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Pilibhit News: विधानसभा उपचुनाव और कुंभ में जाएंगी बसें, बढ़ेंगी यात्रियों की मुश्किलें
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पीलीभीत का रोडवेज बस स्टैंड का फाइल फोटो।
पीलीभीत। मुरादाबाद उपचुनाव में पीलीभीत डिपाे की तीन बसें चली गई हैं। कुंभ मेले में भी स्थानीय डिपो से बसों को भेजा जाना है। बसों के जाने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। सबसे ज्यादा दिक्कत स्थानीय मार्गाें के यात्रियों को होगी। लंबी दूरी मार्ग के यात्री भी परेशान होंगे।
स्थानीय डिपो से 104 बसों का संंचालन किया जा रहा है। इसमें नौ अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। डिपो से दिल्ली मार्ग पर यात्रियों को संख्या देखते हुए 40 बसों का संचालन किया जा रहा है। अन्य बसों का संचालन स्थानीय और अन्य मार्गाें पर किया जाता है।
प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और सुविधा के लिए पीलीभीत डिपो से 70 बसों की मांग की गई है। अगर 70 बसें भेजी गईं तो यहां महज 34 बसें ही रह जाएंगी। इनमें भी तीन बसों को मुरादाबाद के उपचुनाव में भेजा जा चुका है।
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शेष 31 बसों से ही यहां के यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। ऐसे में स्थानीय मार्ग पर यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। हालांकि विभाग यहां से कुछ ही बसों के भेजने का दावा कर रहा है। जिससे यात्रियों को दिक्कत न हो।
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स्थानीय मार्गों पर होगी सबसे ज्यादा दिक्कत
बीसलपुर, पूरनपुर, अमरिया आदि स्थानीय मार्गों पर वैसे ही रोडवेज बसों की किल्लत रहती है। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। बसों को कुंभ मेले में जाने से इन मार्गाें पर आवागमन की स्थिति और भी खराब हो जाएगी। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सबसे दिक्कतों का सामना करना होगा। डग्गामार वाहनों की मनमानी बढ़ेगी।
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कुंभ मेले के लिए 70 बसों की मांग की गई है। बसों के जाने से यहां का संचालन प्रभावित होगा। यहां से बसों की संख्या को लेकर अधिकारियों से बात की जा रही है, जिससे यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
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स्थानीय डिपो से 104 बसों का संंचालन किया जा रहा है। इसमें नौ अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। डिपो से दिल्ली मार्ग पर यात्रियों को संख्या देखते हुए 40 बसों का संचालन किया जा रहा है। अन्य बसों का संचालन स्थानीय और अन्य मार्गाें पर किया जाता है।
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प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और सुविधा के लिए पीलीभीत डिपो से 70 बसों की मांग की गई है। अगर 70 बसें भेजी गईं तो यहां महज 34 बसें ही रह जाएंगी। इनमें भी तीन बसों को मुरादाबाद के उपचुनाव में भेजा जा चुका है।
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शेष 31 बसों से ही यहां के यात्रियों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। ऐसे में स्थानीय मार्ग पर यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। हालांकि विभाग यहां से कुछ ही बसों के भेजने का दावा कर रहा है। जिससे यात्रियों को दिक्कत न हो।
स्थानीय मार्गों पर होगी सबसे ज्यादा दिक्कत
बीसलपुर, पूरनपुर, अमरिया आदि स्थानीय मार्गों पर वैसे ही रोडवेज बसों की किल्लत रहती है। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। बसों को कुंभ मेले में जाने से इन मार्गाें पर आवागमन की स्थिति और भी खराब हो जाएगी। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सबसे दिक्कतों का सामना करना होगा। डग्गामार वाहनों की मनमानी बढ़ेगी।
कुंभ मेले के लिए 70 बसों की मांग की गई है। बसों के जाने से यहां का संचालन प्रभावित होगा। यहां से बसों की संख्या को लेकर अधिकारियों से बात की जा रही है, जिससे यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम