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Pilibhit News: पांच साल में भी नहीं बदला जा सका बिजली का टूटा खंभा
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बीसलपुर के गांव परेवा में लकड़ी के सहारे रोका गया टूटा पोल । संवाद
बीसलपुर। ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनदेखी से गांव परेवा में बिजली का क्षतिग्रस्त खंभा पांच वर्ष बाद भी बदला नहीं जा सका है। कर्मचारियों ने लकड़ी लगाकर टूटे खंभे को रोका हुआ है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है।
परेवा के प्रधान आकाश कमल मिश्रा ने बताया कि उनके गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व ट्रक की चपेट में आकर बिजली का सीमेंट का खंभा क्षतिग्रस्त हो गया था। सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त खंभे को रोकने के लिए उसके पास में एक मोटी और मजबूत लकड़ी लगा दी। इससे क्षतिग्रस्त खंभे की रोकथाम तो हो गई, लेकिन खतरा नहीं टला।
नियमानुसार क्षतिग्रस्त खंभे के माध्यम से विद्युत आपूर्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गांव में जब बिजली होती है, तब ग्रामीण इस क्षतिग्रस्त खंभे से काफी दूरी बनाकर गुजरते हैं। खंभा न बदले जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
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इस बीच जागरूक लोगों ने विद्युत निगम के अधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में अधिकारियोंं के प्रति रोष है।
उर्जा निगम के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं था। अब संज्ञान में आ गया है। अब इस समस्या का अतिशीघ्र निस्तारण कराया जाएगा।
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परेवा के प्रधान आकाश कमल मिश्रा ने बताया कि उनके गांव में करीब पांच वर्ष पूर्व ट्रक की चपेट में आकर बिजली का सीमेंट का खंभा क्षतिग्रस्त हो गया था। सूचना मिलने पर ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त खंभे को रोकने के लिए उसके पास में एक मोटी और मजबूत लकड़ी लगा दी। इससे क्षतिग्रस्त खंभे की रोकथाम तो हो गई, लेकिन खतरा नहीं टला।
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नियमानुसार क्षतिग्रस्त खंभे के माध्यम से विद्युत आपूर्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन यहां इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गांव में जब बिजली होती है, तब ग्रामीण इस क्षतिग्रस्त खंभे से काफी दूरी बनाकर गुजरते हैं। खंभा न बदले जाने से ग्रामीण दहशत में हैं।
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इस बीच जागरूक लोगों ने विद्युत निगम के अधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में अधिकारियोंं के प्रति रोष है।
उर्जा निगम के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं था। अब संज्ञान में आ गया है। अब इस समस्या का अतिशीघ्र निस्तारण कराया जाएगा।