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जिला अस्पताल : 600 मीटर लंबी सड़क पर 72 गड्ढे, गर्भवती महिलाओं को खतरा

Thu, 23 Sep 2021 01:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 01:31 AM IST
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Civic Amenities
पीलीभीत। टनकपुर हाईवे से जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल को गई मात्र 600 मीटर लंबी सड़क में 72 गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों के चलते एंबुलेंस, रिक्शे और दूसरे वाहनों पर सवार होकर आने वाले मरीज परेशान होते हैं। गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा होता है। ब्लीडिंग होने पर सुरक्षित प्रसव खतरे में पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई असर नहीं है।
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जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों और वहां रहने वाले स्टाफ की सहूलियत के लिए नगरपालिका की ओर से चार साल पहले प्री हॉट मिक्स सड़क का जाल बिछाया गया था। मगर सड़क गुणवत्ता पूर्ण तरीके से नहीं बनी होने के कारण वह चार साल में ही जर्जर हो गई। अब इस सड़क की हालत यह है कि टनकपुर हाईवे से जिला अस्पताल के गेट तक करीब छह सौ मीटर सड़क है। सड़क जर्जर होने के बाद नगरपालिका की ओर से उसकी मरम्मत तक करने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। वर्तमान में अगर इस सड़क की बात करें। तीन से छह इंच तक गहरे गड्ढे हैं। जो गर्भवती महिलाओं के लिए मुसीबत बनते हैं। मंगलवार को जब इस सड़क की पड़ताल की गई तो टनकपुर हाईवे से जिला अस्पताल के गेट तक कुल लंबाई छह सौ मीटर निकली। छह सौ मीटर के हिस्से में 72 गड्ढे निकले। इनमें सफर जोखिम भरा है।
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तीन वर्ष पहले बनी थी सड़क
पीलीभीत। नगर पालिका की ओर से टनकपुर हाईवे से जिला अस्पताल को जाने वाली सड़क बोर्ड की स्वीकृति के बाद वर्ष 2017-18 में 18 लाख रुपये की लागत से बनाई गई थी। यह सड़क प्री हॉट मिक्स बनाई गई थी। सड़क बनने के दो साल बाद ही खराब होने लगी थी।
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सड़क पर नहीं है स्ट्रीट लाइट, हादसों का खतरा
पीलीभीत। जिला अस्पताल में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग इलाज के लिए निजी और सरकारी वाहनों से पहुंचते हैं। जिला महिला अस्पताल भी जिला अस्पताल परिसर में हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं का भी आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए यह गड्ढे कहीं न कहीं मुसीबत बनते जा रहे हैं। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था न होने के कारण मार्ग पर अंधेरा पसरा रहता है। गड्ढे दिखाई भी नहीं देते हैं। अगर ऐसे में कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा। आखिर कब ठीक होगी सड़क? यह सवाल लोगों ने उठाया है।
क्या कहते है शहरवासी
जिला अस्पताल की सड़क टूटी होने से मरीजों को आने जाने में परेशानी होती है। कई बार ई रिक्शा पलट चुका है। यह एक महत्वपूर्ण सड़क है। नगरपालिका को इसे जल्द से जल्द ठीक करना चाहिए। वरना किसी मरीज के साथ हादसा हो सकता है। - नीरज कुमार, शिवनगर कॉलोनी
सरकार सड़क दुरुस्त करने के लिए अभियान चला रही है, मगर अफसोस स्वास्थ्य सेवाओं की ओर जाने वाली सड़क सालों से जर्जर हाल में है। सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते है। गर्भवती महिला भी यहां पहुंचती है। जिनके लिए गड्ढे नुकसानदायक साबित हो सकते है। इसे ठीक करना चाहिए। प्रमोद कुमार, जिला अस्पताल रोड
गर्भवती महिलाओं को रहती है ज्यादा दिक्कत
सड़क पर हुए गड्ढे गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। अगर किसी महिला का प्रसव के लिए आखिरी महीना चल रहा है। गड्ढों की वजह से झटके लगते हैं तो कई बार महिलाओं को ब्लीडिंग हो जाती है। वहीं बुजुर्गों को भी झटका लगने से कमर दर्द की समस्या होती है।

- डॉ. अनीता चौरसिया, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
सड़क चार साल पहले बनी थी। मामला संज्ञान में आया है। इससे दिखवाया जाएगा। इसके बाद स्थिति देखकर इसकी मरम्मत करवाई जाएगी। - सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगरपालिका
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