{"_id":"616c66217fbe844eeb6801b5","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly4632046153","type":"story","status":"publish","title_hn":"झमाझम बारिश से धान की फसलों को नुकसान, मंडियों में भी भीगकर हुआ खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झमाझम बारिश से धान की फसलों को नुकसान, मंडियों में भी भीगकर हुआ खराब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। मौसम ने फिर रुख बदल लिया है। रविवार को सुबह तेज धूप के साथ मौसम का नजारा दूसरा था, मगर दोपहर बाद अचानक काली घटाएं छाने से मौसम में बदलाव आने लगा था। शाम को झमाझम बारिश होने लगी। इससे मौसम भी ठंडा हो गया। अभी दो दिन और बारिश की संभावना है। रविवार को शाम तक 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई, देर रात बढ़ने की संभावना लगाई जा रही है। जिन खेतों में धान कटा पड़ा है जलभराव से वहां फसल तबाह हुई है। धान को नुकसान हुआ है। इधर, मंडियों में सुखाने के लिए रखा कई किसानों का धान भीग गया।
लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। रविवार को सुबह मौसम धूप निकलने से साफ था। इसके बाद करीब एक बजे अचानक काली घटाएं छाने लगी। शाम करीब चार बजे हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। बाद में झमाझम बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बारिश से शहर के निचली हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। चोक नालों की पोल बारिश शुरू होते ही खुल गई। देर शाम तक बारिश जारी रही। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि मौसम के बदलाव को लेकर बारिश जरूरी थी। रविवार को देर शाम तक 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि बारिश अभी मंगलवार को दोपहर तक होगी। इन दो दिनों में 40 से 45 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को कोई नुकसान नहीं है।
बीसलपुर। दोपहर से शाम तक रुक-रुक कर हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश से कई जगह जलभराव हो गया, जिससे उन इलाकों का आवागमन प्रभावित रहा। शाम को जब सड़कों और गलियों मे भरा पानी नालों में बह गया, तब कही जाकर जलभराव खत्म हुआ और लोगों ने राहत महसूस की। बारिश से मंडी परिसर में सूख रहा किसानों का धान भीग गया, जिससे यह धान अब और अधिक विलंब से तुल पाएगा। बारिश से खेतों में चल रही धान की कटाई रुक गई है। बारिश से नगर के रामलीला मेले में दुकानदारों का काफी नुकसान हो गया। दुकानदारों ने जब तक दुकानों की छत पर तिरपाल बगैरा डाला तब तक उनका काफी सामान भीग गया था।
विज्ञापन
बिलसंडा। तेज हवा व इसके साथ हुई बारिश के कहर ने धान व गन्ने की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया। किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से आगे भी मौसम रहा, तो तगड़ी आर्थिक चपत लग सकती ।
धान की फसल पर किसानों को ध्यान देने की है जरूरत
बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है। हालांकि कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि बारिश से तैयार खड़ी धान की फसल को कोई नुकसान नहीं है। हवा से जो धान की फसल गिर गई है। उस जगह से पानी निकालने का बंदोबस्त कर दें। जिससे फसल खराब नहीं हो सके। अगर खेत में फसल कटी पड़ी है। तो वहां भी पानी का निकास बना दें। जिससे पानी एकत्र नहीं हो सके। फसल गिरने या खेत मे कटी पड़ी होने से कोई नुकसान नहीं है। सिर्फ जलभराव खेत में न होने दें।
धान की फसल तैयार खेतों में खड़ी है। बारिश से फसल को नुकसान होने का खतरा बन गया है। बारिश ने समस्या बढ़ा दी है। कटाई भी अब देरी से शुरू हो सकेगी। हवा चलने से कुछ फसल गिर गई है। - ननकाई लाल, किसान
सुबह मौसम साफ था, मगर बाद में तेज हवा के साथ बारिश होने से धान और गन्ना की कुछ फसल गिर गई है। इससे नुकसान होने की आशंका बन गई है। बारिश होने के कारण फसल की कटाई भी देरी से शुरू होगी। - श्याम बाबू, किसान
विज्ञापन
लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। रविवार को सुबह मौसम धूप निकलने से साफ था। इसके बाद करीब एक बजे अचानक काली घटाएं छाने लगी। शाम करीब चार बजे हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। बाद में झमाझम बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बारिश से शहर के निचली हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। चोक नालों की पोल बारिश शुरू होते ही खुल गई। देर शाम तक बारिश जारी रही। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि मौसम के बदलाव को लेकर बारिश जरूरी थी। रविवार को देर शाम तक 15 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि बारिश अभी मंगलवार को दोपहर तक होगी। इन दो दिनों में 40 से 45 एमएम तक बारिश होने की संभावना है। खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल को कोई नुकसान नहीं है।
विज्ञापन
बीसलपुर। दोपहर से शाम तक रुक-रुक कर हुई बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश से कई जगह जलभराव हो गया, जिससे उन इलाकों का आवागमन प्रभावित रहा। शाम को जब सड़कों और गलियों मे भरा पानी नालों में बह गया, तब कही जाकर जलभराव खत्म हुआ और लोगों ने राहत महसूस की। बारिश से मंडी परिसर में सूख रहा किसानों का धान भीग गया, जिससे यह धान अब और अधिक विलंब से तुल पाएगा। बारिश से खेतों में चल रही धान की कटाई रुक गई है। बारिश से नगर के रामलीला मेले में दुकानदारों का काफी नुकसान हो गया। दुकानदारों ने जब तक दुकानों की छत पर तिरपाल बगैरा डाला तब तक उनका काफी सामान भीग गया था।
विज्ञापन
बिलसंडा। तेज हवा व इसके साथ हुई बारिश के कहर ने धान व गन्ने की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया। किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार से आगे भी मौसम रहा, तो तगड़ी आर्थिक चपत लग सकती ।
धान की फसल पर किसानों को ध्यान देने की है जरूरत
बारिश से खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है। हालांकि कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि बारिश से तैयार खड़ी धान की फसल को कोई नुकसान नहीं है। हवा से जो धान की फसल गिर गई है। उस जगह से पानी निकालने का बंदोबस्त कर दें। जिससे फसल खराब नहीं हो सके। अगर खेत में फसल कटी पड़ी है। तो वहां भी पानी का निकास बना दें। जिससे पानी एकत्र नहीं हो सके। फसल गिरने या खेत मे कटी पड़ी होने से कोई नुकसान नहीं है। सिर्फ जलभराव खेत में न होने दें।
धान की फसल तैयार खेतों में खड़ी है। बारिश से फसल को नुकसान होने का खतरा बन गया है। बारिश ने समस्या बढ़ा दी है। कटाई भी अब देरी से शुरू हो सकेगी। हवा चलने से कुछ फसल गिर गई है। - ननकाई लाल, किसान
सुबह मौसम साफ था, मगर बाद में तेज हवा के साथ बारिश होने से धान और गन्ना की कुछ फसल गिर गई है। इससे नुकसान होने की आशंका बन गई है। बारिश होने के कारण फसल की कटाई भी देरी से शुरू होगी। - श्याम बाबू, किसान

बीसलपुर मंडी में बारिश से भीगे किसानों के धान।- फोटो : PILIBHIT