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Pilibhit News: गोमती नदी के संरक्षण के लिए पंचायतों को गोद लेने की मुहिम शुरू
Tue, 18 Jun 2024 02:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 18 Jun 2024 02:46 AM IST
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गोमती नदी का उद्धगम स्थल । संवाद
कलीनगर। गोमती नदी को साफ-सुथरा रखने, पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण करने के साथ ही अविरल धारा बहाने के सफल प्रयास करने के लिए नदी की सीमा में पड़ने वाले गांवों को गोद लेने की मुहिम शुरू की गई है। इसके लिए एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने पत्र जारी कर सरकारी और गैर सरकारी संगठन, विभाग और व्यापारिक संगठनों से जुड़े लोगों से आगे आने की अपील की है।
पत्र में गोमती नदी और घाटों के बेहतर संरक्षण पर जोर दिया है। पत्र में कहा गया है कि जनपद सीमा में बहने वाली गोमती नदी की धारा, उसमें पाए जाने वाले जलीय जीवों के अलावा पर्यावरण की दिशा में बेहतर प्रयास करने के लिए नदी की सीमा में पड़ने वाली ग्राम पंचायतों को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, व्यापारिक संगठन और विभागों के व्यक्तियों को आगे आने की जरूरत है।
गोद लेने से चिह्नित स्थल की नियमित साफ-सफाई होने के साथ गोमती नदी के प्रवाह को अविरल बनाने के लिए भी बाह्य स्रोत से निरंतर जलापूर्ति का भी ध्यान रखा जा सकेगा। गोमती नदी के प्रवाह क्षेत्र के दोनों ओर पौधारोपण करने के साथ ही रोपित पौधों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा। नदी क्षेत्र में पॉलीथिन और कूड़ा करकट आदि न प्रवाहित करने के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
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जलीय जीवों के संरक्षण के लिए स्थानीय किसानों को रसायनिक खादों एवं हानिकारक रसायनों का प्रयोग न करने के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। स्थानीय युवक-युवतियों के सहयोग से गोमती सेवा दल का गठन करने के साथ सांस्कृतिक एवं खेलकूद के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य है। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि नदी के संरक्षण के लिए लोगों के जुड़ने की जरूरत है।
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पत्र में गोमती नदी और घाटों के बेहतर संरक्षण पर जोर दिया है। पत्र में कहा गया है कि जनपद सीमा में बहने वाली गोमती नदी की धारा, उसमें पाए जाने वाले जलीय जीवों के अलावा पर्यावरण की दिशा में बेहतर प्रयास करने के लिए नदी की सीमा में पड़ने वाली ग्राम पंचायतों को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, व्यापारिक संगठन और विभागों के व्यक्तियों को आगे आने की जरूरत है।
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गोद लेने से चिह्नित स्थल की नियमित साफ-सफाई होने के साथ गोमती नदी के प्रवाह को अविरल बनाने के लिए भी बाह्य स्रोत से निरंतर जलापूर्ति का भी ध्यान रखा जा सकेगा। गोमती नदी के प्रवाह क्षेत्र के दोनों ओर पौधारोपण करने के साथ ही रोपित पौधों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा। नदी क्षेत्र में पॉलीथिन और कूड़ा करकट आदि न प्रवाहित करने के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
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जलीय जीवों के संरक्षण के लिए स्थानीय किसानों को रसायनिक खादों एवं हानिकारक रसायनों का प्रयोग न करने के संबंध में भी जागरूक किया जाएगा। स्थानीय युवक-युवतियों के सहयोग से गोमती सेवा दल का गठन करने के साथ सांस्कृतिक एवं खेलकूद के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य है। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि नदी के संरक्षण के लिए लोगों के जुड़ने की जरूरत है।