजी पकड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिम्मेदार बोले.. सैंपलिंग से बचते हैं लोग
कोरोना की जांच करने वाली टीम का कुछ और ही कहना है। उनके मुताबिक लोग अब कोरोना की जांच कराने से बचते हैं। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम घरों पर सर्वे करने पहुंचती है तो लोग खुद को स्वस्थ बताने लगते हैं। विरोध भी किया जाता है। थर्मल स्क्रीनिंग और ऑक्सीजन स्तर भी चेक करने नहीं दिया जाता।
संदेह खुद भी जताया, मगर संजीदा नहीं हुए
एंटीजन किट की जांच पर खुद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पूरा भरोसा नहीं है। एंटीजन जांच में निगेटिव आने वाले लोगों को एहतियात बरतने और आरटीपीसीआर जांच कराने की सलाह दी जाती है। मगर एंटीजन से निगेटिव आने वाले अधिकांश मरीजों की आरटीपीसीआर जांच नहीं हुई।
54 संक्रमितों तक तो आज भी नहीं पहुंच सका स्वास्थ्य विभाग
जनपद में कोरोना पॉजिटिव आए 54 ऐसे भी मरीज हैं, जो रहस्य बनकर रह गए। उनके बारे में स्वास्थ्य विभाग कोई जानकारी नहीं जुटा सका। ये तर्क जरूर दे दिया कि संक्रमितों ने जनपद के बाहर सैंपलिंग कराई है और पता पीलीभीत का दर्ज करा दिया गया। इसी के चलते पोर्टल पर संक्रमितों की संख्या जनपद में ही दिखाई जा रही है।

एंटीजन किट और आरटीपीसीआर दोनों से ही कोरोना जांच कराई जा रही है। कुछ इलाकों में लोग जांच करने से कतरा रहे हैं। लोगों से अपील है कि वह कोरोना से डरें नहीं बल्कि उसका सामना करें। अगर कोई भी लक्षण दिखे तो तत्काल कोरोना की जांच कराएं। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed