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पुलिस बताकर घुसे सशस्त्र बदमाशों ने की लूटपाट
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पूरनपुर। क्षेत्र के एक गांव में नकाबपोश बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर तीन घरों में घुस गए। इसके बाद परिवारों को बंधक बनाकर मारपीट की और नकदी-जेवर लूटकर भाग निकले। ग्रामीणों की ओर से गश्त कर रही पुलिस को व्हाट्सएप पर सूचना दी गई। मगर पुलिस घटना को छिपाने के लिए अंजान बनी रही। रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर संज्ञान में होने से ही इनकार कर दिया।
घटना रविवार रात कोतवाली क्षेत्र के गांव धर्मापुर में हुई। गांव के बाहर झोपड़ी डालकर रहने वाले गिरधारी लाल ने बताया कि वह पत्नी माया देवी के साथ खाना खाकर सोने चले गए। रात करीब एक बजे कुत्तों के भौंकने लगे तो वह जाग गए और बाहर निकले। वहां पांच नकाबपोश बदमाश खड़े दिखाई दिए। पूछने पर उन्होंने खुद को पुलिस वाला बताया। इसके बाद घर के भीतर आकर दंपती को तमंचा तानकर साड़ी और गमछे से बंधक बना लिया। मारपीट कर बदमाश दो हजार रुपये, 250 ग्राम चांदी, सोने के कुछ जेवर और बक्शे में रखे कपड़े, बैट्रा, सोलर पैनल, टार्च भी ले गए। जाते वक्त बदमाशों ने शोर मचाने जान से मार देने की धमकी दी। किसी तरह दंपती ने खुद को बंधनमुक्त किया। इसके बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक खेत में लल्लूराम और उनकी पत्नी गुड्डी देवी रहते हैं। इसमें कोई दरवाजा नहीं लगा है। रात करीब दो बजे नकाबपोश बदमाश उनके यहां जा धमके और दंपती को साड़ी से हाथ पैर बांधकर आठ हजार रुपये, सोने के झाले, नाक का फूल, कुंडल, पायल और मोबाइल लूट ले गए। इसके बाद बदमाश गांव के ही डोरीलाल के यहां भी पुलिस वाला बताकर घुसे। यहां से पांच हजार रुपये, कुंडल, नाक का फूल, पायल लूट लिए और धमकी देकर भाग गए। घटना का पता लगते ही गांव में शोर मच गया। सोमवार को दिन भर घटना से ग्रामीण दहशत में दिखाई दिए, वहीं पुलिस पूरी तरह से अंजान बनकर लूटपाट को छिपाती दिखी। पीड़ित गिरधारीलाल और लल्लूराम का कहना है कि उनके गांव में पुलिस गश्त पर आई थी, तो उनको सूचना दे दी गई थी। इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए भी तहरीर उन्हीं पुलिस वालों को दे दी थी। प्रधान राधेश्याम ने भी घटना की पुष्टि की है।
लूटपाट की कोई सूचना या फिर तहरीर कोतवाली में नहीं दी गई है, न ही 112 नंबर पर कोई ऐसी सूचना आई। गांव में पुलिस भेजकर इसकी जानकारी कराई जाएगी। अगर घटना हुई तो तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज होगी और कार्रवाई कराएंगे।
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- एसके सिंह, कोतवाल
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घटना रविवार रात कोतवाली क्षेत्र के गांव धर्मापुर में हुई। गांव के बाहर झोपड़ी डालकर रहने वाले गिरधारी लाल ने बताया कि वह पत्नी माया देवी के साथ खाना खाकर सोने चले गए। रात करीब एक बजे कुत्तों के भौंकने लगे तो वह जाग गए और बाहर निकले। वहां पांच नकाबपोश बदमाश खड़े दिखाई दिए। पूछने पर उन्होंने खुद को पुलिस वाला बताया। इसके बाद घर के भीतर आकर दंपती को तमंचा तानकर साड़ी और गमछे से बंधक बना लिया। मारपीट कर बदमाश दो हजार रुपये, 250 ग्राम चांदी, सोने के कुछ जेवर और बक्शे में रखे कपड़े, बैट्रा, सोलर पैनल, टार्च भी ले गए। जाते वक्त बदमाशों ने शोर मचाने जान से मार देने की धमकी दी। किसी तरह दंपती ने खुद को बंधनमुक्त किया। इसके बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक खेत में लल्लूराम और उनकी पत्नी गुड्डी देवी रहते हैं। इसमें कोई दरवाजा नहीं लगा है। रात करीब दो बजे नकाबपोश बदमाश उनके यहां जा धमके और दंपती को साड़ी से हाथ पैर बांधकर आठ हजार रुपये, सोने के झाले, नाक का फूल, कुंडल, पायल और मोबाइल लूट ले गए। इसके बाद बदमाश गांव के ही डोरीलाल के यहां भी पुलिस वाला बताकर घुसे। यहां से पांच हजार रुपये, कुंडल, नाक का फूल, पायल लूट लिए और धमकी देकर भाग गए। घटना का पता लगते ही गांव में शोर मच गया। सोमवार को दिन भर घटना से ग्रामीण दहशत में दिखाई दिए, वहीं पुलिस पूरी तरह से अंजान बनकर लूटपाट को छिपाती दिखी। पीड़ित गिरधारीलाल और लल्लूराम का कहना है कि उनके गांव में पुलिस गश्त पर आई थी, तो उनको सूचना दे दी गई थी। इसके अलावा व्हाट्सएप के जरिए भी तहरीर उन्हीं पुलिस वालों को दे दी थी। प्रधान राधेश्याम ने भी घटना की पुष्टि की है।
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लूटपाट की कोई सूचना या फिर तहरीर कोतवाली में नहीं दी गई है, न ही 112 नंबर पर कोई ऐसी सूचना आई। गांव में पुलिस भेजकर इसकी जानकारी कराई जाएगी। अगर घटना हुई तो तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज होगी और कार्रवाई कराएंगे।
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- एसके सिंह, कोतवाल