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चार महीने में ही सूख गई स्कूलों में ‘बिटिया की बगिया’
Thu, 16 Dec 2021 01:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
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Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 16 Dec 2021 01:38 AM IST
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पीलीभीत। बेसिक स्कूलों को हरा-भरा रखने और मिड डे मील में उपयोग होने वाली सब्जियां उगाने के लिए चार महीने पहले स्कूलों में बनाई गईं बिटिया की बगिया या यूं कहें पोषण वाटिका अधिकतर स्कूलों में हैं ही नहीं। डीएम के निर्देश पर जब स्कूलों का निरीक्षण कराया गया तो हकीकत सामने आ रही है। कई स्कूलों में बगिया नहीं मिली और जहां थी वहां बस नाम की। बुधवार को बीएसए के निरीक्षण में जब ऐसे तस्वीर सामने आई तो उन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के वेतन रोक दिए गए।
शासन के निर्देश पर जिले के करीब डेढ़ हजार बेसिक स्कूलों में बिटिया की बगिया बननी थी। एक दिन में ही दो सौ से ज्यादा बगिया बनाई थी। मंगलवार को डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर बगियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। बुधवार से निरीक्षण शुरू हुए तो हकीकत सामने आने लगी। अधिकतर स्कूलों में सिर्फ कागजों पर बगिया हरी भरी दिख रही है।
कहीं शिक्षक नहीं तो कहीं बच्चे कम, कई जगह मिली गंदगी
बीएसए टीम के साथ बरखेड़ा के नारायणपुर कंपोजिट स्कूल पहुंचे। 225 की जगह महज 84 बच्चे मिले। न शिक्षक डायरी पूरी थी और न टाइम टेबल। प्रधानाध्यापक सरोजनी, सहायक अध्यापक सरिता, पिंकी के साथ मैदान में धूप में बैठी थी। पोषण वाटिका के बारे में पूछा तो जवाब नहीं दे पाई। तीनों का वेतन रोका गया। कंपोजिट स्कूल अरोड़ा में हेड नीतू शर्मा सीसीएल पर थी। प्रभारी इंचार्ज मोहम्मद इरशाद ने चार्ज नहीं लिया। कैंपस काफी गंदा था। पोषण वाटिका नहीं थी। दोनों का वेतन रोका। प्राथमिक विद्यालय ईटगांव बिलसंडा में प्रधानाध्यापक कक्ष के पीछे ही गंदगी के ढेर लगे थे। पोषण वाटिका यहां भी नहीं मिली। हेड राकेश का वेतन रोका गया। बबरोली कंपोजिट स्कूल में शौचालय बदहाल मिला। यहां भी पोषण वाटिका नहीं मिली।
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स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है, बुधवार को कुछ स्कूलों में बिटिया की बगिया नहीं मिलीं। प्रधानाध्यापकों के वेतन रोके गए हैं। जिन स्कूलों में बगिया नहीं होगी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रकेश सिंह, बीएसए
जिन स्कूलों में बिटिया की बगिया नहीं मिल रही हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
- पुलकित खरे, डीएम
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शासन के निर्देश पर जिले के करीब डेढ़ हजार बेसिक स्कूलों में बिटिया की बगिया बननी थी। एक दिन में ही दो सौ से ज्यादा बगिया बनाई थी। मंगलवार को डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर बगियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए थे। बुधवार से निरीक्षण शुरू हुए तो हकीकत सामने आने लगी। अधिकतर स्कूलों में सिर्फ कागजों पर बगिया हरी भरी दिख रही है।
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कहीं शिक्षक नहीं तो कहीं बच्चे कम, कई जगह मिली गंदगी
बीएसए टीम के साथ बरखेड़ा के नारायणपुर कंपोजिट स्कूल पहुंचे। 225 की जगह महज 84 बच्चे मिले। न शिक्षक डायरी पूरी थी और न टाइम टेबल। प्रधानाध्यापक सरोजनी, सहायक अध्यापक सरिता, पिंकी के साथ मैदान में धूप में बैठी थी। पोषण वाटिका के बारे में पूछा तो जवाब नहीं दे पाई। तीनों का वेतन रोका गया। कंपोजिट स्कूल अरोड़ा में हेड नीतू शर्मा सीसीएल पर थी। प्रभारी इंचार्ज मोहम्मद इरशाद ने चार्ज नहीं लिया। कैंपस काफी गंदा था। पोषण वाटिका नहीं थी। दोनों का वेतन रोका। प्राथमिक विद्यालय ईटगांव बिलसंडा में प्रधानाध्यापक कक्ष के पीछे ही गंदगी के ढेर लगे थे। पोषण वाटिका यहां भी नहीं मिली। हेड राकेश का वेतन रोका गया। बबरोली कंपोजिट स्कूल में शौचालय बदहाल मिला। यहां भी पोषण वाटिका नहीं मिली।
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स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है, बुधवार को कुछ स्कूलों में बिटिया की बगिया नहीं मिलीं। प्रधानाध्यापकों के वेतन रोके गए हैं। जिन स्कूलों में बगिया नहीं होगी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रकेश सिंह, बीएसए
जिन स्कूलों में बिटिया की बगिया नहीं मिल रही हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
- पुलकित खरे, डीएम