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बचाव कार्य न होने के विरोध में बाढ़ पीड़ित नदी किनारे बैठे अनशन पर
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पूरनपुर। शारदा नदी पर बांध न बनने, राहुलनगर और आसपास गांव को बाढ़ से बचाव के काम न होने समेत कई मांगों को लेकर बाढ़ पीड़ित और भाकपा (माले) के पदाधिकारियों ने शारदा नदी तट पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। समस्या का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई।
शारदा नदी से गांव राहुलनगर में लगातार कटान हो रहा है। इसके विरोध में सोमवार को भाकपा कार्यकर्ता प्रहलाद, रामभरोसे, सुदर्शन, छब्बू, मुन्नी देवी क्रमित अनशन पर बैठीं। इनके समर्थन में आसपास गांव के कई लोगों ने धरना दिया। इसमें भाकपा पदाधिकारियों की ओर से कहा गया कि शारदा नदी के कटान ने पिछले साल भी तबाही मचाई थी। सैकड़ों एकड़ गन्ना, हल्दी की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गई। आठ घर नदी में समा गए थे। तब भी बचाव कार्य कराने का आश्वासन अफसरों ने दिया था। कई बार धरना प्रदर्शन के बाद भी बाढ़ राहत कार्य नहीं कराए गए। एक प्रोजेक्ट पास हुआ। मगर, वन विभाग की आपत्ति के बाद काम ठप है। नदी इस बार फिर तेजी से भूकटान कर रही है। इसमें कई लोगों के खेत नदी में समा चुके है। शारदा के मुहाने पर होने से गांव को खतरा बढ़ता जा रहा है। गांव चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कालोनी नंबर छह के लोग भी दहशत मेें है। राहुलनगर और आसपास के लोगों को पुनर्वासन के तहत भूमि पर मालिकाना हक न मिलने से रोष व्यक्त किया गया। सभा के बाद डीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। देवाशीष राय, देवीदयाल, नगीना, प्रहलाद, सईद अहमद खां ने विचार रखे।
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शारदा नदी से गांव राहुलनगर में लगातार कटान हो रहा है। इसके विरोध में सोमवार को भाकपा कार्यकर्ता प्रहलाद, रामभरोसे, सुदर्शन, छब्बू, मुन्नी देवी क्रमित अनशन पर बैठीं। इनके समर्थन में आसपास गांव के कई लोगों ने धरना दिया। इसमें भाकपा पदाधिकारियों की ओर से कहा गया कि शारदा नदी के कटान ने पिछले साल भी तबाही मचाई थी। सैकड़ों एकड़ गन्ना, हल्दी की फसलें बाढ़ की भेंट चढ़ गई। आठ घर नदी में समा गए थे। तब भी बचाव कार्य कराने का आश्वासन अफसरों ने दिया था। कई बार धरना प्रदर्शन के बाद भी बाढ़ राहत कार्य नहीं कराए गए। एक प्रोजेक्ट पास हुआ। मगर, वन विभाग की आपत्ति के बाद काम ठप है। नदी इस बार फिर तेजी से भूकटान कर रही है। इसमें कई लोगों के खेत नदी में समा चुके है। शारदा के मुहाने पर होने से गांव को खतरा बढ़ता जा रहा है। गांव चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कालोनी नंबर छह के लोग भी दहशत मेें है। राहुलनगर और आसपास के लोगों को पुनर्वासन के तहत भूमि पर मालिकाना हक न मिलने से रोष व्यक्त किया गया। सभा के बाद डीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। देवाशीष राय, देवीदयाल, नगीना, प्रहलाद, सईद अहमद खां ने विचार रखे।
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