{"_id":"6078874e8ebc3ecad707a6d7","slug":"civic-amenities-pilibhit-news-bly444040266","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहाते समय दो मजदूर तालाब में डूबे, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहाते समय दो मजदूर तालाब में डूबे, मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरनपुर। रेलवे के आमान परिवर्तन काम में लगे चार मजदूर नहाते वक्त तालाब में डूबने लगे। तालाब किनारे मौजूद साथी पांचवें मजदूर ने लोगों की मदद से दो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि दो डूब गए। सूचना पर एसडीएम-सीओ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से चार घंटे बाद एक मजदूर का शव तालाब से बरामद कर लिया गया। कुछ घंटे बाद दूसरे का शव भी मिल गया।
मोहल्ला रजागंज निवासी नादिर (20) ने बताया कि मैलानी रूट पर रेलवे का आमान परिवर्तन का काम चल रहा है। ठेकेदार के अंडर में वह मजदूरी करता है। लालपुर गांव के पास तालाब (कुंडा) पर पुल बनाने का काम चल रहा है। एक महीने से वह काम कर रहा है। उनके अलावा कई अन्य मजदूर भी काम पर लगे हुए हैं। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे साथी मजदूर मोहल्ला बमनपुरी निवासी जफरुद्दीन (22), गांव औरंगाबाद निवासी सूरज (22), हसनी हुसैनीनगर निवासी शाहिद (19), रजागंज निवासी अज्जू उर्फ रिजवान (22) के साथ तालाब में नहाने गए थे। पहले चारों तालाब में उतर गए और आगे बढ़ते चले गए। वह कपड़े उतारने के चलते पीछे रह गया। जैसे ही वह तालाब किनारे पानी में उतारा तो आगे के चारों साथी डूबने लगे। यह देख वह बाहर आया और फिर शोर मचाकर आसपास के कुछ लोगों को एकत्र किया। इसके बाद तालाब किनारे रखी साथियों की दो पैंटों को आपस में बांधकर रस्सीनुमा बना लिया। फिर लोगों की मदद से डूब रहे साथी मजदूरों को बचाने का प्रयास किया। इसके बाद जफरुद्दीन और सूरज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि शाहिद और रिजवान डूब गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद, सीओ लल्लन सिंह, कोतवाल सुनील शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे की जानकारी जुटाई। फिर गोताखोरों को तालाब में डूबे मजदूरों की तलाश में उतार दिया गया। करीब चार घंटे बाद रिजवान का शव बरामद हो गया। इसके कुछ घंटे बाद शाहिद की लाश भी मिल गई।
पहले भी तालाब में डूब चुके हैं लोग
लालपुर के तालाब (कुंडा) की गहराई करीब 60 फिट बताई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना था कि इससे पहले भी लोग नहाने के लिए तालाब में उतरे और जान गंवानी पड़ी थी। गहराई का अंदाजा न होने की वजह से हादसे होते हैं। इसके अलावा खुदकुशी भी कुछ लोगों ने तालाब में कूदकर की है।
विज्ञापन
पहली बार गए थे तालाब में नहाने
मजदूर जकरुद्दीन, सूरज ने बताया कि वह एक महीने से यहां पर काम कर रहे हैं। गर्मी लगने पर पहली बार सभी नहाने के लिए गए थे। बताया कि तालाब में कुछ भैंसों को नहाता देखकर उन लोगों का भी नहाने का मन बन गया था।
पांच मजदूर तालाब में नहाने के लिए गए थे। इस दौरान दो मजदूरों की डूबकर मौत हो गई। शवों को गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला जा चुका है। - राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम
विज्ञापन
मोहल्ला रजागंज निवासी नादिर (20) ने बताया कि मैलानी रूट पर रेलवे का आमान परिवर्तन का काम चल रहा है। ठेकेदार के अंडर में वह मजदूरी करता है। लालपुर गांव के पास तालाब (कुंडा) पर पुल बनाने का काम चल रहा है। एक महीने से वह काम कर रहा है। उनके अलावा कई अन्य मजदूर भी काम पर लगे हुए हैं। बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे साथी मजदूर मोहल्ला बमनपुरी निवासी जफरुद्दीन (22), गांव औरंगाबाद निवासी सूरज (22), हसनी हुसैनीनगर निवासी शाहिद (19), रजागंज निवासी अज्जू उर्फ रिजवान (22) के साथ तालाब में नहाने गए थे। पहले चारों तालाब में उतर गए और आगे बढ़ते चले गए। वह कपड़े उतारने के चलते पीछे रह गया। जैसे ही वह तालाब किनारे पानी में उतारा तो आगे के चारों साथी डूबने लगे। यह देख वह बाहर आया और फिर शोर मचाकर आसपास के कुछ लोगों को एकत्र किया। इसके बाद तालाब किनारे रखी साथियों की दो पैंटों को आपस में बांधकर रस्सीनुमा बना लिया। फिर लोगों की मदद से डूब रहे साथी मजदूरों को बचाने का प्रयास किया। इसके बाद जफरुद्दीन और सूरज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि शाहिद और रिजवान डूब गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद, सीओ लल्लन सिंह, कोतवाल सुनील शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे की जानकारी जुटाई। फिर गोताखोरों को तालाब में डूबे मजदूरों की तलाश में उतार दिया गया। करीब चार घंटे बाद रिजवान का शव बरामद हो गया। इसके कुछ घंटे बाद शाहिद की लाश भी मिल गई।
विज्ञापन
पहले भी तालाब में डूब चुके हैं लोग
लालपुर के तालाब (कुंडा) की गहराई करीब 60 फिट बताई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना था कि इससे पहले भी लोग नहाने के लिए तालाब में उतरे और जान गंवानी पड़ी थी। गहराई का अंदाजा न होने की वजह से हादसे होते हैं। इसके अलावा खुदकुशी भी कुछ लोगों ने तालाब में कूदकर की है।
विज्ञापन
पहली बार गए थे तालाब में नहाने
मजदूर जकरुद्दीन, सूरज ने बताया कि वह एक महीने से यहां पर काम कर रहे हैं। गर्मी लगने पर पहली बार सभी नहाने के लिए गए थे। बताया कि तालाब में कुछ भैंसों को नहाता देखकर उन लोगों का भी नहाने का मन बन गया था।
पांच मजदूर तालाब में नहाने के लिए गए थे। इस दौरान दो मजदूरों की डूबकर मौत हो गई। शवों को गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला जा चुका है। - राजेंद्र प्रसाद, एसडीएम