{"_id":"a62ff62e9f5eb3d9f946799f87c216a1","slug":"chairman-sanjay-amitabh-secretary-elected-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संजय अध्यक्ष, अमिताभ महासचिव निर्वाचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संजय अध्यक्ष, अमिताभ महासचिव निर्वाचित
पूरनपुर/पीलीभीत
Updated Thu, 12 Feb 2015 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी को हराकर संजय सक्सेना अध्यक्ष, अमिताभ मिश्र महासचिव, प्रिंस पांडेय और विनोद कुमार कनिष्ठ उपाध्यक्ष जूनियर, हरिओम सक्सेना संयुक्त सचिव पुस्तकालय, प्रदीप कुमार सक्सेना कोषाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। संजय सक्सेना पांचवी बार अध्यक्ष चुने गए हैं।
चुनाव अधिकारी इफ्तखार खान ने बताया कि बुधवार को हुए चुनाव में 241 वोटरों में 240 ने मतदान किया। अध्यक्ष पद पर संजय सक्सेना ने 149 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदी रजनीश कुमार को 59 वोटों से पराजित किया। एक मत निरस्त हुआ। महासचिव पद पर अमिताभ मिश्र ने 135 वोट प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नवल किशोर वर्मा को 31 मतों से पराजित किया। एक वोट निरस्त हुआ। कनिष्ठ उपाध्यक्ष जूनियर के दो पदों पर प्रिंस कुमार पांडेय ने 129 और विनोद कुमार वर्मा ने 111 मत प्राप्त कर जीत हासिल की।
निकटतम प्रतिद्वंदी रहे अनुराग पांडेय को 107 और महेंद्र सिंह को 95 वोट मिले। पांच मत निरस्त हुए। संयुक्त सचिव पुस्तकालय पद पर हरिओम सक्सेना ने 139 मत प्राप्त कर मोहम्मद आरिफ को 41 मतों के अंतर से पराजित किया। तीन मत निरस्त हुए। कोषाध्यक्ष पद पर प्रदीप कुमार सक्सेना ने 173 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदी के नरायण मिश्रा को 111 मतों से हराया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष का एकल नामांकन होने पर विश्वनाथ शुक्ला पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे।
विज्ञापन
नाम वापसी के बाद कनिष्ठ उपाध्यक्ष सीनियर के दो पदों पर संजय पांडेय, राजेश कुमार पांडेय, संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर अरजिंदर सिंह महल, संयुक्त सचिव प्रकाशन पद पर अजीव कुमार मिश्रा और सदस्य कार्यकारिणी जूनियर के छह पदों पर मोहम्मद यूनुस खां, देवकांत शुक्ला, मुरारी श्रीवास्तव, सुनील कुमार वर्मा, नवीन प्रकाश, छोटे लाल सागर भी निर्विरोध चुने गए थे। इससे पहले वेद प्रकाश पांडेय एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। वे इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतरे थे। संजय सक्सेना इससे पहले भी चार बार अध्यक्ष रह चुके हैं।
मुंसिफ कोर्ट की स्थापना का होगा प्रयास
नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सक्सेना ने कहा कि पूरनपुर में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना कराने का प्रयास होगा। इसके लिए एक कमेटी का गठन होगा। जिसमें सीनियर और जूनियर वकील शामिल होंगे। वकीलों, वादकारियों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा।
विज्ञापन
चुनाव अधिकारी इफ्तखार खान ने बताया कि बुधवार को हुए चुनाव में 241 वोटरों में 240 ने मतदान किया। अध्यक्ष पद पर संजय सक्सेना ने 149 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदी रजनीश कुमार को 59 वोटों से पराजित किया। एक मत निरस्त हुआ। महासचिव पद पर अमिताभ मिश्र ने 135 वोट प्राप्त कर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नवल किशोर वर्मा को 31 मतों से पराजित किया। एक वोट निरस्त हुआ। कनिष्ठ उपाध्यक्ष जूनियर के दो पदों पर प्रिंस कुमार पांडेय ने 129 और विनोद कुमार वर्मा ने 111 मत प्राप्त कर जीत हासिल की।
विज्ञापन
निकटतम प्रतिद्वंदी रहे अनुराग पांडेय को 107 और महेंद्र सिंह को 95 वोट मिले। पांच मत निरस्त हुए। संयुक्त सचिव पुस्तकालय पद पर हरिओम सक्सेना ने 139 मत प्राप्त कर मोहम्मद आरिफ को 41 मतों के अंतर से पराजित किया। तीन मत निरस्त हुए। कोषाध्यक्ष पद पर प्रदीप कुमार सक्सेना ने 173 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदी के नरायण मिश्रा को 111 मतों से हराया। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष का एकल नामांकन होने पर विश्वनाथ शुक्ला पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे।
विज्ञापन
नाम वापसी के बाद कनिष्ठ उपाध्यक्ष सीनियर के दो पदों पर संजय पांडेय, राजेश कुमार पांडेय, संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर अरजिंदर सिंह महल, संयुक्त सचिव प्रकाशन पद पर अजीव कुमार मिश्रा और सदस्य कार्यकारिणी जूनियर के छह पदों पर मोहम्मद यूनुस खां, देवकांत शुक्ला, मुरारी श्रीवास्तव, सुनील कुमार वर्मा, नवीन प्रकाश, छोटे लाल सागर भी निर्विरोध चुने गए थे। इससे पहले वेद प्रकाश पांडेय एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। वे इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतरे थे। संजय सक्सेना इससे पहले भी चार बार अध्यक्ष रह चुके हैं।
मुंसिफ कोर्ट की स्थापना का होगा प्रयास
नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय सक्सेना ने कहा कि पूरनपुर में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना कराने का प्रयास होगा। इसके लिए एक कमेटी का गठन होगा। जिसमें सीनियर और जूनियर वकील शामिल होंगे। वकीलों, वादकारियों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराया जाएगा।