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लंबे समय से जर्जर जहानाबाद- शाही लिंक मार्ग पर निकलना मुश्किल
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जहानाबाद। सड़कों को दुरुस्त करने को लेकर अफसर भले ही बड़े-बड़े दावे कर अपनी पीट थपथपा रहे हों, लेकिन धरातल पर स्थिति बदतर है। यही वजह है कि जहानाबाद से शाही जाने वाले पांच किमी लंबे लिंक मार्ग की लंबे समय बाद भी स्थिति नहीं सुधर सकी है। आलम यह है कि बरसात के चलते मार्ग पर गहरे गड्ढों के साथ जलभराव भी होने लगा है। गड्ढों का आकलन न होने के चलते वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं।
सड़कों के सुधार के लिए शासन स्तर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे है। इसको कार्य की हकीकत परखने के लिए साफ्टवेयर के जरिए फीडबैक भी ली जा रही है, लेकिन इसके बावजूद अफसर लापरवाह बने हुए है। जहानाबाद से शाही जाने वाला लिंक मार्ग पिछले कई सालों से जर्जर स्थिति में है। मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए है। इसको दुरुस्त करने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार अफसरों व जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया, लेकिन सुनवाई का कोई असर नहीं हो सका। मजबूर क्षेत्रीय लोग रास्ता खराब होने के चलते 25 किमी लंबी दूरी तय कर जहानाबाद पहुंच रहे है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि शाही लिंक मार्ग आरईएस के अधीन है। मार्ग का टेंडर हो चुका हो, बजट आवंटन न होने के चलते कार्य नहीं हो सका है।
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सड़कों के सुधार के लिए शासन स्तर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे है। इसको कार्य की हकीकत परखने के लिए साफ्टवेयर के जरिए फीडबैक भी ली जा रही है, लेकिन इसके बावजूद अफसर लापरवाह बने हुए है। जहानाबाद से शाही जाने वाला लिंक मार्ग पिछले कई सालों से जर्जर स्थिति में है। मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए है। इसको दुरुस्त करने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार अफसरों व जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया, लेकिन सुनवाई का कोई असर नहीं हो सका। मजबूर क्षेत्रीय लोग रास्ता खराब होने के चलते 25 किमी लंबी दूरी तय कर जहानाबाद पहुंच रहे है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि शाही लिंक मार्ग आरईएस के अधीन है। मार्ग का टेंडर हो चुका हो, बजट आवंटन न होने के चलते कार्य नहीं हो सका है।
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