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पुरानी दरों पर धान कुटाई नहीं करेंगी राइस मिलें
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पूरनपुर के एक होटल में प्रशासन के खिलाफ बैठक करते राइस मिलर्स।
- फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर (पीलीभीत)। राइस मिल मालिकों ने 10 रुपये प्रति क्विंटल की जगह 250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कुटाई का भुगतान मांगा है। साथ ही प्रति क्विंटल पर 67 किलो के स्थान पर 60 किलो प्रति क्विंटल की दर से चावल की रिकवरी लिए जाने की मांग की है। इन मांगों को लेकर राइस मिल मालिकों ने रविवार को पहले बैठक की और इसके बाद विरोध में प्रदर्शन किया। राइस मिलर्स का कहना है कि अगर अधिकारी धान की कुटाई के लिए पुरानी दरों पर काम करने का दबाव बनाएंगे तो राइस मिलों की चाबी प्रशासन को सौंप दी जाएगी।
राइस मिल मालिकों की रविवार को नगर के राम होटल में बैठक हुई। बैठक में धान खरीद केंद्रों को दिए जाने वाले चावल की कुटाई की दर काफी कम होने और चावल की रिकवरी 67 प्रतिशत लिए जाने पर रोष व्यक्त किया गया। मिल मालिकों ने कहा कि धान की कुटाई की दर चालीस साल पुरानी है। तब से महंगाई कई गुना बढ़ गई है। चावल की रिकवरी 67 प्रतिशत मांगी जा रही है, जबकि अब हाईब्रिड धान की बढ़ती खेती से चावल की रिकवरी 60 प्रतिशत आ रही है। ऐसे में राइस मिलर्स को भारी नुकसान हो रहा है। लंबे समय से मांग करने के बाद भी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बैठक में इसके अलावा धान खरीद सरकारी एजेंसियों के बजाय राइस मिल और आढ़तियों से कराने की मांग की गई। धान कुटाई के बकाया भुगतान की मांग भी उठी। समस्याओं का समाधान न होने पर राइस मिलों की चाबियां प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया गया। सांसद वरुण गांधी की ओर से राइस मिलर्स के हित में किए गए प्रयासों पर उनका आभार व्यक्त किया गया। बैठक के बाद समस्याओं को लेकर प्रदर्शन भी किया गया। बैठक में पूरनपुर और कलीनगर के अधिकांश राइस मिल मालिक मौजूद थे। अध्यक्षता राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने और संचालन महामंत्री बृजेश गुप्ता ने किया।
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प्रशासन ने जारी किया नोटिस, जीएसटी और पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी
पूरनपुर। पुरानी दरों पर धान कुटाई से इनकार करने को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने राइस मिल मालिकों को नोटिस जारी किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी की ओर से जारी नोटिस पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र की दो राइस मिलों को छोड़कर बाकी सभी को दिया गया है। इसमें जीएसटी व एफएसएसएआई पंजीयन को निरस्त करने की चेतावनी दी है।
सरकारी केंद्रों पर खरीदे गए धान कुटाई के लिए राइस मिल मालिकों को दिए जाते हैं। राइस मिल मालिक कुटाई के बाद चावल का उतार गोदाम में कराते हैं। धान खरीद शुरू होने से पहले ही केंद्रों को राइस मिल से संबंद्ध कर दिया जाता है। ताकि खरीद केंद्रों पर धान का स्टाक जमा न हो और खरीदे गए धान की कुटाई समय से हो सके। धान खरीद शुरू होने में मात्र पांच दिन शेष बचे है। रविवार को राइस मिल मालिकों ने बैठक के बाद पुरानी दरों पर धान की कुटाई करने से इनकार कर दिया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने पूरनपुर और कलीनगर की दो राइस मिलर को छोड़कर अन्य सभी को नोटिस जारी कर धान कुटाई को शीघ्र संबद्ध न कराने पर उनके जीएसटी और एफएसएसएआई (लाइसेंस) को निरस्त करने और अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, नोटिस के बाद राइस मिलर्स का कहना है कि घाटे का सौदा अब नहीं हो पाएगा। वे लोग अपनी राइस मिलों की चाबियां प्रशासन को सौंपने को तैयार है।
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राइस मिल मालिकों की रविवार को नगर के राम होटल में बैठक हुई। बैठक में धान खरीद केंद्रों को दिए जाने वाले चावल की कुटाई की दर काफी कम होने और चावल की रिकवरी 67 प्रतिशत लिए जाने पर रोष व्यक्त किया गया। मिल मालिकों ने कहा कि धान की कुटाई की दर चालीस साल पुरानी है। तब से महंगाई कई गुना बढ़ गई है। चावल की रिकवरी 67 प्रतिशत मांगी जा रही है, जबकि अब हाईब्रिड धान की बढ़ती खेती से चावल की रिकवरी 60 प्रतिशत आ रही है। ऐसे में राइस मिलर्स को भारी नुकसान हो रहा है। लंबे समय से मांग करने के बाद भी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बैठक में इसके अलावा धान खरीद सरकारी एजेंसियों के बजाय राइस मिल और आढ़तियों से कराने की मांग की गई। धान कुटाई के बकाया भुगतान की मांग भी उठी। समस्याओं का समाधान न होने पर राइस मिलों की चाबियां प्रशासन को सौंपने का निर्णय लिया गया। सांसद वरुण गांधी की ओर से राइस मिलर्स के हित में किए गए प्रयासों पर उनका आभार व्यक्त किया गया। बैठक के बाद समस्याओं को लेकर प्रदर्शन भी किया गया। बैठक में पूरनपुर और कलीनगर के अधिकांश राइस मिल मालिक मौजूद थे। अध्यक्षता राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने और संचालन महामंत्री बृजेश गुप्ता ने किया।
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प्रशासन ने जारी किया नोटिस, जीएसटी और पंजीकरण निरस्त करने की चेतावनी
पूरनपुर। पुरानी दरों पर धान कुटाई से इनकार करने को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने राइस मिल मालिकों को नोटिस जारी किया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी की ओर से जारी नोटिस पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र की दो राइस मिलों को छोड़कर बाकी सभी को दिया गया है। इसमें जीएसटी व एफएसएसएआई पंजीयन को निरस्त करने की चेतावनी दी है।
सरकारी केंद्रों पर खरीदे गए धान कुटाई के लिए राइस मिल मालिकों को दिए जाते हैं। राइस मिल मालिक कुटाई के बाद चावल का उतार गोदाम में कराते हैं। धान खरीद शुरू होने से पहले ही केंद्रों को राइस मिल से संबंद्ध कर दिया जाता है। ताकि खरीद केंद्रों पर धान का स्टाक जमा न हो और खरीदे गए धान की कुटाई समय से हो सके। धान खरीद शुरू होने में मात्र पांच दिन शेष बचे है। रविवार को राइस मिल मालिकों ने बैठक के बाद पुरानी दरों पर धान की कुटाई करने से इनकार कर दिया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने पूरनपुर और कलीनगर की दो राइस मिलर को छोड़कर अन्य सभी को नोटिस जारी कर धान कुटाई को शीघ्र संबद्ध न कराने पर उनके जीएसटी और एफएसएसएआई (लाइसेंस) को निरस्त करने और अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, नोटिस के बाद राइस मिलर्स का कहना है कि घाटे का सौदा अब नहीं हो पाएगा। वे लोग अपनी राइस मिलों की चाबियां प्रशासन को सौंपने को तैयार है।